Wednesday, February 2, 2011

बिग बी के लिए ऐसी दीवानगी देखी नहीं कभी...


भोपाल. वो अचानक सामने आ गए तो मेरी हालत दीवानों जैसी हो गई। न मैं कुछ बोल पाया न उनसे हाथ मिला पाया। बस दंडवत लेट गया। और वो मुस्कुराते हुए सामने से निकल गए। जिसने उन्हें देख लिया वो भूख-प्यास भूल गया। जिसे साथ काम करने को मिल गया उसकी रातों की नींद उड़ गई।

वो मन्नतें कर रहा है फिल्म से वो शॉट कटे नहीं। कोई एक झलक पाने के लिए कई दिनों से घर से निकला है तो किसी ने अपना मोबाइल तक बेच दिया। ये हालत है उन लोगों की जो अमिताभ बच्चन की एक झलक के लिए दीवाने हैं।

शहर में प्रकाश झा आरक्षण फिल्म शूट कर अपनी ख्वाहिश पूरी कर रहे हैं लेकिन इसके साथ उन्होंने कई लोगों के सपने भी पूरे कर दिए हैं। अमिताभ के लिए क्रेज़ इस कदर है कि कोई उन्हें देखकर, कोई छूकर तो कोई उनके साथ एक फोटो खिंचवाकर अपनी मुराद पूरी कर रहा है। कुछ ऐसे ही लोग हमने ढूंढ़े और जाने उनके अनुभव..

छोड़ दी परीक्षा

बिग बी के दीवाने आयुष श्रीवास्तव को इस साल 12वीं की परीक्षा देनी है। उन्होंने बताया जब मुझे पता चला कि वो शूटिंग के लिए भोपाल पहुंचेंगे तो मैंने भी फिल्म के लिए ऑडिशन दे दिया और स्टूडेंट के रोल के लिए चयन हो गया।

एक शॉट के लिए बहुत से कलाकार बिग बी का इंतजार कर रहे थे। जब अचानक बिग बी दिखे तो सब शहंशाह-शहंशाह चिल्लाने लगे। जब मैंने उन्हें देखा तो कुछ पल के लिए यकीन नहीं हुआ। जिसको देखने के लिए केबीसी का मैं सारा दिन इंतजार करता था वो सदी का महानायक मेरी आंखों के सामने था। फिल्म की शूटिंग के दौरान मेरी प्री बोर्ड की परीक्षा भी थी जिसे मैंने छोड़ दिया। उन्हें देखने की इतनी छोटी सी कीमत तो चुकाई ही जा सकती है। लेकिन अब मैं फिर से एग्जाम की तैयारी में जुट गया हूं।

जब से देखा सोया नहीं

शैलेंद्र सिंह आरक्षण फिल्म में छात्र बने हैं। उन्होंने बताया कि जब से बिग बी को देखा है आंखों से नींद गायब हो गई है। उन्हें आंखों के सामने देखने के पल को याद करते हुए शैलेंद्र बताते हैं कि मुझे यकीन नहीं हुआ कि बॉलीवुड का भगवान मेरे सामने है। जब से उन्हें देखा हैं आंखें बस इसी इंतजार में हैं कि उन्हें दोबारा कब देख पाउंगा। सदी के महानायक को दोबारा देखने के इंतजार में नींद ही आंखों से गायब हो गई है।

देखते ही दंडवत प्रणाम

खरगौन निवासी टीवी होस्ट और एंकर गौतम मालवीय किसी काम से नूर-उस-सबाह गए थे। वे बताते हैं जब एक लंबी कद काठी के रौबदार चेहरे वाले शख्स को वहां देखा तो पता चला कि अमिताभ बच्चन इस होटल में हैं। उन्हें देखते ही मुझे आंखों पर यकीन नहीं हुआ। मैंने जीवन में पहली बार उन्हें इतने नजदीक से देखा था। यह किसी सपने के सच हो जाने जैसा था। उन्हें देखते ही गुरु दक्षिणा के रूप में दंडवत प्रणाम किया। गौतम बताते हैं मैंने एक गार्ड से कहा कि मुझे छूकर देखो। मैं यह यकीन करना चाहता हूं कि मैंने बिग बी को असलियत में देखा हूं।

एक पल को रुक गई धड़कन

मूलरूप से धनबाद के रहने वाले कामरान खान ने बताया मैं बचपन से ही बिग बी का दीवाना हूं। जब मुझे पता चला कि वे भोपाल शूटिंग करने आ रहे हैं तो मैं जेब में एक हजार रुपए डालकर यहां पहुंच गया।

पहली रात स्टेशन पर गुजारी। जब अगले दिन आंख खुली तो दैनिक भास्कर में बिग बी की शूटिंग संबंधी खबर पढ़ी। जैसे-तैसे भोपाल में इधर-उधर संपर्क कर आरक्षण की शूटिंग का पता किया। ख्वाहिश बिग बी को देखने की थी इसलिए ऑडिशन दे दिया।

स्टूडेंट का रोल मिल गया और अमिताभ को देखने का मौका भी। जब पहली बार उन्हें देखा तो धड़कन रुक गई। आवाज गले में ही दब गई। ऐसा लग रहा था जैसे कोई अलौकिक नजारा हो। अल्लाह ने उसे सामने खड़ा कर दिया जिसे देखने की ख्वाहिश में मैं जी रहा था।

बिग बी को देखना कामरान के लिए इतना आसान नहीं था। यहां रहने के खर्चे के लिए उनका मोबाइल बिक गया है। कई रात एक पेट्रोल पंप पर सोकर गुजारी। वे इन दिनों एक शोरूम में सेल्समैन का काम कर खर्चा चला रहे हैं।

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