Thursday, February 3, 2011

दौलत चाहें तो बोलें यह गणेश स्त्रोत

मानव जीवन में अनचाहे संकट या अनहोनी से किसी भी वक्त दो-चार हो सकता है। यह शारीरिक, मानसिक या आर्थिक किसी भी रूप में हो सकते हैं। किंतु सुख की चाहत में साधारण रूप से हर कोई अर्थ या धन के अभाव से दूर रहना चाहता है।

संकट चतुर्थी जीवन से जुड़े ऐसे ही हालात से रक्षा करने वाली मानी गई है। इसलिए श्री गणेश पूजा में लक्ष्मी प्राप्ति के लिए भी कुछ विशेष स्त्रोत का पाठ बहुत शुभ माना गया है। जिससे दरिद्रता और धन का अभाव कभी नहीं सताता। जानते हैं लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए यह श्री गणपति स्त्रोत। जिसमें भगवान श्री गणेश के स्वरूप, शक्ति की महिमा बताई गई है -

ऊँ नमो विघ्रराजाय सर्वसौख्यप्रदायिने।

दुष्टारिष्टविनाशाय पराय परमात्मने।।

लम्बोदरं महावीर्यं नागयज्ञोपशोभितम्।

अर्द्धचन्द्रधरं देवं विघ्रव्यूहविनाशनम्।।

ऊँ ह्राँ ह्रीं ह्रूँ ह्रौं ह्र: नम: हेरम्बाय नमो नम:।

सर्वसिद्धि प्रदोसि त्वं सिद्धिबुद्धिप्रदो भव।।

चिन्तितार्थप्रदस्त्वं हि सततं मोदकप्रिय:।

सिन्दूरारूणवस्त्रैश्य पूजितो वरदायक:।।

इदं गणपतिस्त्रोत्रं य: पठेद् भक्तिमान नर:।

तस्य देहं च गेहं च स्वयं लक्ष्मीर्न मुञ्चति।।

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