वॉशिंगटन।। अमेरिका में पहले तो एक फर्जी यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया और अब उन्हें अपराधियों की तरह टखने पर रेडियो कॉलर पहना दिया गया है, ताकि स्थानीय अमेरिकी अधिकारी उनके मूवमेंट पर नजर रख सकें। भारत ने छात्रों के साथ इस व्यवहार को अनुचित करार देते हुए इसे हटाने को कहा है।
बंद हो चुकी कैलिफॉर्निया की ट्राई वैली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों द्वारा ठगे गए सैकड़ों भारतीय छात्रों को स्टूडेंट वीजा स्टेटस खत्म हो चुका है और अब इन्हें भारत लौटना पड़ सकता है। भारतीय छात्रों में से ज्यादातर आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। प्रशासन ने कई छात्रों से पूछताछ की है और उन्हें जीपीएस तकनीक से लैस रेडियो कॉलर पहनने के लिए मजबूर किया।
आमतौर पर रेडियो कॉलर जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उन्हें पहनाए जाते हैं।
अमेरिका में जो कुछ भी हुआ उसमें छात्रों की कोई गलती नहीं है। गलती उस यूनिवर्सिटी की है जिसने कुछ नियम तोड़े। इसका खमियाजा छात्रों को उठाना पड़ रहा है। धोखाधड़ी के शिकार हुए एक भारतीय छात्र ने बताया कि यूनिवर्सिटी को अचानक बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘ हमें नहीं पता कि यूनिवर्सिटी और अमेरिकी सरकार के बीच क्या हो रहा है। हमें बताया गया है कि हम अवैध प्रवासी हैं। ’
छात्र ने बताया कि यूनिवर्सिटी में कुल 4 हजार 400 छात्र थे। छात्रों ने स्थानीय सांसद और भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। इस बीच, प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने कहा 'हमने अमेरिकी विदेश विभाग से गुजारिश की है कि वह नरम रुखे अख्तियार करे, क्योंकि सभी छात्र निर्दोष हैं।' उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है और इसमें भारतीय छात्रों का कसूर नहीं है।
बंद हो चुकी कैलिफॉर्निया की ट्राई वैली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों द्वारा ठगे गए सैकड़ों भारतीय छात्रों को स्टूडेंट वीजा स्टेटस खत्म हो चुका है और अब इन्हें भारत लौटना पड़ सकता है। भारतीय छात्रों में से ज्यादातर आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। प्रशासन ने कई छात्रों से पूछताछ की है और उन्हें जीपीएस तकनीक से लैस रेडियो कॉलर पहनने के लिए मजबूर किया।
आमतौर पर रेडियो कॉलर जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उन्हें पहनाए जाते हैं।
अमेरिका में जो कुछ भी हुआ उसमें छात्रों की कोई गलती नहीं है। गलती उस यूनिवर्सिटी की है जिसने कुछ नियम तोड़े। इसका खमियाजा छात्रों को उठाना पड़ रहा है। धोखाधड़ी के शिकार हुए एक भारतीय छात्र ने बताया कि यूनिवर्सिटी को अचानक बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘ हमें नहीं पता कि यूनिवर्सिटी और अमेरिकी सरकार के बीच क्या हो रहा है। हमें बताया गया है कि हम अवैध प्रवासी हैं। ’
छात्र ने बताया कि यूनिवर्सिटी में कुल 4 हजार 400 छात्र थे। छात्रों ने स्थानीय सांसद और भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। इस बीच, प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने कहा 'हमने अमेरिकी विदेश विभाग से गुजारिश की है कि वह नरम रुखे अख्तियार करे, क्योंकि सभी छात्र निर्दोष हैं।' उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है और इसमें भारतीय छात्रों का कसूर नहीं है।

No comments:
Post a Comment