न्यूयॉर्क। वैश्विक आर्थिक संकट ने अरबपतियों की भी जब खाली कर दी है। ऐसे में दुनिया के सबसे अमीरों में शुमार लोग अब अपनी महंगी धरोहर को बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। किले, पनडुब्बियां, निजी जेट और यहां तक की फुटबॉल टीम का स्वामित्व जैसी अपनी शाही पसंद की चीजें बेचने पर ये अरबपति मजबूर हो रहे हैं।
हाल ही में दुनिया के शीर्ष अमीरों की सूची जारी करते समय प्रसिद्ध बिजनेस मैग्जीन फोब्र्स ने पाया कि गत वर्ष दुनिया में अरबपतियों की संख्या 1125 थी जो इस बार गिरकर 793 रह गई है। यही नहीं अरबपतियों की पूंजी में भी दो लाख करोड़ डॉलर की कमी आई है। दूसरी रिपोर्ट में फोब्र्स ने कहा है कि अरबपतियों की महंगी संपत्तियां बिक्री के लिए तैयार हैं, इनमें किले, आलीशान होटल, प्राइवेट जेट, फुटबॉल टीम और बड़े आकार की नावें भी शामिल हैं।
35 वर्षीय सर्गेई पोलोंस्की के पास एक साल पहले सबकुछ था। अमीरों की सूची में उनको पहली बार स्थान दिया गया और सबसे कम उम्र के अरबपति थे। जब रूसी बाजार ध्वस्त हुआ तो पोलोंस्की को पूंजी जुटाने में भी परेशानी हो रही है। एक रिपोर्ट में पोलोंस्की ने कहा है कि वह अपना होटल सनगेट पोर्ट रॉयल, नावें और अपना आलीशान घर भी बेचने को तैयार हैं। इस रकम से वह अधूरे प्रोजेक्टों का निर्माण पूरा करना चाहते हैं। इस समय बाजार में समुद्र किनारों बसे इन अरबपतियों के शाही घर और अन्य वस्तुएं बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन कोई भी इनको खरीदने में इच्छा नहीं जता रहा है।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के जेम्स पेक्कर को पिछले 12 महीनों में 3.2 अरब डॉलर की संपत्ति खोनी पड़ी है। वह लंदन की अपनी संपत्ति बेचने की तैयारी कर रहा है और अपनी महंगी नाव भी। सबसे कठिन तो यह है कि यह खरीदारों का बाजार है। इस समय ऐसी संपत्ति को बेचने में भी परेशानी आ रही है क्योंकि कोई भी इनको खरीदने को तैयार नहीं हो रहा है। फोब्र्स के मुताबिक गत वर्ष जहां विश्व के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति 4.4 लाख करोड़ डॉलर थी, जो इस वर्ष घटकर 2.4 लाख करोड़ डॉलर रह गई है। यही नहीं भारतीय अरबपतियों की संख्या भी गत वर्ष 53 थी जो इस वर्ष केवल 25 रह गई है। फोब्र्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस का एक अरबपति का किला चैटेऊ दी फ्रेचेविले 5.7 करोड़ डॉलर के प्राइस टैग के साथ बिकने को तैयार है।
हाल ही में दुनिया के शीर्ष अमीरों की सूची जारी करते समय प्रसिद्ध बिजनेस मैग्जीन फोब्र्स ने पाया कि गत वर्ष दुनिया में अरबपतियों की संख्या 1125 थी जो इस बार गिरकर 793 रह गई है। यही नहीं अरबपतियों की पूंजी में भी दो लाख करोड़ डॉलर की कमी आई है। दूसरी रिपोर्ट में फोब्र्स ने कहा है कि अरबपतियों की महंगी संपत्तियां बिक्री के लिए तैयार हैं, इनमें किले, आलीशान होटल, प्राइवेट जेट, फुटबॉल टीम और बड़े आकार की नावें भी शामिल हैं।
35 वर्षीय सर्गेई पोलोंस्की के पास एक साल पहले सबकुछ था। अमीरों की सूची में उनको पहली बार स्थान दिया गया और सबसे कम उम्र के अरबपति थे। जब रूसी बाजार ध्वस्त हुआ तो पोलोंस्की को पूंजी जुटाने में भी परेशानी हो रही है। एक रिपोर्ट में पोलोंस्की ने कहा है कि वह अपना होटल सनगेट पोर्ट रॉयल, नावें और अपना आलीशान घर भी बेचने को तैयार हैं। इस रकम से वह अधूरे प्रोजेक्टों का निर्माण पूरा करना चाहते हैं। इस समय बाजार में समुद्र किनारों बसे इन अरबपतियों के शाही घर और अन्य वस्तुएं बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन कोई भी इनको खरीदने में इच्छा नहीं जता रहा है।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के जेम्स पेक्कर को पिछले 12 महीनों में 3.2 अरब डॉलर की संपत्ति खोनी पड़ी है। वह लंदन की अपनी संपत्ति बेचने की तैयारी कर रहा है और अपनी महंगी नाव भी। सबसे कठिन तो यह है कि यह खरीदारों का बाजार है। इस समय ऐसी संपत्ति को बेचने में भी परेशानी आ रही है क्योंकि कोई भी इनको खरीदने को तैयार नहीं हो रहा है। फोब्र्स के मुताबिक गत वर्ष जहां विश्व के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति 4.4 लाख करोड़ डॉलर थी, जो इस वर्ष घटकर 2.4 लाख करोड़ डॉलर रह गई है। यही नहीं भारतीय अरबपतियों की संख्या भी गत वर्ष 53 थी जो इस वर्ष केवल 25 रह गई है। फोब्र्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस का एक अरबपति का किला चैटेऊ दी फ्रेचेविले 5.7 करोड़ डॉलर के प्राइस टैग के साथ बिकने को तैयार है।
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