नई दिल्ली।। इंडिया अगेंस्ट करप्शन मुहिम के तहत देश भर में पीपल्स मार्च आयोजित किए गए। दिल्ली में रामलीला ग्राउंड से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च आयोजित किया गया। इसकी अगुवाई अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी और प्रशांत भूषण ने की।
इस अभियान में मुख्य भूमिका निभा रहीं देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने भ्रष्टाचारियों पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने कहा, 'देश बहुत अमीर है लेकिन जनता का पैसा विदेशी बैंको में जा रहा है, जिससे हम गरीब बने हुए हैं। हमारी असली कमाई कोई और खा रहा है।' किरण बेदी ने कहा, ' जस्टिस संतोष हेगड़े, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील प्रशांत भूषण, पूर्व चुनाव आयुक्त जे. एम लिंगदोह और आरटीआई ऐक्टिविस्ट अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टचार से लड़ने के लिए जन लोकपाले विधेयक का मसौदा तैयार किया है। इस लोकपाल विधेयक को संसद को पास करवाना होगा।'
अरविंद केजरीरवाल ने जन लोकपाल विधेयक की विशेषताएं बताईं और कहा कि यह सरकार द्वारा बनाए गए लोकपाल विधेयक की कमियों को दूर करता है। केजरीवाल ने कहा, 'प्रस्तावित कानून के बाद केंद्र में लोकपाल और राज्य में लोकायुक्त सरकार के अधीन नहीं होगे। एंटी करप्शन ब्यूरो और सीबीआई का विलय कर दिया जायेगा। लोकपाल और लोकायुक्तों को यह ताकत होगी कि वे भ्रष्ट लोगों को उनके पद से हटा सकें।' केजरीवाल ने कहा कि लोकपाल और लोकायुक्तों को किसी जज के खिलाफ जांच करने का और मुकदमा चलाने का अधिकार होगा। उनका कामकाज पूरी तरह से पारदर्शी होगा।
मशहूर वकील राम जेठमलानी ने इस पूरे आंदोलन का समथर्न करते हुए कहा कि उनका अब एकमात्र सपना है कि देश का जो धन बाहर है उसे वापस लाया जा सेक। उन्होंने कहा, 'चोर देश के अंदर हैं जिसे मैंने पहचान लिया है। इसको लेकर मैं अदालत गया हूं, जिसका फैसला आने में थोड़ा समय लगेगा। मैं डाकुओं को जेल की हवा खिलाऊंगा और देश धन वापस लाऊंगा।'
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने कहा कि हॉन्गकॉन्ग की जनता वहां व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ी हुई और सरकार को एक कड़ा कानून बनाना पड़ा। ये लोकपाल कानून अगर संसद ने दो-तिहाई बहुमत से पास कर दिया तो देश से भ्रष्टाचार का खात्मा हो जाएगा।
इस अभियान को योग गुरु बाबा रामदेव, सोमाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर, पूर्व जस्टिस राजेंद्र सच्चर, सूचना आयुक्त शैलेश गांधी, फादर डोमेनिक इमैनुअल ने भी अपना समर्थन दिया। इस मौके पर सभी बुद्धिजीवियों के नेतृत्व में लोगों ने रामलीला मैदान से जंतर-मंतर तक शांति मार्च निकाला। लोग अपनेग हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिसमें भ्रष्टाचार को खत्म करने और जन लोकपाल विधेयक को पास करने की मांग की गई थी।
इंडिया अंगेस्ट करप्शन के शिवेंद्र चौहान ने बाताया कि यह रैली भारत के 50 से अधिक शहरों और अमेरिका के कुछ शहरों में भी आयोजित की गई। भारत के शहरों में लखनऊ, हैदराबाद, चंडीगढ़, चेन्नै, मुंबई, कोयंबटूर आदि में आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि देशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विशाल जनमत तैयार करने के लिए लोगों ने एसएमएस भी किया।
आगरा से मिली जानकारी के अनुसार, 10 बजे सूरसदन चौराहे से ब्रज खंडेलवाल के नेतृत्व में युवाओं ने शहीद स्मारक तक मौन जूलूस निकालकर लोगों को करप्शन के खिलाफ जागरूक किया।'भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत' के स्लोगन वाले बैनर लेकर इस रैली में वीएचपी नेता सुभाष ढल, वरिष्ठ रंगकर्मी जितेंद्र रघुवंशी, देश दीपक ढल, प्रदीप पांडे, सरोज मेहरा, पद्मनी अय्यर, डॉ. मंजू गुप्ता समेत शहर के अनेक प्रबुद्धजन शामिल हुए।
चेन्नै से मिली जानकारी के अनुसार तमाम रिटायर्ड नौकरशाहों ने 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' की इस मुहिम को सपोर्ट करते हुए सड़क पर उतर करप्शन के खिलाफ मोर्चा खोला। चेन्नै की रैली का मुख्य आकर्षण वहां बनी मानव श्रंखृला रही।
यूपी की राजधानी लखनऊ से आ रही खबर के अनुसार वहां हजारों की तादाद में शहरवासी आज सड़कों पर निकल चुके हैं। यही हाल पुणे का भी है, वहां सैकड़ो लोगों ने करप्शन के खिलाफ रैली निकाल सड़क से संसद तक इस मुद्दे को ले जाने की हुंकार भरी।
हैदराबाद : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जे. एम. लिंगदोह सहित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने रविवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ जुलूस निकाला। यह जुलूस सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा रहा।
जुलूस में शामिल लोगों ने हैदराबाद में हुसैन सागर झील के किनारे बने नेकलेस रोड पर मार्च किया। लिंगदोह के नेतृत्व में यूथ फॉर बेटर इंडिया के कार्यकर्ता 'ब्रिंग द लोकपाल बिल' (लोकपाल विधेयक पेश लाओ) जैसे नारे लिखे बैनर और तख्तियां हाथ में लिए हुए थे।
नौकरशाही से राजनीति में आए जयप्रकाश नारायण, डॉक्टर के.एस.रत्नाकर और तेलुगू फिल्मों के निर्देशक राजा मौली जुलूस में शामिल प्रमुख लोगों में से थे।
जुलूस में शामिल कार्यकर्ता एक विशेष टीशर्ट पहने हुए थे, जिस पर लिखा हुआ था 'इंडिया स्टैंड्स अगेंस्ट करप्शन' (भारत भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है)। एक अन्य बैनर पर लिखा हुआ था 'इट इज योर मनी' (यह आपका धन है)।
दो किलोमीटर का यह मार्च कई सारे सामाजिक संगठनों द्वारा तैयार किए गए लोकपाल विधेयक के समर्थन में आयोजित किया गया था।
जुलूस में शामिल लोगों में योग गुरु बाबा रामदेव के अनुयायी और कई गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। विभिन्न कॉलेजों के छात्र हाथों में तिरंगा और अपने-अपने संस्थानों से संबंधित रंगबिरंगे झंडे लिए हुए दिखाई दे रहे थे।
मार्च के आयोजकों ने कहा कि सामाजिक संगठनों द्वारा तैयार किए गए लोकपाल विधेयक को कानून में परिवर्तित किया जाना चाहिए।
पुणे/औरंगाबाद/मुंबई: भ्रष्टाचार विरोधी जुलूस में पुणे व औरंगाबाद में रविवार को हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
भ्रष्टाचार विरोधी यह जुलूस देश के 60 शहरों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है। यह मार्च सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है।
एक कार्यकर्ता ने कहा, 'पुणे में हमने इसे राजनीति से पूरी तरह मुक्त रखा है। जुलूस में शामिल सभी लोग अलग-अलग क्षेत्रों से हैं और इसमें कोई भी सिलेब्रिटी नहीं है।'
पुणे में दो घंटे तक चला जुलूस फर्ग्यूसन कॉलेज गेट से शुरू हुआ और संचेती चौक, बाल गंगाधर चौक से होते हुए संभाजी उद्यान जाकर खत्म हो गया।
औरंगाबाद में निकाले गए जुलूस में स्कूल व कॉलेज के स्टूडेंट्स सहित नागरिकों ने हिस्सा लिया। जुलूस क्रांति चौक से शुरू हुआ और पैठण गेट पर जाकर खत्म हो गया।
मुंबई में निकाले जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी जुलूस में लगभग 10,000 लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है। आयोजन समिति के एक प्रवक्ता ने कहा, 'यह विशाल जुलूस सरकार पर इस बात के लिए दबाव बनाने हेतु आयोजित किया जा रहा है कि वह नागरिकों द्वारा तैयार किए गए मसौदा विधेयक को कानून बनाए।'
प्रवक्ता ने कहा, 'इस जुलूस में बड़ी संख्या में कॉलेज के स्टूडेंट, उद्योग क्षेत्र के प्रफेशनल्स, टीचर, सरकारी कर्मचारी, वकील, डॉक्टर और अन्य लोग हिस्सा ले रहे हैं।'
प्रवक्ता ने बताया, 'इस जुलूस की योजना मध्य दिसंबर में किसी समय छोटे रूप में बननी शुरू हुई थी। शुरू में सिर्फ दिल्ली में ही रैली निकालने की योजना थी, लेकिन जब इस योजना को सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर डाला गया, तो इसे अपार समर्थन मिला, लिहाजा इसका स्वरूप बहुत बड़ा हो गया।'
नई दिल्ली।। हजारों लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे और सीवीसी एक्ट, सीबीआई एक्ट, लोकपाल बिल ड्रा
फ्ट की कॉपी जलाकर अपने गुस्से का इजहार किया। उन्होंने मांग की कि जन लोकपाल बिल को जल्दी लागू किया जाए। 'भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट बैंक' लॉन्च किया गया जिसमें हजारों लोग पहले ही दिन रजिस्टर हुए।
कई जानी मानी हस्तियों के साथ रामलीला मैदान में एकत्र हुए हजारों लोगों ने संदेश दिया कि कमजोर और अप्रभावी एंटी करप्शन एजेंसियों से उनका भरोसा उठ चुका है। उन्होंने मिलकर मांग की कि या तो इन एजेंसियों को मजबूत बनाया जाए या फिर इन्हें नए प्रस्तावित लोकपाल बिल में विलय कर दिया जाए। लोगों ने जन लोकपाल बिल की कॉपियां लहराकर आवाज बुलंद की कि इस बिल को पास किया जाए ताकि भ्रष्टाचार का खात्मा किया जा सके। राजनीति दलों की वोट बैंक की राजनीति की काट ढूंढते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट बैंक लॉन्च किया गया। इसमें सभी जाति, सभी धर्म और सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे। जो लोग खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ पाते हैं और नेताओं पर जन लोकपाल बिल लागू करने के लिए दबाव डालना चाहते हैं वह इस वोट बैंक का हिस्सा हो सकते हैं। इसके लिए www.indiaagainstcorruption.org पर लॉग ऑन कर या फिर 9230534959 में एसएमएस कर इस वोट बैंक से जुड़ सकते हैं।
मौलाना मसूद मदनी, किरन बेदी, मेधा पाटकर, स्वामी अग्निवेश, राम जेठमलानी, हर्ष मंदर, अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, दिल्ली के आर्चबिशप सहित कई जानी मानी हस्तियों के साथ रामलीला मैदान में एकत्र लोगों ने जंतर मंतर तक मार्च किया। लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगा रहे थे और बैनर पकड़े हुए थे। जाने माने वकील शांति भूषण ने कहा कि आम लोगों ने जो लोकपाल बिल तैयार किया है वह इतना प्रभावशाली है जो दो-तीन सालों में ही करप्शन का सफाया कर देगा। जो बिल सरकार ने सुझाया है वह महज एक शो पीस है।
इस अभियान में मुख्य भूमिका निभा रहीं देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने भ्रष्टाचारियों पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने कहा, 'देश बहुत अमीर है लेकिन जनता का पैसा विदेशी बैंको में जा रहा है, जिससे हम गरीब बने हुए हैं। हमारी असली कमाई कोई और खा रहा है।' किरण बेदी ने कहा, ' जस्टिस संतोष हेगड़े, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील प्रशांत भूषण, पूर्व चुनाव आयुक्त जे. एम लिंगदोह और आरटीआई ऐक्टिविस्ट अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टचार से लड़ने के लिए जन लोकपाले विधेयक का मसौदा तैयार किया है। इस लोकपाल विधेयक को संसद को पास करवाना होगा।'
अरविंद केजरीरवाल ने जन लोकपाल विधेयक की विशेषताएं बताईं और कहा कि यह सरकार द्वारा बनाए गए लोकपाल विधेयक की कमियों को दूर करता है। केजरीवाल ने कहा, 'प्रस्तावित कानून के बाद केंद्र में लोकपाल और राज्य में लोकायुक्त सरकार के अधीन नहीं होगे। एंटी करप्शन ब्यूरो और सीबीआई का विलय कर दिया जायेगा। लोकपाल और लोकायुक्तों को यह ताकत होगी कि वे भ्रष्ट लोगों को उनके पद से हटा सकें।' केजरीवाल ने कहा कि लोकपाल और लोकायुक्तों को किसी जज के खिलाफ जांच करने का और मुकदमा चलाने का अधिकार होगा। उनका कामकाज पूरी तरह से पारदर्शी होगा।
मशहूर वकील राम जेठमलानी ने इस पूरे आंदोलन का समथर्न करते हुए कहा कि उनका अब एकमात्र सपना है कि देश का जो धन बाहर है उसे वापस लाया जा सेक। उन्होंने कहा, 'चोर देश के अंदर हैं जिसे मैंने पहचान लिया है। इसको लेकर मैं अदालत गया हूं, जिसका फैसला आने में थोड़ा समय लगेगा। मैं डाकुओं को जेल की हवा खिलाऊंगा और देश धन वापस लाऊंगा।'
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने कहा कि हॉन्गकॉन्ग की जनता वहां व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ी हुई और सरकार को एक कड़ा कानून बनाना पड़ा। ये लोकपाल कानून अगर संसद ने दो-तिहाई बहुमत से पास कर दिया तो देश से भ्रष्टाचार का खात्मा हो जाएगा।
इस अभियान को योग गुरु बाबा रामदेव, सोमाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर, पूर्व जस्टिस राजेंद्र सच्चर, सूचना आयुक्त शैलेश गांधी, फादर डोमेनिक इमैनुअल ने भी अपना समर्थन दिया। इस मौके पर सभी बुद्धिजीवियों के नेतृत्व में लोगों ने रामलीला मैदान से जंतर-मंतर तक शांति मार्च निकाला। लोग अपनेग हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिसमें भ्रष्टाचार को खत्म करने और जन लोकपाल विधेयक को पास करने की मांग की गई थी।
इंडिया अंगेस्ट करप्शन के शिवेंद्र चौहान ने बाताया कि यह रैली भारत के 50 से अधिक शहरों और अमेरिका के कुछ शहरों में भी आयोजित की गई। भारत के शहरों में लखनऊ, हैदराबाद, चंडीगढ़, चेन्नै, मुंबई, कोयंबटूर आदि में आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि देशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विशाल जनमत तैयार करने के लिए लोगों ने एसएमएस भी किया।
आगरा से मिली जानकारी के अनुसार, 10 बजे सूरसदन चौराहे से ब्रज खंडेलवाल के नेतृत्व में युवाओं ने शहीद स्मारक तक मौन जूलूस निकालकर लोगों को करप्शन के खिलाफ जागरूक किया।'भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत' के स्लोगन वाले बैनर लेकर इस रैली में वीएचपी नेता सुभाष ढल, वरिष्ठ रंगकर्मी जितेंद्र रघुवंशी, देश दीपक ढल, प्रदीप पांडे, सरोज मेहरा, पद्मनी अय्यर, डॉ. मंजू गुप्ता समेत शहर के अनेक प्रबुद्धजन शामिल हुए।
चेन्नै से मिली जानकारी के अनुसार तमाम रिटायर्ड नौकरशाहों ने 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' की इस मुहिम को सपोर्ट करते हुए सड़क पर उतर करप्शन के खिलाफ मोर्चा खोला। चेन्नै की रैली का मुख्य आकर्षण वहां बनी मानव श्रंखृला रही।
यूपी की राजधानी लखनऊ से आ रही खबर के अनुसार वहां हजारों की तादाद में शहरवासी आज सड़कों पर निकल चुके हैं। यही हाल पुणे का भी है, वहां सैकड़ो लोगों ने करप्शन के खिलाफ रैली निकाल सड़क से संसद तक इस मुद्दे को ले जाने की हुंकार भरी।
हैदराबाद : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जे. एम. लिंगदोह सहित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने रविवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ जुलूस निकाला। यह जुलूस सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा रहा।
जुलूस में शामिल लोगों ने हैदराबाद में हुसैन सागर झील के किनारे बने नेकलेस रोड पर मार्च किया। लिंगदोह के नेतृत्व में यूथ फॉर बेटर इंडिया के कार्यकर्ता 'ब्रिंग द लोकपाल बिल' (लोकपाल विधेयक पेश लाओ) जैसे नारे लिखे बैनर और तख्तियां हाथ में लिए हुए थे।
नौकरशाही से राजनीति में आए जयप्रकाश नारायण, डॉक्टर के.एस.रत्नाकर और तेलुगू फिल्मों के निर्देशक राजा मौली जुलूस में शामिल प्रमुख लोगों में से थे।
जुलूस में शामिल कार्यकर्ता एक विशेष टीशर्ट पहने हुए थे, जिस पर लिखा हुआ था 'इंडिया स्टैंड्स अगेंस्ट करप्शन' (भारत भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है)। एक अन्य बैनर पर लिखा हुआ था 'इट इज योर मनी' (यह आपका धन है)।
दो किलोमीटर का यह मार्च कई सारे सामाजिक संगठनों द्वारा तैयार किए गए लोकपाल विधेयक के समर्थन में आयोजित किया गया था।
जुलूस में शामिल लोगों में योग गुरु बाबा रामदेव के अनुयायी और कई गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। विभिन्न कॉलेजों के छात्र हाथों में तिरंगा और अपने-अपने संस्थानों से संबंधित रंगबिरंगे झंडे लिए हुए दिखाई दे रहे थे।
मार्च के आयोजकों ने कहा कि सामाजिक संगठनों द्वारा तैयार किए गए लोकपाल विधेयक को कानून में परिवर्तित किया जाना चाहिए।
पुणे/औरंगाबाद/मुंबई: भ्रष्टाचार विरोधी जुलूस में पुणे व औरंगाबाद में रविवार को हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
भ्रष्टाचार विरोधी यह जुलूस देश के 60 शहरों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है। यह मार्च सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है।
एक कार्यकर्ता ने कहा, 'पुणे में हमने इसे राजनीति से पूरी तरह मुक्त रखा है। जुलूस में शामिल सभी लोग अलग-अलग क्षेत्रों से हैं और इसमें कोई भी सिलेब्रिटी नहीं है।'
पुणे में दो घंटे तक चला जुलूस फर्ग्यूसन कॉलेज गेट से शुरू हुआ और संचेती चौक, बाल गंगाधर चौक से होते हुए संभाजी उद्यान जाकर खत्म हो गया।
औरंगाबाद में निकाले गए जुलूस में स्कूल व कॉलेज के स्टूडेंट्स सहित नागरिकों ने हिस्सा लिया। जुलूस क्रांति चौक से शुरू हुआ और पैठण गेट पर जाकर खत्म हो गया।
मुंबई में निकाले जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी जुलूस में लगभग 10,000 लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है। आयोजन समिति के एक प्रवक्ता ने कहा, 'यह विशाल जुलूस सरकार पर इस बात के लिए दबाव बनाने हेतु आयोजित किया जा रहा है कि वह नागरिकों द्वारा तैयार किए गए मसौदा विधेयक को कानून बनाए।'
प्रवक्ता ने कहा, 'इस जुलूस में बड़ी संख्या में कॉलेज के स्टूडेंट, उद्योग क्षेत्र के प्रफेशनल्स, टीचर, सरकारी कर्मचारी, वकील, डॉक्टर और अन्य लोग हिस्सा ले रहे हैं।'
प्रवक्ता ने बताया, 'इस जुलूस की योजना मध्य दिसंबर में किसी समय छोटे रूप में बननी शुरू हुई थी। शुरू में सिर्फ दिल्ली में ही रैली निकालने की योजना थी, लेकिन जब इस योजना को सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर डाला गया, तो इसे अपार समर्थन मिला, लिहाजा इसका स्वरूप बहुत बड़ा हो गया।'
नई दिल्ली।। हजारों लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे और सीवीसी एक्ट, सीबीआई एक्ट, लोकपाल बिल ड्रा
कई जानी मानी हस्तियों के साथ रामलीला मैदान में एकत्र हुए हजारों लोगों ने संदेश दिया कि कमजोर और अप्रभावी एंटी करप्शन एजेंसियों से उनका भरोसा उठ चुका है। उन्होंने मिलकर मांग की कि या तो इन एजेंसियों को मजबूत बनाया जाए या फिर इन्हें नए प्रस्तावित लोकपाल बिल में विलय कर दिया जाए। लोगों ने जन लोकपाल बिल की कॉपियां लहराकर आवाज बुलंद की कि इस बिल को पास किया जाए ताकि भ्रष्टाचार का खात्मा किया जा सके। राजनीति दलों की वोट बैंक की राजनीति की काट ढूंढते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट बैंक लॉन्च किया गया। इसमें सभी जाति, सभी धर्म और सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे। जो लोग खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ पाते हैं और नेताओं पर जन लोकपाल बिल लागू करने के लिए दबाव डालना चाहते हैं वह इस वोट बैंक का हिस्सा हो सकते हैं। इसके लिए www.indiaagainstcorruption.org पर लॉग ऑन कर या फिर 9230534959 में एसएमएस कर इस वोट बैंक से जुड़ सकते हैं।
मौलाना मसूद मदनी, किरन बेदी, मेधा पाटकर, स्वामी अग्निवेश, राम जेठमलानी, हर्ष मंदर, अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, दिल्ली के आर्चबिशप सहित कई जानी मानी हस्तियों के साथ रामलीला मैदान में एकत्र लोगों ने जंतर मंतर तक मार्च किया। लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगा रहे थे और बैनर पकड़े हुए थे। जाने माने वकील शांति भूषण ने कहा कि आम लोगों ने जो लोकपाल बिल तैयार किया है वह इतना प्रभावशाली है जो दो-तीन सालों में ही करप्शन का सफाया कर देगा। जो बिल सरकार ने सुझाया है वह महज एक शो पीस है।

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