दोहा।। इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग में फंसे पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर पर ठोस सबूतों के आधार पर बैन लगाया गया है। आईसीसी ने साथ ही उम्मीद जताई कि उनका यह फैसला भविष्य में खेल की छवि खराब करने की हिम्मत करने वालों के लिए मिसाल की तरह काम करेगा। बट, आसिफ और आमिर पर हुई कड़ी कार्रवाई के बारे में आईसीसी सीईओ हारून लोर्गट ने कहा कि क्रिकेट में करप्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्वतंत्र पंचाट ने शनिवार को दोहा में अपने फैसले से कड़ा संदेश दिया है।
लोर्गट ने बयान में कहा, 'मैं खुश हूं कि सुनवाई अब पूरी हो चुकी है और हम स्वतंत्र पंचाट के फैसले का सम्मान करते हैं। इस पंचाट के सदस्य काफी अनुभवी हैं और उन्होंने सभी पक्षों की बात सुनने में पूरा समय लिया। 2010 में न्यूज ऑफ द वर्ल्ड अखबार के स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों का खुलासा करने के बाद से ही आईसीसी ने इस मामले को जारी रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और हम नतीजे से खुश हैं। खेल में करप्शन बर्दाश्त नहीं होगा। मुझे आशा है कि यह जांच और फैसला साफ संदेश देगा।'
लोर्गट ने कहा कि आईसीसी तीनों दागी क्रिकेटरों को दोषी ठहराने वाले पंचाट के फैसले के प्रकाशन से पहले कानूनी सलाह लेगी। उन्होंने कहा, 'हम क्रिकेट के हित में फैसले के प्रकाशन के बारे में पंचाट की आईसीसी के सामने प्रकट की गई सर्वसम्मत इच्छा से सहमत हैं। हमें ब्रिटेन की क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस के इन खिलाडि़यों पर आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्णय की पूरी जानकारी है और हम इसका सम्मान करते हैं। इसे दिमाग में रखकर हम पूरे फैसले की ध्यानपूर्वक समीक्षा करेंगे और कारणों के प्रकाशन पर कोई निर्णय करने से पहले व्यवस्थित रूप से कानूनी सलाह लेंगे।'
आईसीसी के एंटी करप्शन ट्रिब्यूनल ने शनिवार को बट, आसिफ और आमिर को क्रमश: दस, सात और पांच साल के बैन की सजा सुनाई थी। आईसीसी एंटी करप्शन एंड सिक्युरिटी यूनिट के अध्यक्ष सर रोनी फ्लैनगन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में एसीएसयू और आईसीसी की लीगल टीम ने इस मामले में कड़ी मेहनत की है।
लोर्गट ने बयान में कहा, 'मैं खुश हूं कि सुनवाई अब पूरी हो चुकी है और हम स्वतंत्र पंचाट के फैसले का सम्मान करते हैं। इस पंचाट के सदस्य काफी अनुभवी हैं और उन्होंने सभी पक्षों की बात सुनने में पूरा समय लिया। 2010 में न्यूज ऑफ द वर्ल्ड अखबार के स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों का खुलासा करने के बाद से ही आईसीसी ने इस मामले को जारी रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और हम नतीजे से खुश हैं। खेल में करप्शन बर्दाश्त नहीं होगा। मुझे आशा है कि यह जांच और फैसला साफ संदेश देगा।'
लोर्गट ने कहा कि आईसीसी तीनों दागी क्रिकेटरों को दोषी ठहराने वाले पंचाट के फैसले के प्रकाशन से पहले कानूनी सलाह लेगी। उन्होंने कहा, 'हम क्रिकेट के हित में फैसले के प्रकाशन के बारे में पंचाट की आईसीसी के सामने प्रकट की गई सर्वसम्मत इच्छा से सहमत हैं। हमें ब्रिटेन की क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस के इन खिलाडि़यों पर आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्णय की पूरी जानकारी है और हम इसका सम्मान करते हैं। इसे दिमाग में रखकर हम पूरे फैसले की ध्यानपूर्वक समीक्षा करेंगे और कारणों के प्रकाशन पर कोई निर्णय करने से पहले व्यवस्थित रूप से कानूनी सलाह लेंगे।'
आईसीसी के एंटी करप्शन ट्रिब्यूनल ने शनिवार को बट, आसिफ और आमिर को क्रमश: दस, सात और पांच साल के बैन की सजा सुनाई थी। आईसीसी एंटी करप्शन एंड सिक्युरिटी यूनिट के अध्यक्ष सर रोनी फ्लैनगन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में एसीएसयू और आईसीसी की लीगल टीम ने इस मामले में कड़ी मेहनत की है।
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