नई दिल्ली. विस्फोटक मध्यक्रम बल्लेबाज यूसुफ पठान अपने पहले विश्वकप के लिए कमर कस रहे हैं। इस बार ये क्रिकेट का महासंग्राम उप-महाद्वीप में हो रहा है। ऐसे में भारतीय टीम पर घरेलू दर्शकों की उम्मीदों का भारी दबाव रहेगा। लेकिन पठान को इसकी फिक्र नहीं है।
पठान ने कहा, "इतने बड़े टूर्नामेंट में आप किसी दबाव के बारे में विचार करते हुए नहीं खेल सकते। हम अपने घर में विश्वकप खेल रहे हैं और ये लाजमी है कि जनता को हमसे ज्यादा उम्मीदें होंगी, लेकिन हम इस बारे में नहीं सोच रहे हैं। हमने विश्वकप के लिए अच्छी तैयारी की है और पिछले कुछ समय से हम एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वर्ल्डकप में भी टीम इसी लय में रहेगी।"
28 साल के पठान अपने धुआंधार बल्लेबाजी और उपयोगी फिरकी गेंदबाजी के कारण सभी क्रिकेटप्रेमियों के चहेते बन गए हैं। पठान ने पहले घरू जमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार शतक जमाया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भी अंतिम वनडे में पठान ने अपना पराक्रम दिखाते हुए धुआंधार 105 रन की पारी खेली थी।
अपने शानदार फार्म पर यूसुफ का कहना है, "मैं बहुत खुश हूं कि मेरी बल्लेबाजी से टीम को मदद मिल रही है। मुझे टीम में एक भूमिका दी गई है और मैं अपनी योग्यता के मुताबिक उसे निभाने का प्रयास करता हूं।"
गुरू गैरी हैं बेस्ट
यूसुफ पठान टीम के मौजूदा कोच गैरी कर्स्टन के बहुत बड़े फैन बन गए हैं। पठान ने गैरी की सराहना करते हुए कहा, "मैं बहुत भाग्यशाली हूं जो मुझे कर्स्टन जैसे दिग्गज खिलाड़ी के मार्गदर्शन में खेलने का मौका मिला है। अभ्यास सत्र के दौरान वो हर खिलाड़ी पर बराबरी से ध्यान देते हैं। मेरे नियमित अभ्यास सत्र के बाद भी वो अतिरिक्त प्रेक्टिस सत्र के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।"
"उनका क्रिकेट सिखाने का तरीका और खिलाड़ियों की कमी को दूर करने का तरीका बहुत बेहतरीन है। एक क्रिकेटर के रूप में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। वो अभी हमारे साथ काम कर रहे हैं और मैं इसके आगे कुछ नहीं सोचना चाहता," पठान ने कहा।
गेंदबाजी पर देते हैं ध्यान
पठान सिर्फ बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंद से भी टीम की बराबर मदद करते हैं। अपनी ऑफ ब्रेक गेंदबाजी के बारे में पठान ने कहा, "मैंने हमेशा अपनी गेंदबाजी को गंभीरता से लिया है। अभ्यास सत्र में मैं हमेशा उसे सुधारने का प्रयास करता रहता हूं। मैंने गेंदबाजी पर बहुत मेहनत की है, और उसी का फल मुझे मिल रहा है।"
पठान पिछले 45 वनडे मुकाबलों में 30 विकेट चटका चुके हैं।
पठान ने कहा, "इतने बड़े टूर्नामेंट में आप किसी दबाव के बारे में विचार करते हुए नहीं खेल सकते। हम अपने घर में विश्वकप खेल रहे हैं और ये लाजमी है कि जनता को हमसे ज्यादा उम्मीदें होंगी, लेकिन हम इस बारे में नहीं सोच रहे हैं। हमने विश्वकप के लिए अच्छी तैयारी की है और पिछले कुछ समय से हम एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वर्ल्डकप में भी टीम इसी लय में रहेगी।"
28 साल के पठान अपने धुआंधार बल्लेबाजी और उपयोगी फिरकी गेंदबाजी के कारण सभी क्रिकेटप्रेमियों के चहेते बन गए हैं। पठान ने पहले घरू जमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार शतक जमाया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भी अंतिम वनडे में पठान ने अपना पराक्रम दिखाते हुए धुआंधार 105 रन की पारी खेली थी।
अपने शानदार फार्म पर यूसुफ का कहना है, "मैं बहुत खुश हूं कि मेरी बल्लेबाजी से टीम को मदद मिल रही है। मुझे टीम में एक भूमिका दी गई है और मैं अपनी योग्यता के मुताबिक उसे निभाने का प्रयास करता हूं।"
गुरू गैरी हैं बेस्ट
यूसुफ पठान टीम के मौजूदा कोच गैरी कर्स्टन के बहुत बड़े फैन बन गए हैं। पठान ने गैरी की सराहना करते हुए कहा, "मैं बहुत भाग्यशाली हूं जो मुझे कर्स्टन जैसे दिग्गज खिलाड़ी के मार्गदर्शन में खेलने का मौका मिला है। अभ्यास सत्र के दौरान वो हर खिलाड़ी पर बराबरी से ध्यान देते हैं। मेरे नियमित अभ्यास सत्र के बाद भी वो अतिरिक्त प्रेक्टिस सत्र के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।"
"उनका क्रिकेट सिखाने का तरीका और खिलाड़ियों की कमी को दूर करने का तरीका बहुत बेहतरीन है। एक क्रिकेटर के रूप में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। वो अभी हमारे साथ काम कर रहे हैं और मैं इसके आगे कुछ नहीं सोचना चाहता," पठान ने कहा।
गेंदबाजी पर देते हैं ध्यान
पठान सिर्फ बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंद से भी टीम की बराबर मदद करते हैं। अपनी ऑफ ब्रेक गेंदबाजी के बारे में पठान ने कहा, "मैंने हमेशा अपनी गेंदबाजी को गंभीरता से लिया है। अभ्यास सत्र में मैं हमेशा उसे सुधारने का प्रयास करता रहता हूं। मैंने गेंदबाजी पर बहुत मेहनत की है, और उसी का फल मुझे मिल रहा है।"
पठान पिछले 45 वनडे मुकाबलों में 30 विकेट चटका चुके हैं।

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