Sunday, February 20, 2011

वंदना समूह ने 33 करोड़ सरेंडर किए

भोपाल। इस्पात और पॉवर सेक्टर की रायपुर में नामी गिरामी कंपनी वंदना समूह ने आयकर विभाग के सामने 33 करोड़ रूपए की अघोषित आय स्वीकार कर ली। इस अघोषित आय पर 30 प्रतिशत के हिसाब से करीब 10 करोड़ से अधिक टैक्स की रिकवरी होना तय हो गया। पता चला है कि सरेंडर की गई यह रकम कोलकाता की फर्जी कंपनियों से लाए गए शेयर कैपिटल से जुड़ी है। अभी अहम दस्तावेजों की जांच बाकी है। आयकर विभाग का कहना है कि छापे में जब्त किए गए लेन-देन के महत्वपूर्ण सुरागों व कागजातों की पड़ताल के बाद अघोषित आय का आंकड़ा 500 करोड़ से ऊपर पहुंचेगा।

फिलहाल मुंबई, कोलकाता, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा में शुक्रवार से चल रही छापे की कार्रवाई शनिवार देर रात पूरी हुई। रविवार को भोपाल मुख्यालय की टीमें रायपुर से रवाना हो गई। सूत्रों के मुताबिक इस्पात, पॉवर और ट्रेडिंग समेत रीयल स्टेट में कूदने की तैयारी कर रही वंदना समूह से जुड़े सुभाष अग्र्रवाल, विनोद अग्र्रवाल, प्रहलाद अग्र्रवाल, अशोक अग्रवाल और गोपाल अग्र्रवाल के नाम से छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग आदि प्रमुख स्थानों पर कई एकड़ जमीनें मिली हैं। इनका मूल्यांकन बाद में किया जाएगा। इन जमीनों में निवेश के मूल स्त्रोत की भी छानबीन होगी ताकि काली कमाई की जड़ तक पहुंचा जा सके।


छापे की कार्रवाई पूरी हो गई है। अभी वंदना समूह ने सरेंडर कर दिया है लेकिन आगे की जांच में अघोषित आय बढ़ेगी। आयकर इस मामले की गहन छानबीन करेगा।ब्रजेश गुप्ता, आयकर महानिदेशक, भोपाल




Add Fav Set Default Go Top

No comments:

Post a Comment