काहिरा. मिस्र में सत्ता विरोधी प्रदर्शन14वें दिन भी प्रदर्शन जारी है। मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के विरोधी अभी तहरीर चौक पर डटे हुए हैं। इस बीच, सितंबर तक सत्ता में बने रहने के बात कहने वाले मुबारक ने एक आपात बैठक बुलाई है। इस बीच ये भी खबरें हैं कि मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड सहित विपक्षी संगठन और सरकार संवैधानिक सुधारों के ज़रिए सत्ता के हस्तांतरण का रास्ता तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने पर राजी हो गए हैं। सरकार द्वारा की गई इस पहले से यह तो साफ है कि मिस्र में अब मुस्लिम ब्रदरहुड सरकार के विकल्प के रूप में उभरने लगी है। 57 सालों से बैन मुस्लिम ब्रदरहुड की पहचान एक रूढ़िवादी लेकिन अहिंसक संगठन के तौर पर है। मुस्लिम ब्रदरहुड ने रविवार को मुबारक सरकार से बातचीत शुरू कर दी। मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता गमल नासर ने उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान से बातचीत के बाद कहा, हम सरकार के साथ बातचीत शुरू कर रहे हैं ताकि हम ये जान सकें कि वे लोग लोगों की उम्मीदों को लेकर कितने गंभीर हैं। मुस्लिम ब्रदरहुड ने पहले कहा था कि सरकार से तब तक बातचीत नहीं करेगा जब तक मुबारक राष्ट्रपति पद पर बने रहते हैं। इस संगठन की अब भी मांग है कि मुबारक को राष्ट्रपति का पद छोड़ देना चाहिए।
Monday, February 7, 2011
मिस्र में तेजी से उभरा मुस्लिम ब्रदरहुड
काहिरा. मिस्र में सत्ता विरोधी प्रदर्शन14वें दिन भी प्रदर्शन जारी है। मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के विरोधी अभी तहरीर चौक पर डटे हुए हैं। इस बीच, सितंबर तक सत्ता में बने रहने के बात कहने वाले मुबारक ने एक आपात बैठक बुलाई है। इस बीच ये भी खबरें हैं कि मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड सहित विपक्षी संगठन और सरकार संवैधानिक सुधारों के ज़रिए सत्ता के हस्तांतरण का रास्ता तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने पर राजी हो गए हैं। सरकार द्वारा की गई इस पहले से यह तो साफ है कि मिस्र में अब मुस्लिम ब्रदरहुड सरकार के विकल्प के रूप में उभरने लगी है। 57 सालों से बैन मुस्लिम ब्रदरहुड की पहचान एक रूढ़िवादी लेकिन अहिंसक संगठन के तौर पर है। मुस्लिम ब्रदरहुड ने रविवार को मुबारक सरकार से बातचीत शुरू कर दी। मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता गमल नासर ने उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान से बातचीत के बाद कहा, हम सरकार के साथ बातचीत शुरू कर रहे हैं ताकि हम ये जान सकें कि वे लोग लोगों की उम्मीदों को लेकर कितने गंभीर हैं। मुस्लिम ब्रदरहुड ने पहले कहा था कि सरकार से तब तक बातचीत नहीं करेगा जब तक मुबारक राष्ट्रपति पद पर बने रहते हैं। इस संगठन की अब भी मांग है कि मुबारक को राष्ट्रपति का पद छोड़ देना चाहिए।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment