काहिराः मिस्र का 30 साल पुराना शासन पिछले हफ्ते छोड़ने वाले हुस्नी मुबारक काफ़ी बीमार हैं और एक खबर के अनुसार उन्होंने दूसरे देशों में शरण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और कहा है कि वह अपने देश में अंतिम सांस लेना चाहते हैं. सउदी अरब के एक शीर्ष अधिकारी ने अमेरिकी नेटवर्क सीबीएस से कहा कि लंबे समय तक मिस्र के राष्ट्रपति रहे मुबारक का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है लेकिन वह अपने देश को नहीं छोड़ना चाहते.
82 वर्षीय मुबारक ने शरण संबंधी सउदी अरब के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. अल अरबिया ने सउदी अधिकारी के हवाले से बताया कि वह अपने बाकी दिन मिस्र में बिताना चाहते हैं. हालांकि इस बारे में सउदी सरकार से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. सरकारी टीवी पर अपने अंतिम भाषण में मुबारक ने कहा था कि वह अपना देश छोड़कर नहीं जाएंगे और मिस्र में ही अंतिम सांस लेंगे.
मिस्र के कई अखबारों ने सोमवार को खबर प्रकाशित की थी कि मुबारक शर्म अल शेख स्थित अपने आवास पर शनिवार की रात को पूरी तरह कौमा में चले गये.
82 वर्षीय मुबारक ने शरण संबंधी सउदी अरब के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. अल अरबिया ने सउदी अधिकारी के हवाले से बताया कि वह अपने बाकी दिन मिस्र में बिताना चाहते हैं. हालांकि इस बारे में सउदी सरकार से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. सरकारी टीवी पर अपने अंतिम भाषण में मुबारक ने कहा था कि वह अपना देश छोड़कर नहीं जाएंगे और मिस्र में ही अंतिम सांस लेंगे.
मिस्र के कई अखबारों ने सोमवार को खबर प्रकाशित की थी कि मुबारक शर्म अल शेख स्थित अपने आवास पर शनिवार की रात को पूरी तरह कौमा में चले गये.
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