Thursday, January 20, 2011

लाल चौक पर तिरंगा तो फहराएंगे- भाजपा

कश्मीर में तिरंगा फहराने को लेकर राजनीति गर्माती जा रही है. भाजपा ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि उसे तिरंगा फहराने का अधिकार है. लेकिन अब्दुल्ला ने कहा कि वो प्रदेश का माहौल बिगड़ने नहीं देंगे.
जम्मू-कश्मीर में भाजपा की तिरंगा यात्रा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. तिरंगा फहराने पर भाजपा अडिग है. वहीं कांग्रेस इसकी आलोचना में जुट गयी है.

जम्मू-कश्मीर में लाल चौक पर बीजेपी ने तिरंगा फहराने के लिए सर पर कफन बांध रखा है. पूरा देश भाजपा के समर्थन में जुट रहा है. भाजपा इस फैसले से किसी भी कीमत पर हटने को तैयार नहीं है.

गुरुवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर आए राजनाथ सिंह ने इंदौर में कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान व शान का प्रतीक है. इसे फहराने से अगर कोई बाधक बनता है तो उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए.

वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने भाजपा की तिरंगा यात्रा को कश्मीर में अशांति फैलाने की प्रयास बताया है.
सूत्रों के मुताबिक दूसरी तरफ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में फैसला किया गया कि ऐसे किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे राज्य में शांतिपूर्ण माहौल खराब होने का डर हो.
राज्य सरकार ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी उपाय किए जाएं.

वहीं जम्मू कश्मीर की पेंथर पार्टी ने कहा है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से लाल चौक पर झंडा फहराने की योजना का विरोध नहीं करेगी. गुरुवार को शिमला पहुंचे पेंथर पार्टी के महासचिव सईद रफीक शाह ने कहा कि भाजयुमो की इस योजना से उन्हें हैरानी हुई है.

रफीक शाह ने जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि लाल चौक पर तिरंगा फहराना कोई बड़ी बात नहीं है. कश्मीर के लोग राज्य के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर हर साल गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराते हैं. भाजयुमो ने इस बार तिरंगा फहराने के लिए लाल चौक को चुना है. इस योजना का उनकी पार्टी विरोध नहीं करेगी.
उल्लेखनीय है कि बीजेपी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने 26 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का ऐलान किया है. इसके लिए राष्ट्रीय एकता यात्रा (तिरंगा यात्रा) भी निकाली जा रही है.
पिछले दिनों नई दिल्ली गए उमर अब्दुल्लाह ने केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम और सत्ताधारी यूपीए गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और इस बारे में चर्चा की. मुख्यमंत्री ने भाजपा से कहा है कि वह लाल चौक पर तिरंगा फहराने की अपनी योजना छोड़ दे.
 

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