Thursday, January 27, 2011

काला धन:केंद्र,RBI को नोटिस

उच्चतम न्यायालय ने काले धन मामले में केंद्र सरकार, आरबीआई व सीवीसी को नोटिस जारी किया.
उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को सरकार से कहा कि विदेशी बैंकों में जमा काले धन के स्रोतों का पता लगाया जाए.

उच्चतम न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, आरबीआई और सीवीसी को नोटिस जारी किया. याचिका में भ्रष्टाचार को लेकर संयुक्त राष्ट्र समझौते पर सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है, जिससे विदेशों से काला धन वापस लाने में सहूलियत होगी.

न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार को अगले गुरुवार तक जवाब देने का निर्देश दिया. काले धन पर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से विदेशी बैंकों में जमा काले धन के स्रोतों का पता लगाने का आदेश दिया.

उच्चतम न्यायालय ने विदेशों में जमा करीब 1,400 अरब डॉलर काले धन को लेकर केंद्र सरकार को कानूनी प्रक्रिया में हीलाहवाली पर फटकार लगाई और कहा कि सरकार इस मामले को टैक्स से जुड़ा मामला मानती है, वो अलग मुद्दा है. कोर्ट ने सरकार से पूछा कि ब्लैक मनी का स्रोत क्या है? ये खतरनाक मसला है.

उच्चतम न्यायालय ने विदेशी बैंकों में जमा काले धन का सोत्र, हथियार सौदों और मादक पदार्थों की तस्करी से होने की आशंका को लेकर चिंता जताई है और सरकार से पूछा है कि उसने विदेशों में खाता रखने वाले व्यक्तियों तथा कंपनियों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं.

न्यायालय ने एक याचिका पर अमल करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक और सीवीसी से भी जवाब मांगा जिसमें सरकार को भ्रष्टाचार से संबंधित संधि को कार्यान्वित करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है जिससे विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने में मदद मिल सकती है.

पीठ ने कहा कि सरकार अपनी जांच को सिर्फ कर चोरी के पहलू तक ही सीमित नहीं करे,बल्कि काले धन के सोत्रों का भी पता लगाए.

न्यायालय ने यह भी कहा कि हम जानना चाहते हैं कि विदेशी बैंकों में अकूत धन जमा करने वाले लोगों के खिलाफ आपने क्या कार्रवाई की है. इस धन के सोत्र क्या हैं.

पीठ ने कहा कि देश में ये वे लोग हैं जो कानून के प्रति जवाबदेह हैं. जब आपने (सरकार) यह जाना कि उन्होंने विदेशी बैंकों में धन जमा किया है तो आपने क्या कदम उठाए?

गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने बयान में कहा था कि दूसरे देशों के बैंकों में जमा लगभग 1,400 अरब डॉलर काले धन को वापस लाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. भारत ने 79 देशों के साथ कर दोहरे कराधान से बचने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किया. दोहरे कराधान से बचने के लिए नए समझौते पर 15 देशों से बातचीत, कम कर लगाने वाले 22 देशों की पहचान, जिनके साथ प्राथमिकता आधार पर कर सम्बंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे

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