नई दिल्ली. वर्ल्ड कप शुरू होने में लगभग 19 दिन का वक्त बाकी है। इससे पहले टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने विपक्षी टीमों को चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय टीम को हल्के में लेने की गलती न करें।
धोनी ने कहा, भारतीय उपमहाद्वीप में खेले जाने वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को कमतर नहीं आंका जाएगा। बहुत दिनों बाद ऐसा हुआ है कि जब किसी विश्व स्तरीय टूर्नामेंट में भारत को प्रबल दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।
धोनी ने यह भी कहा कि हालिया दिनों में हमने दबाव से ऊपर उठकर जिम्मेदारी के साथ प्रदर्शन किया है।
मुंबई में मीडिया से रुबरु होते हुए उन्होंने कहा कि भारत में क्रिकेट को सिर्फ खेल की तरह नहीं देखा जाता है इसलिए हम विश्व कप टूर्नामेंट को बहुत ही सकारात्मक ढंग से देख रहे हैं। हम टूर्नामेंट में अपने बेसिक्स पर ध्यान देंगे और उम्मीद करेंगे कि हम बेहतर प्रदर्शन करें। इस टीम इतना दम है कि हम विश्व चैंपियन बन सकें।
अगर टीम इस वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है तो ऐसे में प्रशंसकों के व्यवहार के बारे में पूछे जाने के बारे में धोनी ने कहा, हम इसके बारे नहीं सोच रहे हैं क्योंकि इन सारी चीजें हमारा नियंत्रण नहीं है। आने वाले दिनों में हम बहुत ज्यादा क्रिकेट खेलना है इसलिए हम हर मैच को सकारात्मक सोच के साथ देख रहे हैं।
वहीं वर्ल्ड कप के लंबे कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए माही ने कहा, कार्यक्रम तय करना खिलाड़ियों का काम नहीं है। ऐसे में हर टीम को अपने खेल पर ध्यान लगाने की जरूरत है क्योंकि यह एक बड़ा टूर्नामेंट है।
फिट नहीं हैं प्रवीण कुमार
साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछले महीने खेले गए एक मात्र टी 20 मैच के दौरान चोटिल हुए प्रवीण कुमार अब तक पूरी तरह से फिट नहीं हो पाए हैं। उन्हें कोहनी में चोट लगी थी। अब उन्हें इलाज के लिए इंग्लैंड भेजे जाने की खबर है। ऐसे में यह तय नहीं है कि वह 19 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ उद्घाटन मैच में खेल पाएंगे या नहीं। अगर वह तब तक फिट नहीं हुए तो वर्ल्ड कप जीतने के धोनी के सपने के लिए बड़ा झटका साबित होगा।
क्रिकेट के ओबामा हैं धोनी- प्रवीण कुमार
वहीं टीम के तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार का कहना है कि अगर किसी क्रिकेटर की नेतृत्व क्षमता को प्रेरणा के मापदंड पर आंका जाए तो भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से की जा सकती है।
मैदान पर मुश्किल परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के साथ टीम के अन्य खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रोत्साहित करना, धोनी की पहचान बन चुकी है। 2007 में पहली बार भारतीय टीम की कमान संभालने के बाद विरले ही उनकी कप्तानी पर सवाल उठे हैं।
इस बीच, एक अन्य घटनाक्रम में पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख एजाज बट्ट ने खुलासा किया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस वर्ष विश्वकप के बाद इंग्लैंड में पाकिस्तान के खिलाफ एक सीरीज खेलने की इच्छा जाहिर की है। लेकिन इस बारे में फैसला सरकार को लेना है। भारत ने वर्ष 2007 से पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है।
टीम इंडिया के कप्तान धोनी की इस चेतावनी में कितना दम है कि विपक्षी टीमें भारत को हल्के में लेने की गलती नहीं करें? टीम इंडिया और धोनी के प्रदर्शन के पैमाने पर परखने पर क्या ऐसा लगता है कि धोनी अपनी कप्तानी में वो करिश्मा कर पाएंगे जिसका हर भारतीय को 28 साल से इंतजार है? यानी वे विश्व कप ला पाएंगे? आप अपना आकलन नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर सबमिट करें और दुनिया भर के पाठकों से शेयर करें।
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