नई दिल्ली।। चीफ विजिलेंस कमिश्नर (सीवीसी) की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में घिरने के बाद सरकार ने पी जे थॉमस को चलता करने का मन बना लिया है। थॉमस को इसके संकेत दे दिए गए हैं और शुक्रवार को वह अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंप सकते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार को अब अपनी उस गलती का एहसास हो रहा है, जो उसने पीजे थॉमस को सीवीसी बना कर की। थॉमस के खिलाफ केरल में पामोलीन घोटाले में चार्जशीट दायर हो चुकी है। इस मामले में सरकार को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहना पड़ा कि उसे मालूम नहीं था कि थॉमस के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है। हालांकि, विपक्ष की नेता ने कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोल रही है और वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपनी ओर से हलफनामा पेश करेंगी।
गौरतलब है कि सरकार ने सुषमा स्वराज की आपत्ति के बावजूद थॉमस को तरजीह देते हुए सीवीसी बनाया था। सरकार ने इसके लिए सीवीसी की रेस में शामिल विजय चक्रवर्ती और एस. कृष्णन की दावेदारी को भी खारिज कर दिया था। अब जब सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर सरकार से सवाल पूछने लगी है तो वह बैकफुट पर आ गई है। थॉमस भले कह रहे हों कि वह नहीं जाएंगे, लेकिन माना जा रहा है कि इस मामले में अगली सुनवाई के पहले वह इस्तीफा दे देंगे।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार को अब अपनी उस गलती का एहसास हो रहा है, जो उसने पीजे थॉमस को सीवीसी बना कर की। थॉमस के खिलाफ केरल में पामोलीन घोटाले में चार्जशीट दायर हो चुकी है। इस मामले में सरकार को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहना पड़ा कि उसे मालूम नहीं था कि थॉमस के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है। हालांकि, विपक्ष की नेता ने कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोल रही है और वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपनी ओर से हलफनामा पेश करेंगी।
गौरतलब है कि सरकार ने सुषमा स्वराज की आपत्ति के बावजूद थॉमस को तरजीह देते हुए सीवीसी बनाया था। सरकार ने इसके लिए सीवीसी की रेस में शामिल विजय चक्रवर्ती और एस. कृष्णन की दावेदारी को भी खारिज कर दिया था। अब जब सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर सरकार से सवाल पूछने लगी है तो वह बैकफुट पर आ गई है। थॉमस भले कह रहे हों कि वह नहीं जाएंगे, लेकिन माना जा रहा है कि इस मामले में अगली सुनवाई के पहले वह इस्तीफा दे देंगे।
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