Sunday, January 30, 2011

IAS कपल 30 साल से कमा रहा है 12 करोड़ सालाना

ललित वत्स
नई दिल्ली।। पिछले साल फरवरी में इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट ने रेड कीं, तो आईएएस कपल के यहां करीब तीन करोड़ रुपए कैश और जमीन-जायदाद वगैरह के अनगिनत कागजात मिले। तब भी हैरत हुई थी। अब छानबीन पूरी होने पर तैयार 7000 पेज की रिपोर्ट की जानकारी भी आम आदमी के लिए ही नहीं, सरकारी गलियारों में भी कितनों के ही लिए हैरत पैदा कर रही है।

रिपोर्ट के आधार पर जो जानकारी सामने आई है, उस हिसाब से वह आईएएस कपल सर्विस जॉइन करने के पहले ही साल से 12 करोड़ रुपए औसतन हर साल कमा रहा था, हालांकि उनके जॉइनिंग के साल 1979 में सैलरी 17-18 हजार रुपए महीना थी। गौरतलब है कि इस समय उस लेवल के एक आईएएस अफसर की सालाना सैलरी तकरीबन एक लाख रुपए महीना और 12 लाख रुपए सालाना है। यानी दोनों की सैलरी मिला कर 24 लाख रुपए सालाना।

खूब चर्चा हुई थी और हैरानी भी थी, जब 1979 बैच के आईएएस अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के निवास पर भोपाल में पिछले साल रेड हुई। सूत्रों के अनुसार, कहें तो एक छोटी ही टीम रेड में गई थी। लेकिन जब पिटारा खुलता गया, तो उतने कर्मियों को जांच में लगाना पड़ा, जितने कि आमतौर पर 15-20 लोगों के केसों में लगाए जाते हैं।

विदेशों में छानबीन

इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट की रिपोर्ट आने के बाद जोशी कपल को एन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट (ईडी) ने भी हाल ही में नोटिस दिया है। विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन की जांच करने वाले ईडी के अफसर भी हैरान हैं। हैरान कि क्या हौसला है? आईएएस अरविंद जोशी की दो बहनें बरसों से विदेशों में रह रही हैं। इसकी छानबीन की गई है और कराई जा रही है। जोशी ने काफी बड़ी ऐग्रिकल्चर लैंड विदेश में रह रही दोनों बहनों के नाम से भी ले रखा था। अफसरों का कहना है कि नाम बहनों का, लेकिन पैसा जोशी दंपती का ही लगा है। उस जमीन को खरीदने के लिए नियमों का उल्लंघन कर पैसा बाहर गया और आया।

क्या सिर्फ नोट उगा रहे थे?

बहरहाल, इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस कपल की अपने नाम में और बेनामी धनदौलत करीब 360 करोड़ रुपए की आंकी है। कहा जा सकता है कि पहले सस्ते में खरीदी गई जमीन की कीमत अब बढ़ कर कहीं ज्यादा हो गई है, इसलिए आज के रेट पर मामले को नहीं देखा जाना चाहिए। इसे मान लिया जाए, तो भी सरकारी गलियारे हैरान हैं। उन गलियारों में कितने ही जानकारों का सवाल है कि क्या यह कपल रोजाना सरकारी कामकाज करने के बजाए सिर्फ नोट उगाने का ही काम करता था, जो इतनी बड़ी धन दौलत बन गई? इतनी बड़ी कमाई को कैसे-कब गिनता था?

जो भी हो, अभी और जांच होनी है। कई कोण जुड़ने हैं। कई जानकारों का कहना है कि यह जानना दिलचस्प होगा कि किस डील में इस कपल ने कब क्या हासिल किया?

400 एकड़ जमीन, 25 फ्लैट, जेवरात, बैंक बैंलेंस, बड़ी इंश्यारेंस पॉलिसी, और बहुत कुछ? यह सब किस फार्म्युले से किस-किस एवज में हासिल कर लिया गया? गौरतलब है कि राज्य में तैनात रहने के अलावा पति-पत्नी केन्द्र में भी अहम पदों पर रहे हैं। टीनू जोशी तकरीबन बीस साल पहले प्राइम मिनिस्टर ऑफिस में भी थीं। अरविंद जोशी कारगिल युद्ध के दिनों में रक्षा मंत्रालय में थे।

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