मुंबई. आईपीएल के लिए पिछले महीने हुई नीलामी में किसी टीम का हिस्सा नहीं बन सके सौरव गांगुली की तकदीर का फैसला अब चार फरवरी को होगा। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की गवर्निंग काउंसिल की उसी दिन मुंबई में एक बैठक होगी जिसमें यह फैसला किया जाएगा कि टीम कोच्चि गांगुली को साइन कर सकती है या नहीं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी फ्रेंचाइजी को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि यदि कोई टीम नीलामी के दौरान नहीं बिक सके खिलाडियों को साइन करना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति तो नहीं है।
बीसीसीआई के इस कदम से आईपीएल की नीलामी के दौरान नहीं बिक सके भारतीय खिलाडियों में गांगुली के अलावा वसीम जाफर और वीआरवी सिंह को भी फायदा होगा। बोर्ड ने यह कदम टीम कोच्चि की ओर से गांगुली को साइन करने का इरादा जाहिर किए जाने के बाद उठाया है।
आईपीएल के सीओओ सुंदर रमन की ओर से सभी फ्रेंचाइजी को भेजे गए मेल के मुताबिक, ‘आईपीएल नीलामी के नियमों से साफ है कि जिन खिलाडियों पर किसी ने बोली नहीं लगाई, वो किसी खिलाड़ी के टीम से बाहर होने की स्थिति में ही खेल सकते हैं। गवर्निंग काउंसिल ने भी इस मसले पर विचार किया है और आप सभी का इरादा जानना चाहती है कि यदि कोई टीम किसी ऐसे खिलाड़ी को खरीदना चाहता है तो आप सभी को कोई आपत्ति तो नहीं है।’
रमन ने साफ कर दिया कि ऐसी ही फ्रेंचाइजी किसी खिलाड़ी को उनके बेस प्राइस के मुताबिक साइन कर सकती है जिसकी जेब में पर्याप्त धनराशि हो। फ्रेंचाइजी को तीन फरवरी तक इस मसले पर सोचने की मोहलत दी गई है।
इस बीच, कोच्चि टीम प्रबंधन ने भी गांगुली को शामिल किए जाने में दिलचस्पी दिखाई है। कोच्चि टीम के मुताबिक, ‘हमने आईपीएल से इजाजत मांगी है कि क्या हम गांगुली को साइन कर सकते हैं। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।’ हालांकि टीम ने यह भी कहा है कि यदि गांगुली को टीम में शामिल किया जाता है तो उन्हें टीम की कमान सौंपी जा सकती है।
आईपीएल के पिछले तीन संस्करणों में कोलकाता नाइटराइडर्स का हिस्सा रहे गांगुली को पिछले दिनों आईपीएल के अगले संस्करणों के लिए हुई नीलामी में किसी टीम ने नहीं खरीदा था।
आपकी बात
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी फ्रेंचाइजी को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि यदि कोई टीम नीलामी के दौरान नहीं बिक सके खिलाडियों को साइन करना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति तो नहीं है।
बीसीसीआई के इस कदम से आईपीएल की नीलामी के दौरान नहीं बिक सके भारतीय खिलाडियों में गांगुली के अलावा वसीम जाफर और वीआरवी सिंह को भी फायदा होगा। बोर्ड ने यह कदम टीम कोच्चि की ओर से गांगुली को साइन करने का इरादा जाहिर किए जाने के बाद उठाया है।
आईपीएल के सीओओ सुंदर रमन की ओर से सभी फ्रेंचाइजी को भेजे गए मेल के मुताबिक, ‘आईपीएल नीलामी के नियमों से साफ है कि जिन खिलाडियों पर किसी ने बोली नहीं लगाई, वो किसी खिलाड़ी के टीम से बाहर होने की स्थिति में ही खेल सकते हैं। गवर्निंग काउंसिल ने भी इस मसले पर विचार किया है और आप सभी का इरादा जानना चाहती है कि यदि कोई टीम किसी ऐसे खिलाड़ी को खरीदना चाहता है तो आप सभी को कोई आपत्ति तो नहीं है।’
रमन ने साफ कर दिया कि ऐसी ही फ्रेंचाइजी किसी खिलाड़ी को उनके बेस प्राइस के मुताबिक साइन कर सकती है जिसकी जेब में पर्याप्त धनराशि हो। फ्रेंचाइजी को तीन फरवरी तक इस मसले पर सोचने की मोहलत दी गई है।
इस बीच, कोच्चि टीम प्रबंधन ने भी गांगुली को शामिल किए जाने में दिलचस्पी दिखाई है। कोच्चि टीम के मुताबिक, ‘हमने आईपीएल से इजाजत मांगी है कि क्या हम गांगुली को साइन कर सकते हैं। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।’ हालांकि टीम ने यह भी कहा है कि यदि गांगुली को टीम में शामिल किया जाता है तो उन्हें टीम की कमान सौंपी जा सकती है।
आईपीएल के पिछले तीन संस्करणों में कोलकाता नाइटराइडर्स का हिस्सा रहे गांगुली को पिछले दिनों आईपीएल के अगले संस्करणों के लिए हुई नीलामी में किसी टीम ने नहीं खरीदा था।
आपकी बात

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