Sunday, February 6, 2011

शर्त के साथ स्विट्जरलैंड और जर्मनी का काले धन का पता लगाने में भारत सरकार की मदद करने का वादा

नई दिल्ली।। जर्मनी और स्विट्जरलैंड ने उनके यहां जमा ब्लैक मनी का पता लगाने में भारत सरकार को पूरी मदद देने का वादा किया है। हालांकि दोनों देश यभी भी चाहते हैं कि उनके गोपनीयता कानून का कड़ाई से पालन हो जिसके तहत भारत सरकार नामों को सार्वजनिक नहीं कर सकती है।

जर्मन सरकार के अधिकारियों ने बताया कि जर्मनी इस बार में और नामों की जानकारी बांटने को तैयार है। जर्मनी ने पिछले साल लिक्टेंश्टाइन स्थित एलजीटी बैंक में गोपनीय खाते रखने वाले लोगों के नाम भारत सरकार को बताए थे।

जर्मनी के वित्त मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि देश का फेडरल ब्यूरो आफ टैक्सस समय-समय पर प्रासंगिक जानकारी संबंधित देशों को उपलब्ध कराता रहता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता और यह केवल इससे जुड़े अधिकारियों के इस्तेमाल के लिए होती है।

स्विटजरलैंड के सीनियर अधिकारियों ने भी कहा कि इस मामले में दी गई जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता और इसे ' गोपनीय ' माना जाएगा। स्विट्जरलैंड वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने बर्न से कहा कि दोनों देशों में संशोधित कर संधि लागू होने के बाद ऐसी सूचनाएं भारत के साथ बांटी जा सकेंगी लेकिन भारत सरकार इसे केवल सम्बद्ध कार्यालयों और अदालतों को ही उपलब्ध करा सकेगी।

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