Thursday, January 20, 2011

खातेदारों के नामों की जानकारी देने में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने असमर्थता जता दी है।


नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवरों के बावजूद विदेशी बैंकों में जमा काले धन के भारतीय खातेदारों के नामों की जानकारी देने में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने असमर्थता जता दी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करारों का हवाला दिया और कहा कि अगर सरकार ने ऐसा किया तो दुनिया में कोई हम पर भरोसा नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि विदेश में जमा काला धन तत्काल वापस लाने के लिए सरकार के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। 2जी स्पेक्ट्रम मामले में उन्होंने संसद का गतिरोध तोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा भी दिलाया।

राष्ट्रपति भवन में कैबिनेट फेरबदल के बाद पत्रकारों से मुखातिब प्रधानमंत्री ने काले धन के बारे में टका सा जवाब दिया। हमें बकाया कर वसूली में इस्तेमाल के लिए कुछ जानकारी उपलब्ध कराई गई है।' सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी पर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मुझे नहीं मालूम कि सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है। हम इस सूचना को किसी और उद्देश्य में न तो इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही सार्वजनिक कर सकते हैं। हम अंतरराष्ट्रीय संधियों से बंधे हैं। अगर उसका उल्लंघन होगा तो कौन देश फिर हम पर भरोसा करेगा?'

2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच के लिए जेपीसी गठन की मांग पर प्रधानमंत्री ने कुछ स्पष्ट तो नहीं कहा, लेकिन सदन चलाने के लिए हर संभव उपाय करने को कहा। उन्होंने कहा कि 'जहां तक जेपीसी की सवाल है तो हमारी सरकार हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है।' इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने फिर दोहराया कि 'हम सदन चलाना चाहते हैं। वहां पर सभी मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हम किसी भी बहस से डरते नहीं हैं और संसद चर्चा की जगह है।'

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