रांची. क्रिकेटर और अन्धविश्वास का गहरा नाता रहा है। विश्व क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे खिलाडी़ हुए हैं, जिन्होंने अन्धविश्वास को हमेशा माना है। क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर से लेकर विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग तक मैदान में उतरने से पहले इन चीजों को जरुर दोहराते हैं, जिसके कारण उन्हें कभी सफलता मिली हो।
ऐसी ही एक रोचक जानकारी इंटरनेशनल क्रिकेटर सौरव तिवारी के बारे में पता चली है। सौरव बल्लेबाजी करने से पहले राईट हैंडर बल्लेबाज का ग्लब्स पहनते हैं। इसके बाद उसे उतार कर अपना ग्लब्स पहनते हैं। मालूम हो कि झारखण्ड के रहने वाले सौरव बाएं हाथ के खब्बू बल्लेबाज हैं। सौरव के बारे में यह रोचक बात हाल ही में पता चली है।
क्यों करते हैं ऐसा ?
सौरव का मानना है कि ऐसा करने से वो बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। एक बार वर्ष 2008 में सौरव अंडर-19 कूच विहार ट्राफी खेल रहे थे। बैटिंग के दौरान अचानक सौरव का ग्लब्स फट गया। तब सौरव ने अपने साथ बल्लेबाजी कर रहे राईटहैंडर की गलब्स पहनी। इस मैच में सौरव ने शतक ठोंका। इसके बाद से वो हमेशा पहले दायें हाथ के बल्लेबाज वाला ग्लब्स ही पहनते हैं। इसके बाद अपना।
ऐसी ही एक रोचक जानकारी इंटरनेशनल क्रिकेटर सौरव तिवारी के बारे में पता चली है। सौरव बल्लेबाजी करने से पहले राईट हैंडर बल्लेबाज का ग्लब्स पहनते हैं। इसके बाद उसे उतार कर अपना ग्लब्स पहनते हैं। मालूम हो कि झारखण्ड के रहने वाले सौरव बाएं हाथ के खब्बू बल्लेबाज हैं। सौरव के बारे में यह रोचक बात हाल ही में पता चली है।
क्यों करते हैं ऐसा ?
सौरव का मानना है कि ऐसा करने से वो बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। एक बार वर्ष 2008 में सौरव अंडर-19 कूच विहार ट्राफी खेल रहे थे। बैटिंग के दौरान अचानक सौरव का ग्लब्स फट गया। तब सौरव ने अपने साथ बल्लेबाजी कर रहे राईटहैंडर की गलब्स पहनी। इस मैच में सौरव ने शतक ठोंका। इसके बाद से वो हमेशा पहले दायें हाथ के बल्लेबाज वाला ग्लब्स ही पहनते हैं। इसके बाद अपना।
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