नई दिल्ली. विश्व कप में कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में जीतने के लिए टीम इंडिया की क्या रणनीति होनी चाहिए, इस पर सभी अपनी अपनी राय दे रहे हैं।
आइए, नज़र डालते हैं अपने समय में बेहतरीन क्रिकेट खेलने के लिए जाने जाने वाले खिलाड़ियों की राय पर--
अपने जमाने के धुरंधर बल्लेबाज़ और मशहूर कॉमेंटेटर सुनील गावस्कर ने एक टीवी शो के दौरान कहा कि टीम को बल्लेबाज़ों पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए। टीम में कम से कम 8 बल्लेबाज़ और 3 गेंदबाज़ होने चाहिए। इससे टीम 300 या 300 से ऊपर का टारगेट देने और पीछा करने में ज़्यादा सक्षम रहेगी। वहीं, इससे उलट अजय जडेजा का कहना है कि टीम में गेंदबाज़ ज्यादा होने चाहिए। उन्होनें कहा कि अगर आपका दिन अच्छा है तो 3 बल्लेबाज़ों से ज़्यादा की ज़रूरत नहीं पड़ेगी पर अगर आपका दिन खराब है तो 8 बल्लेबाज़ भी किसी काम नहीं आएंगे।
१९८३ में विश्व कप खिताब जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे कपिल देव ने मौजूदा भारतीय टीम को विश्व कप का एक प्रबल दावेदार बताते हुए कहा कि भले ही टीम की गेंदबाज़ी और फील्डिंग बहुत अच्छी न हो पर टीम का सबसे 'स्ट्रॉन्ग प्वाइंट' बैटिंग है। उन्होनें कहा कि हालांकि टॉस जीतने को लेकर धोनी का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है पर अगर हमें पहले बल्लेबाज़ी करने का मौका मिले और हम 300 रन बना लेते हैं तो जीतने का बाकी काम गेंदबाज़ आसानी से कर लेंगे। सचिन के लिए विश्व कप जीतने के मुहिम को गलत बताते हुए कपिल ने कहा कि इस तरह प्रचार नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि सचिन को हमारे लिए विश्व कप जीत कर लाना चाहिए।
2003 के विश्व कप के फाइनल तक पहुंची भारतीय टीम के कप्तान रहे सौरव गांगुली का मानना है कि ये विश्वकप बहुत खुला होगा, लेकिन भारत, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका की टीमें अंतिम चार में जगह बना सकती हैं। साथ ही पूर्व कप्तान ने धोनी के धुरंधरों को पाकिस्तान टीम से सावधान रहने की हिदायत दी है। सौरव गांगुली ने कहा कि भारतीय टीम की ताकत उसकी बल्लेबाजी है। इसके अलावा टीम में एक अदद तेज गेंदबाज की कमी की तरफ भी दादा ने टीम का ध्यान आकर्षित किया है। फील्डिंग के बारे में गांगुली ने कहा है कि टीम का क्षेत्ररक्षण सुधरा जरूर है, लेकिन सभी खिलाड़ियों को इस पर खास ध्यान देना होगा। उनके मुताबिक टीम को पुराने फंडे 'पकड़ो कैच, जीतो मैच' को अपने ध्यान में रखना होगा।
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