चेन्नई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में बल्लेबाजों के फ्लॉफ शो के लिए बीसीसीआई और व्यस्त कार्यक्रम को जिम्मेदार ठहराने के बाद बोर्ड के निशाने पर कप्तान धोनी बैकफुट पर आ गए हैं। मंगलवार को एक प्रेस कॉफ्रेंस में धोनी ने कहा कि उनके बयान का मतलब के केवल मानसिक थकान से था।
गौरतलब है कि सोमवार को धोनी ने वार्म अप मैच के शेडयूल पर सवाल उठाते हुए कहा था कि खिलाड़ी शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थके हुए हैं। और उनका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वार्म अप मैच खेलने का कोई मन नहीं था। इसी वजह से हम बेहतरप्रदर्शन नहीं कर पाए। धोनी ने कहा था कि बोर्ड खिलाडियों को मैच खेलने की जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता। और अगर ऎसा करता रहा तो इसका असर वर्ल्डकप के मैचों पर पड़ सकता है।
धोनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीसीसीआई के उपाध्यक्ष रजीव शुक्ला ने साफ साफ कहा था कि यदि किसी खिलाड़ी को थकान महसूस हो रही है तो वह आईपीएल क्यों खेलना चाहता है। उन्होंने धोनी का नाम लिए बगैर कहा कि जो खिलाड़ी थक गए हे वे आईपीएल में भी आराम कर सकते हैं। हम किसी खिलाड़ी पर जबरदस्ती नहीं करते। वे खेलने या न खेलने के लिए स्वतंत्र हैं और खिलाडियों पर चैंपियंस लीग या आईपीएल में खेलने के लिए बोर्ड कोई दबाव नहीं डालता।
बोर्ड की कड़ी नसीहत के बाद मंलवार को धोनी ने प्रेस कॉफ्रेंस में सफाई दी कि उन्होंने केवल मानसिक थकान की बात कही थी। दूसरे अभ्यास मैच से पहले सबकुछ साफ करते हुए धोनी ने कहा कि मेरे बयान का मतलब केवल मानसिक थकान से था। और अंतर्राष्ट्रीय मैचों में मानसिक मजबूती भी बहुत महत्वपूर्ण होती हे। दरअसल वर्ल्डकप से पहले अभ्यास मैच खेलने के दौरान अलग मानसिकता होती है। जिससे कुछ हद तक मानसिक दबाव खिलाडियों पर रहता है।
गौरतलब है कि सोमवार को धोनी ने वार्म अप मैच के शेडयूल पर सवाल उठाते हुए कहा था कि खिलाड़ी शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थके हुए हैं। और उनका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वार्म अप मैच खेलने का कोई मन नहीं था। इसी वजह से हम बेहतरप्रदर्शन नहीं कर पाए। धोनी ने कहा था कि बोर्ड खिलाडियों को मैच खेलने की जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता। और अगर ऎसा करता रहा तो इसका असर वर्ल्डकप के मैचों पर पड़ सकता है।
धोनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीसीसीआई के उपाध्यक्ष रजीव शुक्ला ने साफ साफ कहा था कि यदि किसी खिलाड़ी को थकान महसूस हो रही है तो वह आईपीएल क्यों खेलना चाहता है। उन्होंने धोनी का नाम लिए बगैर कहा कि जो खिलाड़ी थक गए हे वे आईपीएल में भी आराम कर सकते हैं। हम किसी खिलाड़ी पर जबरदस्ती नहीं करते। वे खेलने या न खेलने के लिए स्वतंत्र हैं और खिलाडियों पर चैंपियंस लीग या आईपीएल में खेलने के लिए बोर्ड कोई दबाव नहीं डालता।
बोर्ड की कड़ी नसीहत के बाद मंलवार को धोनी ने प्रेस कॉफ्रेंस में सफाई दी कि उन्होंने केवल मानसिक थकान की बात कही थी। दूसरे अभ्यास मैच से पहले सबकुछ साफ करते हुए धोनी ने कहा कि मेरे बयान का मतलब केवल मानसिक थकान से था। और अंतर्राष्ट्रीय मैचों में मानसिक मजबूती भी बहुत महत्वपूर्ण होती हे। दरअसल वर्ल्डकप से पहले अभ्यास मैच खेलने के दौरान अलग मानसिकता होती है। जिससे कुछ हद तक मानसिक दबाव खिलाडियों पर रहता है।
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