नई दिल्ली. सरकार ने अब 12 साल के बच्चों को भी आपसी सहमति से सेक्स करने की इजाजत देने की तैयारी कर ली है। बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा दिलाने संबंधी इस बिल का मसौदा केंद्र ने सभी राज्यों को भेज दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से भेजे गए इस मसौदे पर राज्यों से उनकी राय मांगी गई है।
इस बिल के तहत आपसी सहमति से किए जाने वाले सेक्स (नॉन-पेनेट्रेटिव) के लिए उम्र सीमा में ग्रेडेशन लागू किए जाने का भी प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि 12 से 14 साल के आयु समूह के मामले में जोड़ीदार के उम्र में दो साल का अंतराल होना चाहिए जबकि 14 से 16 साल के आयु समूह के मामले में यह अंतर तीन साल का होना चाहिए।
कानून मंत्री को पता ही नहीं
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि इस बिल का मसौदा राज्य सरकारों को भेज दिया गया है लेकिन केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली को इस बिल के बारे में पता ही नहीं है। उन्होंने कहा, ‘12 साल के बच्चों को सेक्स की इजाजत देना कहीं से उचित नहीं है।’
स्पेन में 13 साल के बच्चों को इजाजतअमेरिका में आपसी सहमति से सेक्स करने की आयु सीमा 16 से 18 साल है। हालांकि वहां के हर प्रांत में इस बारे में अलग-अलग आयु सीमा है। ब्रिटेन में आपसी सहमति से सेक्स करने की इजाजत 16 साल के किशारों को ही है। हालांकि स्पेन में 13 साल के बच्चों को आपसी सहमति से सेक्स की इजाजत है।
कोट्स
‘सरकार का यह कदम निरर्थक है। ऐसे कानून की कोई जरूरत नहीं है। सरकार की प्राथमिकता गरीबी, भ्रष्टाचार उन्मूलन, विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने, रोजगार मुहैया कराने की होनी चाहिए। अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने भी इसे नकार दिया है। ऐसे कानून बनने से उच्छश्रृंखलता को बढ़ावा मिलेगा।’
सत्यमित्र दुबे, वरिष्ठ समाजशास्त्री
‘ऐसे कानून बनने से देश की संस्कृति और परंपरा पर नकारात्मक असर पड़ेगा। हमारी संस्कृति में लड़कों के लिए 25 साल और लड़कियों के लिए 18 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करने की परंपरा है। हमारी संस्कृति संयमित और मर्यादित जीवन जीने की सीख देती है न कि कदाचार। सरकार के इस कदम से बच्चों के यौन शोषण की घटनाएं भी बढ़ेंगी।’
स्वामी अग्निवेश, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता
आपकी बात
आपकी नजर में 12 साल के बच्चों को सेक्स की इजाजत देना कितना सही है? क्या इससे समाज पर खराब असर नहीं पडे़गा? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर दुनियाभर के पाठकों से शेयर कर सकते हैं...
इस बिल के तहत आपसी सहमति से किए जाने वाले सेक्स (नॉन-पेनेट्रेटिव) के लिए उम्र सीमा में ग्रेडेशन लागू किए जाने का भी प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि 12 से 14 साल के आयु समूह के मामले में जोड़ीदार के उम्र में दो साल का अंतराल होना चाहिए जबकि 14 से 16 साल के आयु समूह के मामले में यह अंतर तीन साल का होना चाहिए।
कानून मंत्री को पता ही नहीं
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि इस बिल का मसौदा राज्य सरकारों को भेज दिया गया है लेकिन केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली को इस बिल के बारे में पता ही नहीं है। उन्होंने कहा, ‘12 साल के बच्चों को सेक्स की इजाजत देना कहीं से उचित नहीं है।’
स्पेन में 13 साल के बच्चों को इजाजतअमेरिका में आपसी सहमति से सेक्स करने की आयु सीमा 16 से 18 साल है। हालांकि वहां के हर प्रांत में इस बारे में अलग-अलग आयु सीमा है। ब्रिटेन में आपसी सहमति से सेक्स करने की इजाजत 16 साल के किशारों को ही है। हालांकि स्पेन में 13 साल के बच्चों को आपसी सहमति से सेक्स की इजाजत है।
कोट्स
‘सरकार का यह कदम निरर्थक है। ऐसे कानून की कोई जरूरत नहीं है। सरकार की प्राथमिकता गरीबी, भ्रष्टाचार उन्मूलन, विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने, रोजगार मुहैया कराने की होनी चाहिए। अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने भी इसे नकार दिया है। ऐसे कानून बनने से उच्छश्रृंखलता को बढ़ावा मिलेगा।’
सत्यमित्र दुबे, वरिष्ठ समाजशास्त्री
‘ऐसे कानून बनने से देश की संस्कृति और परंपरा पर नकारात्मक असर पड़ेगा। हमारी संस्कृति में लड़कों के लिए 25 साल और लड़कियों के लिए 18 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करने की परंपरा है। हमारी संस्कृति संयमित और मर्यादित जीवन जीने की सीख देती है न कि कदाचार। सरकार के इस कदम से बच्चों के यौन शोषण की घटनाएं भी बढ़ेंगी।’
स्वामी अग्निवेश, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता
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