Monday, January 31, 2011

पाक कहीं ना कर दे चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का काम तमाम


नई दिल्ली. विश्वकप के दसवें खिताब के लिए सब मेजबान भारत को प्रबल दावेदार मान रहे हैं, लेकिन एक टीम ऐसी है जो धोनी के धुरंधरों को कड़ी चुनौती दे सकती है। वो है उसका पड़ोसी पाकिस्तान। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में पाक बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन ने उसका दावा मजबूत कर दिया है।

पाकिस्तान टीम हाल के समय में मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से जूझ रही थी, लेकिन पीसीबी ने तीनों दागी खिलाड़ियों को विश्वकप के लिए घोषित टीम से बाहर कर इस समस्या को कुछ समय के लिए टाल दिया है। अब टीम का पूरा ध्यान 1992 की सफलता दोहराने पर है।

हो सकता है छुपा रुस्तम

पाकिस्तान टीम को सभी टीमें कम आंक रही हैं, लेकिन भारतीय उप-महाद्वीप पर युवा प्रतिभा से लैस ये टीम धमाल मचा सकती है। पाक के लगभग सभी बल्लेबाज फार्म में आते दिख रहे हैं। कप्तान आफरीदी ने क्राइस्टचर्च वनडे में महज 19 गेंदों पर अर्धशतक जमाकर अपने बल्ले की चमक दिखा दी। सलामी बल्लेबाज मोहम्मद हफीज ने भी कीवी टीम के खिलाफ बेहतरीन सैकड़ा जमाया था। दूसरे छोर से उमर अकमल ने भी आक्रामक बैटिंग का प्रदर्शन किया। न्यूजीलैंड की पिचों पर इतनी उमदा बल्लेबाजी को देखकर लगता है कि पाक बल्लेबाजों को भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की पिचें खूब रास आएंगी।

दिग्गज भी कर चुके हैं आगाह

पाकिस्तान टीम एक सरप्राइज टीम की तरह विश्वकप 2011 में उभर सकती है। इस बात की चेतावनी भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली पहली ही दे चुके हैं। गांगुली ने कहा था कि पाकिस्तान टीम को कम समझना मेजबान टीम इंडिया पर भारी पड़ सकता है।

क्वार्टरफाइनल तक नहीं होगा सामना

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला क्वार्टरफाइनल दौर तक नहीं हो सकेगा। पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, केन्या और कनाडा के साथ ग्रुप ए में है, जबकि भारत दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, वेस्ट इंडीज, बांग्लादेश, आयरलैंड और नीदरलैंड्स के साथ ग्रुप बी में है। इसलिए शुरुआती चरण में तो दोनों चिरप्रतिद्वंदी आमने-सामने नहीं होंगे।

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