जयपुर/झुंझुनूं। झुंझुनूं की पहली महिला कलेक्टर मुग्धा सिन्हा के तबादले के बाद विधायक और कलेक्टर में जबानी जंग छिड़ गई है। सूरजगढ़ के विधायक श्रवण कुमार का कहना है कि उन्होंने ही सिन्हा का तबादला करवाया है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री और शासन सचिव से मिला था। मुख्यमंत्री हमारे लीडर हैं और हम उनके आदेश का पालन करने वाले हैं। विधायक ने कहा कि कलेक्टर का काम करने का तरीका सही नहीं था। वे बनते काम को भी बीच में लटका देती थीं। कलेक्टर जिले का ‘फेस’ होता है। उसे सांसद, विधायक, चेयरमैन और सरपंचों की बात सुननी ही पड़ती है। पर सिन्हा कहती थीं कि नेता कौन होते हैं।
एक-दो लोगों का काम करने नहीं आई थी : मुग्धा
मुझे तो काम करना है, इधर करा लो या उधर। परेशान तो वो होते हैं, जो पैसा कमा रहे हो या जिनका परिवार हो, मेरे पास तो कुछ भी नहीं। मैं ऐसी ही हूं, जिद्दी स्वभाव की। मैं अपने हिसाब से काम करती हूं। ना हम किसी के पैर पकड़ते हैं ना नोटों का बक्सा देते हैं। मैं एक दो लोगों के काम करने नहीं आई। हवा में बातें करना मेरा स्टाइल नहीं है। हो सकता है कुछ लोगों को इससे दिक्कत हुई हो। मैं सभ्यता से बात करती हूं, असभ्यता बर्दाश्त नहीं कर सकती।
जब मैं झुंझुनूं आई तो जनता की वाइस दबी हुई थी। कोई रिस्पांस टाइम नहीं था। सारे काम रुटीन की तरह होते थे। मैंने इम्पार्सेलिटी से काम किया। डेली जनता को सुना। केबिन में बुलाने की बजाए बाहर बैठे लोगों के बीच में जाकर उनकी बात सुनी इससे टाइम बचा। मेरा मानना है कि ऑफिस टाइम केवल जनता को सुनने के लिए ही होना चाहिए। मुझे जनता से बहुत अच्छी तरह स्वीकार किया।
कलेक्टर के पक्ष में उतरी जनता, बंद की घोषणा
महज साढ़े चार माह में राजनीतिक कारणों से मुग्धा का तबादला झुंझुनूं की जनता को रास नहीं आ रहा। कई संगठनों ने इसका विरोध किया। राष्ट्रीय जन अत्याचार निवारण समिति ने कलेक्टर का तबादला रद्द करने की मांग करते हुए सीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपे, वहीं मंगलवार को नवलगढ़ और मंडावा बंद की घोषणा भी कर दी। नागौर कलेक्टर समित शर्मा के तबादले के बाद भी वहां के लोग सड़कों पर उतर गए थे।
समिति के मंडावा अध्यक्ष राजकुमार सैनी ने बताया कि कस्बे के कई संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है। इधर बुधवार को विभिन्न संगठन झुंझुनूं बंद की घोषणा भी कर सकते हैं। मंगलवार को झुंझुनूं के शिक्षक भवन में सुबह 11 बजे विभिन्न संगठनों की बैठक होगी, जिसमें कलेक्टर के तबादले पर चर्चा कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इधर जिला उप प्रमुख विद्याधरसिंह गिल ने कहा है कि बुधवार को जिले के काफी लोग उनके नेतृत्व में जयपुर में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इधर झुंझुनूं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विजय ओला ने कहा है कि कलेक्टर का तबादला राजनीतिक कारणों से हुआ है, जिसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। उदयपुरवाटी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सर्राफ ने भी राजनीतिक कारणों से कलेक्टर के तबादले की निंदा करते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।
पाषर्द महेश जीनगर ने मुख्यमंत्री को भेजे फैक्स में लिखा कि एक ईमानदार और काम करने वाले कलेक्टर का राजनीतिक कारणों से तबादला गलत है। इससे अच्छे अधिकारियों का मनोबल टूटेगा। नवलगढ़. राष्ट्रीय जन अत्याचार निवारण समिति ने जिला कलेक्टर मुग्धासिन्हा का तबादला निरस्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को नवलगढ़ बंद की घोषणा की है। समिति ने इसके लिए एसडीएम राजपालसिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर तबादला निलंबित कराने की मांग की।
जिलाध्यक्ष मनु महेंद्र के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन के अनुसार जिला कलेक्टर मुग्धा सिन्हा पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रही थीं। कलेक्टर ने भ्रष्टाचार मिटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सरकार ने तबादला कर दिया। समिति ने सरकार के निर्णय की निंदा की है। जिलाध्यक्ष ने नवलगढ़ बंद के लिए व्यापारियों व शिक्षण संस्थाओं से सहयोग मांगा है। ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र शर्मा, अनिल पारीक, भूवेंद्रसिंह आदि शामिल थे।सूरजगढ़. चेयरमैन सुरेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कलेक्टर मुग्धा सिन्हा का तबादला निरस्त करने की मांग की है। शर्मा ने पत्र में उल्लेख किया है कि कलेक्टर सिन्हा के झुंझुनू में आने के बाद महिलाओं पर अन्याय व अत्याचार पर अंकुश लगा। साथ ही अपराधियों, भूमाफियों व चाटुकारों में भय पैदा हुआ। कलेक्टर ने आम जन की समस्या सुनकर मौके पर ही उनका समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाई।
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