सुगाता घोष
मुंबई।। सिटी बैंक ने धोखेबाज रिलेशनशिप मैनेजर शिवराज पुरी के सताए ग्राहकों को मुआवजा देने का फैसला किया है। बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर पुरी ने कई रईस ग्राहकों को करोड़ों का चूना लगाया है।
बैंक फिलहाल एचएनआई ग्राहकों के अकाउंट सेटलमेंट में लगा है, जिन्होंने पुरी पर भरोसा करके फर्जी निवेश स्कीम में अपनी जमा पूंजी लगा दी थी।
पुरी के कुल 40 ग्राहकों में 12-13 लोगों से सिटी बैंक अगले कुछ दिनों में औपचारिक सेटलमेंट नियमों के साथ संपर्क करेगा, ताकि उन्हें मूल रकम वापस मिल सके। इसके बाद बैंक नुकसान उठाने वाले दूसरे ग्राहकों के साथ बातचीत करेगा। जाने-माने वेंचर कैपिटलिस्ट संजीव अग्रवाल और हीरो ग्रुप के मेंबर शायद सिटी बैंक से मुआवजा पाने वाले ग्राहकों की पहली सूची में नहीं हैं।
बैंकिंग सर्कल के मुताबिक, बैंक अगले चरण में इन ग्राहकों से संपर्क कर सकता है, क्योंकि उनके खातों में बड़ा निवेश होने के साथ कई बार लेनदेन हुआ है। बकौल अग्रवाल, मुझे पुरी की जालसाजी से 32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मामले की जांच कर रही गुड़गांव पुलिस का कहना है कि हीरो ग्रुप के मेंबर ने पुरी की फर्जी स्कीम में 250 करोड़ रुपये का निवेश किया था। पुरी फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है।
पुरी के ग्राहकों को मुआवजा देने से इस मल्टीनैशनल बैंक को करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। पुरी इन ग्राहकों से चेक लेकर अपने दादा प्रेमनाथ के नाम पर खोले गए कस्टोडियन अकाउंट में डालता था।
इस जालसाजी के मास्टरमाइंड ने अपनी चालाकी से 400 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। उसे शुक्रवार को स्थानीय अदालत के निर्देश पर 14 दिन की ज्यूडिशल कस्टडी में भेज दिया गया। इससे पहले वह 14 दिन तक पुलिस हिरासत में था।
मुंबई।। सिटी बैंक ने धोखेबाज रिलेशनशिप मैनेजर शिवराज पुरी के सताए ग्राहकों को मुआवजा देने का फैसला किया है। बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर पुरी ने कई रईस ग्राहकों को करोड़ों का चूना लगाया है।
बैंक फिलहाल एचएनआई ग्राहकों के अकाउंट सेटलमेंट में लगा है, जिन्होंने पुरी पर भरोसा करके फर्जी निवेश स्कीम में अपनी जमा पूंजी लगा दी थी।
पुरी के कुल 40 ग्राहकों में 12-13 लोगों से सिटी बैंक अगले कुछ दिनों में औपचारिक सेटलमेंट नियमों के साथ संपर्क करेगा, ताकि उन्हें मूल रकम वापस मिल सके। इसके बाद बैंक नुकसान उठाने वाले दूसरे ग्राहकों के साथ बातचीत करेगा। जाने-माने वेंचर कैपिटलिस्ट संजीव अग्रवाल और हीरो ग्रुप के मेंबर शायद सिटी बैंक से मुआवजा पाने वाले ग्राहकों की पहली सूची में नहीं हैं।
बैंकिंग सर्कल के मुताबिक, बैंक अगले चरण में इन ग्राहकों से संपर्क कर सकता है, क्योंकि उनके खातों में बड़ा निवेश होने के साथ कई बार लेनदेन हुआ है। बकौल अग्रवाल, मुझे पुरी की जालसाजी से 32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मामले की जांच कर रही गुड़गांव पुलिस का कहना है कि हीरो ग्रुप के मेंबर ने पुरी की फर्जी स्कीम में 250 करोड़ रुपये का निवेश किया था। पुरी फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है।
पुरी के ग्राहकों को मुआवजा देने से इस मल्टीनैशनल बैंक को करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। पुरी इन ग्राहकों से चेक लेकर अपने दादा प्रेमनाथ के नाम पर खोले गए कस्टोडियन अकाउंट में डालता था।
इस जालसाजी के मास्टरमाइंड ने अपनी चालाकी से 400 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। उसे शुक्रवार को स्थानीय अदालत के निर्देश पर 14 दिन की ज्यूडिशल कस्टडी में भेज दिया गया। इससे पहले वह 14 दिन तक पुलिस हिरासत में था।
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