आजमगढ़: मेहनगर थाना क्षेत्र के विषहम गांव के समीप गुरुवार की रात लकड़ी माफियाओं की घेराबंदी के दौरान उनकी गोली से गंभीरपुर थाने का एक सिपाही शहीद हो गया। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिले की एसओजी व कप्तानगंज थानाध्यक्ष की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों से इस घटना में शामिल तीन लोगों को असलहा सहित गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक भगवान स्वरूप श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि गंभीरपुर पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में सक्रिय वन माफिया शीशम का पेड़ काटकर लकड़ी ले जाने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बताये गये स्थान पर दबिश दी लेकिन माफिया वहां से पिकअप वैन पर लकड़ी लादकर निकल चुके थे। थानाध्यक्ष ने क्षेत्र में गश्त कर रहे सिपाहियों को फोन से सूचित कर रास्ते में अवरोध खड़ाकर वैन को रोकने का निर्देश दिया। उधर थानाध्यक्ष पंकज सिंह हमराहियों के साथ खुद माफियाओं की तलाश में निकले थे। टेकमलपुर गांव के पास सड़क पर अवरोध देख लकड़ी लदी पिकअप के चालक ने वाहन को बैक किया और मेंहनगर क्षेत्र के विषहम गांव की ओर भागने लगा। इसी बीच सिपाही नित्यानंद सिंह वाहन चालक की ओर वैन का गेट पकड़कर लटक गया। उसी दौरान चालक के बगल में बैठे वन माफियाओं ने सिपाही पर लक्ष्य कर असलहे से फायर कर दिया। गोली नित्यानंद की कनपटी में लगी और वह गिर पड़ा। इसके बाद माफिया मौके से फरार हो गये। कुछ देर बाद ही गंभीरपुर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और सड़क पर घायलावस्था में अचेत पड़े सिपाही को यह जानकर अपने वाहन पर लादा कि वह वाहन के धक्के से घायल हुआ है। आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी भी अस्पताल पहुंच गये। मृत सिपाही के सिर का एक्सरे कराया गया तो उसे गोली लगने की पुष्टि हुई। इस घटना से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गयी।
पुलिस अधीक्षक भगवान स्वरूप ने इस घटना को अंजाम देने वालों की गिरफ्तारी के लिए जिले की एसओजी टीम व कप्तानगंज थानाध्यक्ष को लगाया। पुलिस टीम ने घटना में शामिल पिकअप वैन चालक अशहद पुत्र नूर मोहम्मद को उसके मुहम्मदपुर थाना गंभीरपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर वाहन को भी कब्जे में ले लिया। उससे पूछताछ के दौरान जानकारी मिलने पर मुख्य आरोपी मोहम्मद हारुन उर्फ पप्पू व तवरेज उर्फ निरहू निवासी कस्बा मुहम्मदपुर थाना क्षेत्र गंभीरपुर को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 32 बोर रिवाल्वर भी बरामद कर लिया। पकड़े गये लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने क्षेत्र के चीउटहीं ग्राम स्थित एक पोखरे से पानी में छिपाये गये शीशम के सात बोटे बरामद कर लिये। मामले का राजफाश करने वाली पुलिस टीम को पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा 12 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है।
सिपाही का शव पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन परिसर लाया गया जहां उसे अंतिम विदाई दी गयी। घटना की जानकारी पाकर सिपाही के परिजन भी मौके पर पहुंच गये थे। देर शाम शव उसके घर गाजीपुर भेज दिया गया।
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