Sunday, February 6, 2011

पाक ने खेला 'हिंदू आतंकवाद' का कार्ड, भारत का करारा जवाब

इस्लामाबाद/लाहौर/थिंपू. भूटान की राजधानी थिंपू में रविवार से शुरू हो रही भारत-पाकिस्तान सचिव स्तर की बातचीत से पहले पाकिस्तान ने भारत पर राजनयिक दबाव बनाने के लिए 'हिंदू आतंकवाद' का कार्ड खेला, लेकिन भारत ने भी इसका करारा जवाब दिया है। भारतीय विदेश सचिव अनुपमा राव ने कहा कि पाकिस्तान जानबूझकर भारत को भड़का रहा है।

राजनयिक तौर पर दबाव बना रही पाकिस्तान सरकार के साथ ही पाकिस्तान के चरमपंथी तत्व भारत को जंग की धमकी दे रहे हैं। मुंबई में आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज मुहम्मद सईद का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि उसने भारत को जंग के लिए तैयार रहने की चेतावनी दे डाली है। सईद ने कहा कि जंग के लिए उसकी तैयारी पूरी है। एक रैली में सईद ने कहा, ‘मैं मनमोहन सिंह को एक संदेश देना चाहता हूं। कश्मीर छोड़ दें या युद्ध झेलने को तैयार रहें।’

पाकिस्तान ने कहा है कि समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में ‘हिंदू आतंकवादियों’ की भूमिका का खुलासा करने के लिए भारत में साहस नहीं है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि हिंदू आतंकवादियों और भारतीय सेना के कुछ लोगों की साजिश का खुलासा करने को लेकर भारत में साहस का अभाव है।’ उन्होंने कहा, ‘2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में भारत की अब तक कार्रवाई उम्मीद के मुताबिक नहीं है। भारत को कथनी और करनी में अंतर को खत्म करना होगा।’

बासित ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत आतंकवाद को पाकिस्तान के खिलाफ दुष्प्रचार के रूप में इस्तेमाल करता रहा है, लेकिन वह समझौता एक्सप्रेस मामले में अब तक अपनी जांच पूरी नहीं कर पाया है।’ उन्होंने कहा, ‘घटना के चार साल बाद भारत कहता है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। हमें नहीं पता कि भारत समझौता एक्सप्रेस के गुनाहगारों को सजा दिलाने में अभी कितना वक्त लेगा। इसमें 42 पाकिस्तानियों सहित 68 लोगों की जान गई थी।’ भारत की ओर से भी बार-बार यह आरोप लगाया जाता रहा है कि मुंबई हमले की साजिशकर्ताओं के खिलाफ पाकिस्तान ने अब तक सही ढंग से कार्रवाई नहीं की है।

लेकिन भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव ने थिंपू में कहा कि पाकिस्तान का आरोप पूरी तरह हास्यास्पद है। पाकिस्तान जानबूझकर भारत को भड़काने और बातचीत में व्यवधान डालने का प्रयास कर रहा है.

जुलाई के बाद पहली बैठकदोनों देशों के बीच पिछले साल जुलाई में विदेश मंत्री स्तर की बातचीत असफल हो गई थी। इसके बाद इन पड़ोसियों के विदेश सचिव पहली बार औपचारिक वार्ता के लिए आमने-सामने होंगे। माना जा रहा है कि निरुपमा राव और सलमान बशीर की इस मुलाकात में भारत मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगेगा। थिंपू में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के विदेश सचिवों का सम्मेलन चल रहा है। निरुपमा राव और बशीर इस बातचीत के दौरान विश्वास बहाली के तौर-तरीकों पर विचार करेंगे। भारत की ओर से 26/11 के मुंबई हमले के मामले में अब तक हुई प्रगति की जानकारी भी पाकिस्तान से मांगी जाएगी। लश्करे तैयबा के आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी सहित छह आतंकियों पर पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत में मुंबई हमले के सिलसिले में मुकदमा चल रहा है।

मुंबई हमले के दौरान आतंकियों को निर्देशित कर रहे पाकिस्तानी आकाओं की आवाज के नमूने भी भारत ने पाकिस्तान से मांगे हैं। इस मसले पर राव ने शुक्रवार को दिल्ली में कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देशों की सरकारें संतोषजनक निष्कर्ष पर पहुंच जाएंगी। जिससे कि मुकदमा सही नतीजे पर पहुंच सके।’ पाकिस्तान भी इस दौरान भारत से समझौता एक्सप्रेस मामले में जांच की प्रगति की जानकारी मांग सकता है।

आगे की भूमिका बनेगीविदेश सचिव स्तर की यह बैठक दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच आगामी वार्ता की भूमिका तैयार करेगी। आगामी एक-डेढ़ माह में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की भारत यात्रा प्रस्तावित है।कश्मीर पर सार्थक बात करें : गिलानी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि भारत जम्मू-कश्मीर के मसले पर सार्थक बातचीत करे। पाकिस्तान के अधिकार वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में विधानसभा और परिषद के संयुक्त सत्र के दौरान गिलानी का यह संदेश पढ़ा गया। इस सत्र को गिलानी खुद संबोधित करने वाले थे। लेकिन खराब मौसम की वजह से वे यहां नहीं आ सके। अपने संदेश में गिलानी ने भारत के साथ कश्मीर सहित हर मसले पर ‘बिना शर्त बातचीत का प्रस्ताव’ किया है।

आपका मत

पाकिस्तान बातचीत के किसी भी दौर के पहले, माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिशकरता है. क्या इन परिस्थितियों में पाकिस्तान से चर्चा का कोई मायने निकलता है? क्या भारत को पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे वांटेड अपराधियों को भारत लाने के लिएअतिरिक्त प्रयास नहीं करना चाहिए? इन सभी मुद्दों पर आप भी दे सकते हैं अपनी राय।

इसी मुद्दे पर आप पोल में भी भाग ले सकते हैं।

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