पीटीआई ॥ लंदन : सोशल नेटवार्किंग साइट फेसबुक के जरिए न केवल एक ब्रिटिश सर्जन राहुल वेलिनेनी को अपना एक बिछड़ा हुआ दोस्त मिला, बल्कि उन्होंने अपने दोस्त को एपेंडिसाइटिस के बारे में आगाह करके उसकी जान भी बचाई।
राहुल (30) ने अपनी शिफ्ट के बीच में फेसबुक पर लॉग करके देखा कि उनके स्कूल का एक दोस्त पीटर बॉल अपने बाकी दोस्तों को बता रहा है कि उसके पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा है। राहुल पीटर से लंबे समय से टच में नहीं थे इसलिए उनके पास पीटर का फोन नंबर नहीं था। सो पीटर को उन्होंने फेसबुक से मेसेज किया कि बुरी खबर लगती है, जल्द से जल्द मुझे फोन करो तुम्हें अपेंडिसाइटिस हो सकती है।
पीटर ने अगले दिन यह अलर्ट देखा और फौरन अस्पताल में भर्ती हो गए जहां ऑपरेशन के बाद उनकी अपेंडिक्स निकाल दी गई। अगर ऐसा न किया जाता तो उनकी जान जा सकती थी।
इस बारे में पीटर का कहना है कि मैंने राहुल को लंबे समय से नहीं देखा था। मुझे उसे ड्रिंक पिलाना पड़ेगा। डॉक्टरों का कहना था कि हालात काफी बुरे थे। वहीं राहुल का कहना था फिर से मुलाकात काफी अजीब ढंग से हुई यह तो तय है।
राहुल (30) ने अपनी शिफ्ट के बीच में फेसबुक पर लॉग करके देखा कि उनके स्कूल का एक दोस्त पीटर बॉल अपने बाकी दोस्तों को बता रहा है कि उसके पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा है। राहुल पीटर से लंबे समय से टच में नहीं थे इसलिए उनके पास पीटर का फोन नंबर नहीं था। सो पीटर को उन्होंने फेसबुक से मेसेज किया कि बुरी खबर लगती है, जल्द से जल्द मुझे फोन करो तुम्हें अपेंडिसाइटिस हो सकती है।
पीटर ने अगले दिन यह अलर्ट देखा और फौरन अस्पताल में भर्ती हो गए जहां ऑपरेशन के बाद उनकी अपेंडिक्स निकाल दी गई। अगर ऐसा न किया जाता तो उनकी जान जा सकती थी।
इस बारे में पीटर का कहना है कि मैंने राहुल को लंबे समय से नहीं देखा था। मुझे उसे ड्रिंक पिलाना पड़ेगा। डॉक्टरों का कहना था कि हालात काफी बुरे थे। वहीं राहुल का कहना था फिर से मुलाकात काफी अजीब ढंग से हुई यह तो तय है।
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