राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बारे में अमर्यादित टिप्पणी करने वाले राजस्थान के पंचायतीराज एवं वक्फ राज्य मंत्री अमीन खां ने गुरुवार को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेज दिया। जानकार सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने अमीन खां का इस्तीफा मंजूरी के लिए राजस्थान के राज्यपाल शिवराज पाटिल को भेज दिया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बारे में टिप्पणी करने वाले राजस्थान के पंचायतीराज राज्य मंत्री अमीन खां से बुधवार देर रात इस्तीफा मांग लिया था। सूत्रों ने बताया कि गहलोत ने खां की टिप्पणी मीडिया में आने के बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा और उसके बाद राजस्थान के राज्यपाल शिवराज पाटिल से जयपुर में मुलाकात कर इस बारे में जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बुधवार को ही राष्टपति प्रतिभा पाटिल से फोन पर बात कर अमीन खां की टिप्पणी के बारे में खेद जताने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गये थे। गहलोत ने बुधवार देर रात राजस्थान प्रभारी मुकुल वासनिक से मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से भी बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अमीन खां से इस्तीफा मांगा था।
हालांकि उन्होंने फिर दोहराया कि दी कि उनकी बातों को तोड़मरोड़ कर मीडिया में पेश किया गया और उनका मतलब राष्ट्रपति का अपमान करना कतई नहीं था। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘मेरी बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। मेरे कहने का अर्थ था कि पाटिल एक सामान्य कार्यकर्ता थी और चूंकि वह निष्ठावान और अनुशासित कार्यकर्ता बनी रहीं, इसलिए उन्हें राष्ट्रपति बनने का मौका मिला।’
उन्होंने कहा, ‘जब इंदिरा गांधी और पाटिल साथ रहा करती थीं, तो वे खाना और चाय बनाया करती थीं। मेरे कहने का अर्थ राष्ट्रपति के प्रति असम्मान व्यक्त करना नहीं था।’ उन्होंने कहा कि मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से कह रहा था कि वे भी संतोष रखें और बिना कोई मांग किए पार्टी की सेवा करते रहे। प्रतिभा पाटिल हमारे समक्ष एक उदाहरण हैं और हमें उनका अनुसरण करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि खान ने मंगलवार को पाली जिले की कांग्रेस समिति की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की रसोई में खाना बनाने और चाय तैयार करने के लिए प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति के पद से नवाजा गया।
उन्होंने कहा था कि वर्ष 1977 में इंदिरा गांधी जब चुनाव हार गई थी तो पाटिल उनके रसोई में खाना बनाया करती थी और यहां तक कि उनके बर्तन भी साफ किया करती थी। बकौल खान, ‘अंतत: उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर बिठाया गया। पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति उनकी निष्ठा का सम्मान किया गया।’
इससे पहले, खान के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह खचरियावास ने कहा, ‘एक मंत्री को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। पाटील की विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।’ भाजपा नेता व पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा, ‘इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी अनुचित है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बाहर कर देना चाहिए।’
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बारे में टिप्पणी करने वाले राजस्थान के पंचायतीराज राज्य मंत्री अमीन खां से बुधवार देर रात इस्तीफा मांग लिया था। सूत्रों ने बताया कि गहलोत ने खां की टिप्पणी मीडिया में आने के बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा और उसके बाद राजस्थान के राज्यपाल शिवराज पाटिल से जयपुर में मुलाकात कर इस बारे में जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बुधवार को ही राष्टपति प्रतिभा पाटिल से फोन पर बात कर अमीन खां की टिप्पणी के बारे में खेद जताने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गये थे। गहलोत ने बुधवार देर रात राजस्थान प्रभारी मुकुल वासनिक से मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से भी बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अमीन खां से इस्तीफा मांगा था।
हालांकि उन्होंने फिर दोहराया कि दी कि उनकी बातों को तोड़मरोड़ कर मीडिया में पेश किया गया और उनका मतलब राष्ट्रपति का अपमान करना कतई नहीं था। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘मेरी बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। मेरे कहने का अर्थ था कि पाटिल एक सामान्य कार्यकर्ता थी और चूंकि वह निष्ठावान और अनुशासित कार्यकर्ता बनी रहीं, इसलिए उन्हें राष्ट्रपति बनने का मौका मिला।’
उन्होंने कहा, ‘जब इंदिरा गांधी और पाटिल साथ रहा करती थीं, तो वे खाना और चाय बनाया करती थीं। मेरे कहने का अर्थ राष्ट्रपति के प्रति असम्मान व्यक्त करना नहीं था।’ उन्होंने कहा कि मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से कह रहा था कि वे भी संतोष रखें और बिना कोई मांग किए पार्टी की सेवा करते रहे। प्रतिभा पाटिल हमारे समक्ष एक उदाहरण हैं और हमें उनका अनुसरण करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि खान ने मंगलवार को पाली जिले की कांग्रेस समिति की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की रसोई में खाना बनाने और चाय तैयार करने के लिए प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति के पद से नवाजा गया।
उन्होंने कहा था कि वर्ष 1977 में इंदिरा गांधी जब चुनाव हार गई थी तो पाटिल उनके रसोई में खाना बनाया करती थी और यहां तक कि उनके बर्तन भी साफ किया करती थी। बकौल खान, ‘अंतत: उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर बिठाया गया। पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति उनकी निष्ठा का सम्मान किया गया।’
इससे पहले, खान के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह खचरियावास ने कहा, ‘एक मंत्री को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। पाटील की विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।’ भाजपा नेता व पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा, ‘इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी अनुचित है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बाहर कर देना चाहिए।’
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