Monday, January 31, 2011

'शक्की चैपल ने बिगाड़ा था 07 विश्वकप का खेल'


नई दिल्ली. स्टार फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह 2007 विश्वकप में भारत के खराब प्रदर्शन को भूलकर इस बार नए सिरे से शुरुआत करना चाहते हैं। लेकिन वो पिछली बार मिली हार के कारण को भूले नहीं हैं। हरभजन सिंह ने कहा है कि पिछले विश्वकप में भारत की लुटिया डुबोने के पीछे ऑस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल का सबसे बड़ा हाथ था।

भज्जी ने कहा, चैपल ने टीम का माहौल बिगाड़ रखा था। लगभग हर खिलाड़ी ने अपना आत्मविश्वास खो दिया था। यदि दो खिलाड़ी आपस में बात करते थे तो चैपल को उस पर भी शक होता था। लेकिन ये सब बीते जमाने की बातें हैं और हम इस सबको भूल चुके हैं।

19 फरवरी से शुरु हो रहे वर्ल्डकप के बारे में हरभजन ने कहा, हमारी टीम में खिताब जीतने का माद्दा है। 2003 में हमने ये साबित किया था कि हम किस काबिल हैं। और इस बार हम विश्वकप जीतने की कसर पूरी कर देंगे, जो 2003 में नहीं हो सका था।

"दक्षिण अफ्रीका की बाउंसी पिचों पर अच्छा प्रदर्शन करने से टीम का मनोबल बढ़ा है। लेकिन भारतीय उप-महाद्वीप पर खेलना बिल्कुल अलग होगा। और हम उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। 2003 विश्वकप से पहले हमारा न्यूजीलैंड दौरा बहुत खराब रहा था। इसलिए इस बात का फर्क बिल्कुल नहीं पड़ेगा कि हम सीरीज हारकर टूर्नामेंट में उतर रहे हैं," हरभजन ने कहा।

"2003 के न्यूजीलैंड दौरे में हम टेस्ट और वनडे दोनों श्रृंखलाओं में पराजित हुए थे, लेकिन विश्वकप में मामला ही उलट गया था। इसलिए दो टीमों के बीच हुई सीरीज से आप किसी टीम की योग्यता नहीं आंक सकते," हरभजन ने कहा।

भज्जी ने कहा, "विराट, यूसुफ और रैना से बहुत उम्मीदें हैं और मुझे विश्वास है कि यही तीन खिलाड़ी हमारी टीम का एक्स फैक्टर साबित होंगे।"

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