Wednesday, January 26, 2011

उसे चोट पहुंचाना चाहता था, मारना नहीं: उत्सव शर्मा

गाजियाबाद।। 'मैंने उसे 'हिट' किया क्योंकि मैं उसे चोट पहुंचाना चाहता था, मारना नहीं।' यही वह पहले शब्द थे जो डॉक्टर राजेश तलवार पर हमला करने के बाद गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों की गिरफ्त में आने पर उत्सव ने बोले थे।

आरुषि हत्याकांड की क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार पर उत्सव ने उस समय हमला कर दिया था जब वह कोर्ट परिसर से बाहर आ रहे थे।

30 वर्षीय शर्मा का शैक्षणिक रिकॉर्ड बढ़िया रहा है और सीनियर पुलिस ऑफिसर्स का कहना है कि यह हमला उसने केवल आकर्षण का केंद्र बनने के लिए किया। उसका तलवार को मार डालने का कोई इरादा नहीं था। वह केवल आरुषि हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की 'स्लो प्रोग्रेस' से चिढ़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, उत्सव की ओर से सब कुछ पूर्वनिर्धारित था। उत्सव हाई प्रोफाइल केसों पर पैनी नजर रखता था।

उत्सव के बारे में छानबीन करने पर पता चला कि 2009 में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ गैंगरेप होने का बाद एनआईडी कैंपस में वह इसी तरह हिंसात्मक हो गया था हालांकि तब उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया था।


अहमदाबाद के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइनिंग (एनआईडी) से फिल्म डिजाइनिंग और एनीमेशन में पोस्ट ग्रेजुएट उत्सव ने पुलिस को बताया कि उसने 21 जनवरी को तलवार पर हमला करने के प्लान बनाया जब वह प्रगति मैदान में चल रही आर्ट समिट देखने गया था।

गाजियाबाद के एसएसपी रघुवीर लाल ने बताया कि 21 जनवरी को उत्सव को पता चला कि 25 जनवरी को तलवार गाजियाबाद कोर्ट में आएगें और तभी उसने हमले का यह प्लान बनाया। वह चांदनी चौक गया और 250 रुपए का फरसा खरीदा। दिल्ली से गाजियाबाद बस में पहुंचा और चाय की दुकान पर बैठ कर उसने तलवार के कोर्ट से बाहर आने का इंतजार किया।

यहां बता दें कि उत्सव वही शख्स है जिसने रुचिका छेड़खानी और हत्याकांड के दोषी एसपीएस राठौड़ पर पिछले साल फरवरी में कुछ इसी तरह हमला किया था।

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