Thursday, February 24, 2011

कांग्रेस चाहती है कि राजनीति में आएं बाबा रामदेव

नई दिल्‍ली. बाबा रामदेव काले धन के मुद्दे पर कांग्रेस से ‘पंगा’ ले लिया है और उन्‍होंने एक बार फिर ऐलान किया कि है वह इस साल जून में अपनी पार्टी बनाएंगे। कांग्रेस को भी बाबा की इस ‘धमकी’ से डर नहीं लग रहा है और वह चाहती है कि रामदेव राजनीति में आएं।

काले धन को लेकर बाबा रामदेव और कांग्रेस के बीच छिड़ी जुबानी जंग के बीच योग गुरू ने फिर कहा है कि सक्रिय राजनीति में हिस्‍सा लेने का उनका कोई इरादा नहीं है लेकिन वह इस साल जून में अपनी पार्टी जरूर बनाएंगे। ‘भारत स्‍वाभिमान यात्रा’ के तहत पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के दौरे पर गए बाबा रामदेव ने असम के गोलाघाट में पत्रकारों से कहा कि वह 27 फरवरी को राष्‍ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करेंगे।

हालांकि कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह की ओर से बाबा की संपत्ति को लेकर उठाए जा रहे सवालों से ज्‍यादा चिंतित नहीं है। कांग्रेस चाहती है कि बाबा रामदेव जैसे दर्जनों बाबा राजनीति में आएं। पार्टी के एक सूत्र का मानना है कि इससे प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को ही नुकसान होगा।

पिछले दिनों बाबा के खिलाफ दिग्विजय सिंह के बयानों से ऐसा लग रहा था‍ कि कांग्रेस बाबा से आर-पार के मूड में है। दिग्विजय और बाबा के बीच जुबानी जंग के बारे में ग्रेस प्रवक्‍ता शकील अहमद का कहना है, ‘हमारी पार्टी बाबा रामदेव के खिलाफ कोई अभियान नहीं चला रही है लेकिन यदि वह किसी के खिलाफ आरोप लगाएंगे तो स्‍वाभाविक है कि उनकी आय के बारे में लोग सवाल उठाएंगे।’

कांग्रेस को पता है कि यदि बाबा रामदेव अपनी पार्टी बनाने के बजाय अपने समर्थकों से भाजपा के लिए वोट देने की अपील करते हैं तो उसे भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में बाबा के भारी समर्थकों को देखते हुए कांग्रेस सीधे तौर पर उनसे आर-पार के मूड में नहीं है। 2009 के आम चुनावों में बाबा रामदेव ने लाल कृष्‍ण आडवाणी के साथ मंच शेयर किया और उन्‍हें प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार के तौर पर पेश किया था।

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