टीम के तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार का कहना है कि अगर किसी क्रिकेटर की नेतृत्व क्षमता को प्रेरणा के मापदंड पर आंका जाए तो भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से की जा सकती है।
धोनी के कप्तानी के बारे में पूछे जाने पर प्रवीण कुमार ने कहा कि वे क्रिकेट के ओबामा हैं।
मैदान पर मुश्किल परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के साथ टीम के अन्य खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रोत्साहित करना, धोनी की पहचान बन चुकी है। 2007 में पहली बार भारतीय टीम की कमान संभालने के बाद विरले ही उनकी कप्तानी पर सवाल उठे हैं।
उल्लेखनीय है कि बराक ओबामा अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। पूरी दुनिया में उनकी छवि एक प्रेरणात्मक नेता के तौर पर है। प्रवीण का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में धोनी की छवि भी कुछ ऐसी ही है।
24 वर्षीय उत्तर प्रदेश का यह गेंदबाज अपने पहले वर्ल्ड कप को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, फिलहाल यह मेरे लिए एक सपने का समान है। वर्ल्ड कप कोई साधारण टूर्नामेंट नहीं है। इस टूर्नामेंट में लेकर अतुलनीय उत्साह देखने को मिलता है। मैं इस मौके का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।
पीके के उपनाम से प्रसिद्घ यह गेंदबाज फिलहाल बेंगलूरु के नेशनल क्रिकेट अकादमी में अपने चोट से उबरने की कोशिश कर रहा है।
वर्ल्ड कप भारतीय टीम की दावेदारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हालिया दिनों में हमनें जिस तरह का खेल दिखाया है उसके हिसाब से हम चैंपियन बनने के सबसे प्रबल दावेदार हैं। हमारी टीम में कई विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। और टूर्नामेंट के लिए हमारी तैयारी भी अच्छी रही है। ऐसे में मैं उम्मीद करता हूं कि हम ट्रॉफी जीतने में सफल होंगे।
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