नई दिल्ली. भारतीय उपमहाद्वीप में 19 फरवरी से शुरू होने वाले विश्वकप का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है सभी निगाहें मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर की तरफ केन्द्रित होने लगी हैं।
विश्व क्रिकेट में लगभग सभी बड़े रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले सचिन ने इस खेल में वो मुकाम हासिल कर लिया है जिसका सपना सभी खिलाड़ी देखते हैं। लेकिन क्रिकेट के इस बेताज बादशाह के करियर में अब भी कुछ हसरतें हैं जो निश्चय ही वह पूरी करना चाहते हैं। सचिन की सबसे बड़ी हसरत देश के लिए विश्वकप जीतना है। हाल में उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने की मांग भी जोरों से उठी थी लेकिन फिलहाल यह सम्मान उन्हें नहीं मिल पाया। उनकी तीसरी बड़ी हसरत टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक बनाना है। खेल के इस लंबे स्वरूप में लगभग सभी रिकॉर्ड अपने नाम करने के बावजूद सचिन अभी तक तिहरा शतक नहीं ठोक पाए हैं।
बने वर्ल्ड चैंपियन
सचिन विश्वकप के बाद 24 अप्रैल को 38 वर्ष के हो जाएंगे। जिसे देखकर यह माना जा सकता है कि संभवतः यह उनका आखिरी विश्वकप होगा। सचिन इस विश्वकप में जब उतरेंगे तो वह पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के सर्वाधिक छह विश्वकप खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। लेकिन उनका इस टूर्नामेंट के दौरान सबसे बडा लक्ष्य यही होगा कि वह भारतीय उपमहाद्वीप में हो रहे इस टूर्नामेंट में देश के लिए विश्वकप जीतकर अपना सपना पूरा करें। मास्टर ब्लास्टर विश्वकप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
वह अब तक विश्वकप के 36 मैचों में 57.93 के औसत और 88.21 के स्ट्राइक रेट से 1796 रन बना चुके हैं। सचिन तीन अन्य खिलाड़ियों के साथ विश्वकप में सर्वाधिक चार शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम रखते हैं। तीन अन्य खिलाड़ियों में पोंटिंग और मार्क वा तथा भारत के सौरभ गांगुली शामिल हैं। विश्वकप में सचिन ने 13 अर्धशतक बनाए हैं जो एक विश्व रिकॉर्ड है।
करना चाहते हैं वीरू की बराबरी
सचिन टेस्ट क्रिकेट में अब तक तिहरा शतक नहीं लगा पाए हैं। उनका सर्वाधिक टेस्ट स्कोर नाबाद 248 रन है जो उन्होंने बाग्लादेश के खिलाफ बनाया था। टेस्ट ही क्या सचिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी तिहरा शतक नहीं लगा पाए। भारत के नाम टेस्ट में दो तिहरे शतक हैं और वे दोनों की वीरेन्द्र सहवाग के खाते में हैं।
क्रिकेट के इस बेताज बादशाह के लिए फिलहाल अपनी एक हसरत पूरा करने का मौका जल्द ही आ रहा है जब वह 19 फरवरी से शुरू होने वाले विश्वकप में भारत की दमदार चुनौती की अगुवाई करेंगे।
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