Thursday, February 3, 2011

विदेशी कॉल गर्ल्स वाले सेक्स रैकिट का भंडाफोड़

वरिष्ठ संवाददाता ॥ नई दिल्ली
साउथ दिल्ली के लाजपत नगर में पिछले कई महीनों से विदेशी कॉल गर्ल्स का एक हाई प्रोफाइल रैकिट चल रहा था, लेकिन लोकल पुलिस इससे बेखबर थी। आखिरकार क्राइम ब्रांच को इस रैकिट के बारे में सूचना मिली और एक नकली कस्टमर भेजकर पुलिस ने इस गिरोह को अपने शिकंजे में ले लिया। पुलिस ने इस गिरोह को चलाने वाली महिला दलाल के अलावा गिरोह में काम करने वाली 5 कॉल गर्ल्स को भी गिरफ्तार किया है। महिला दलाल और दो युवतियां उजबेकिस्तान की रहने वाली हैं, जबकि दो अन्य युवतियां किर्गिस्तान की हैं। गिरोह में शामिल युवतियों की उम्र 20-22 साल के करीब है, जबकि महिला दलाल की उम्र करीब 30 साल है।

डीसीपी अशोक चांद के मुताबिक, क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि लाजपत नगर में एक हाई प्रोफाइल कॉल गर्ल्स का रैकिट चल रहा है, जिसमें विदेशी युवतियां भी शामिल हैं। हेड कॉन्स्टेबल अमित तोमर व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने इस गिरोह के बारे में सूचनाएं जुटाईं और गिरोह को चलाने वाली एक विदेशी महिला दलाल का नंबर हासिल किया। पुलिस टीम के एक सदस्य ने नकली कस्टमर बनकर महिला दलाल से मोबाइल पर बात की। महिला ने उसे 2 फरवरी को लाजपत नगर पार्ट-1 में एक जगह पर बुलाया।

पुलिस के नकली कस्टमर से महिला दलाल ने एक रात के 25 से 30 हजार रुपये के रेट पर विदेशी लड़कियां मुहैया करवाने की बात कही। नकली कस्टमर ने महिला के साथ डील फाइनल की और उसे 5 हजार रुपये एडवांस भी दे दिए। लड़कियां दिखाने के लिए महिला दलाल उन्हें एक फ्लैट पर ले गई, जहां 4 लड़कियां पहले से मौजूद थीं। वहां जाकर नकली कस्टमर ने पुलिस टीम को इशारा किया और पुलिस ने छापा मारकर महिला दलाल समेत चारों लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि महिला दलाल पिछले ढाई सालों से भारत में रह रही थी और दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से गिरोह को ऑपरेट कर रही थी। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना भी बदलती रहती थी। वह ज्यादातर गुड़गांव, नोएडा व साउथ दिल्ली के पॉश इलाकों में सक्रिय रहती थी और बड़े बिजनेसमैन व मालदार युवाओं को टारगेट करती थी। कस्टमर तलाशने के लिए वह अक्सर मॉल, मल्टिप्लेक्स, पब, बार, रेस्तरां जैसी जगहों पर भी जाती रहती थी। वह ज्यादातर फोन पर ही कस्टमर से डील करती थी।

महिला दलाल पिछले 4 महीनों से लाजपत नगर पार्ट-1 के फ्लैट में रह रही थी और उसका किराया 28 हजार रुपये महीना था। गिरोह में शामिल कुछ लड़कियां उसी के साथ इस फ्लैट में रहती थीं, जबकि कुछ लड़कियां जंगपुरा में 25 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर फ्लैट में रह रही थीं। पुलिस का कहना है कि इनके रहन-सहन को देखकर यह साफ हो जाता है कि इनकी हर महीने की कमाई लाखों में थी। गिरोह में काम करने वाली लड़कियां टूरिस्ट वीजा पर भारत आती थीं और 2 से 6 महीने तक यहां रुकती थीं। जाते वक्त वे लेदर के महंगे सामान, कीमती कपडे़ व अन्य कीमती चीजें ले जाती थीं और उन्हें अपने देश में महंगे दामों पर बेच देती थीं। इससे भी उन्हें अच्छा मुनाफा होता था। पुलिस अब इस गिरोह के दूसरे सदस्यों का पता लगा रही है।

No comments:

Post a Comment