Wednesday, February 2, 2011

सचिन को वर्ल्ड कप ट्रॉफी तोहफा देंगे: धोनी

नई दिल्ली।। कपिल देव सहित कई पूर्व खिलाड़ी भले ही विश्वास रखते हैं कि सचिन तेंडुलकर अगले वर्ल्ड कप में भी खेलेंगे लेकिन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने माना कि व्यावहारिक तौर पर यह मुमकिन नहीं है। धोनी ने कहा कि टीम इंडिया इस बार सचिन को वर्ल्ड कप ट्रॉफी के रूप में सर्वश्रेष्ठ तोहफा देने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।

धोनी ने बुधवार को कहा, ' हम तेंडुलकर को तहेदिल से चाहते हैं। हम भी चाहते हैं कि सचिन अगला वर्ल्ड कप खेलें लेकिन व्यावहारिक तौर पर देखा जाए तो यह उनका अंतिम वर्ल्ड कप है। ऐसे में वर्ल्ड कप खिताब टीम की तरफ से उनके लिए सर्वश्रेष्ठ तोहफा होगा। हम इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। '

तेंडुलकर 1992 से लगातार अब तक पांच वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। अब तक एक बार भी वह वर्ल्ड कप ट्रॉफी उनके शानदार करियर में नहीं जुड़ी। भारतीय उपमहाद्वीप में 19 फरवरी से होने वाला टूर्नामेंट इस मास्टर ब्लास्टर का छठा वर्ल्ड कप होगा।

धोनी ने इसके साथ कहा कि उनकी टीम इस बार मेजबान देश के वर्ल्ड कप नहीं जीत पाने का मिथक तोड़ सकती है। उन्होंने कहा, ' क्रिकेट में हम कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकते। हमारी टीम बहुत अच्छी है और हम सभी एक दूसरे पर भरोसा करते हैं। ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत ही बढ़िया है। हमने यदि अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन किया तो इस बार हमारे वर्ल्ड कप जीतने के मौके अच्छे हैं। हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे। भले ही अब तक कोई मेजबान नहीं जीत पाया है लेकिन काफी चीजें पहली बार होती हैं। हम इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं। आने वाले दिनों में तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। '

धोनी ने 2007 का ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप जीतना अब तक की अपनी कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। धोनी ने कहा, 'मेरे जेहन में ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप जीतना हमेशा ताजा रहेगा। मैं वन डे वर्ल्ड कप की बाबत कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता लेकिन इतना जरूर भरोसा दिलाता हूं कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। हम एक समय केवल एक मैच पर ध्यान लगाएंगे। फिलहाल मेरा ध्यान हमारी टीम के 19 फरवरी को ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जाने वाले वर्ल्ड कप के पहले मैच पर लगा है।'

धोनी इस बार के वन डे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट की दिल खोल कर तारीफ और कहा कि 2007 के वर्ल्ड कप से यह बदलाव काफी अच्छा है। इस साल के वर्ल्ड कप में शिरकत करने वाली 14 टीमों को सात-सात टीमों के दो ग्रुप में बांटा गया है। जहां हर ग्रुप से चार-चार टॉप टीमें क्वॉर्टर फाइनल के लिए क्वॉलिफाई करेंगे। 2007 के वर्ल्ड कप में पहले 16 टीमों ने पूल चरण में शिरकत की और फिर सुपर आठ चरण में खेलीं। इसके बाद टीमें सेमीफाइनल और फाइनल में खेलीं।

धोनी ने कहा, ' हमारे लिए इस बार का वर्ल्ड कप का फॉर्मेट काफी अच्छा है। 2007 के वर्ल्ड कप से यह कहीं राहत देने वाला है। इस फॉर्मेट में यदि आप कुछ मैच हार जाते हैं तब भी आपके टीम के पास क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचने का मौका रहेगा। सबसे अहम है इस वर्ल्ड कप में लगातार अच्छी क्रिकेट खेलना। जो भी टीम लगातार अच्छा खेलेगी वह नॉकआउट में स्थान बनाएगी।

चार बरस पहले वेस्ट इंडीज में भारत की टीम उम्मीदों का बोझ नहीं उठा पाई थी और वर्ल्ड कप से पहले चरण से ही बाहर हो गई थी। धोनी ने जोर देकर कहा, 'हमारी मौजूदा टीम वर्ल्ड कप का दबाव झेलने को तैयार है। हमारी गेंदबाजी में काफी विविधता है। हमारे पास भले ही रफ्तार के सौदागर न हों लेकिन हमारे पास खास कुशल गेंदबाज है।'

विवादास्पद यूडीआरएस यानी अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली इस बार वर्ल्ड कप में क्वॉर्टर फाइनल से लागू की जाएगी। धोनी ने कहा, 'यूडीआरएस की बाबत टीमों को अपना होमवर्क करना होगा। जरूरी नहीं कि हर टीम इस सिस्टम से खुश हो, पर इस बाबत हमें अपना होमवर्क करना होगा।'

धोनी ने कोलकाता में ईडन गार्डंस में मैच न खेलने पर निराशा जताई। भारत को ईडन गार्डंस में इंग्लैंड के खिलाफ 27 फरवरी को मैच खेलना था। ईडन में तैयारियां पूरी न हो पाने के कारण यह मैच बेंगलुरु स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, 'ईडन गार्डंस में एक लाख दर्शकों के सामने खेलना वाकई खास है। हमें कोलकाता के दर्शकों की कमी अखरेगी। पर यह हमारे बस में नहीं है।'

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