लंदन। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि प्यार कुछ नहीं होता। प्यार दिमाग में होने वाली एक रासायनिक क्रिया है। जब हम किसी की तरफ आकर्षित होते हैं तो फेरोमोन्स हमारे तंत्रिका तंत्र के जरिए मस्तिष्क में पहुंचकर पियुष ग्रंथी से निकलने वाले हर्मोन के स्त्राव को बढा देता है।
हार्मोन के स्त्राव के बढने से दिल की धडकने तेज हो जाती हैं। साथ ही सांसौं की गति भी बढ जाती है। लोग इअसे प्यार कहते हैं लेकिन वैज्ञानिक इसे मात्र एक रासायनिक क्रिया मानते हैं।चीनी वैज्ञानिकों ने वेलेंटाइन के मौके पर इस बात का खुलासा किया है। वैज्ञानिकौं का मानना है किप्यार एक अहसास है और कुछ नहीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्यार हमारे दिमाग में रसायनों और हार्मोन के मिलने से होने वाली एक रासायनिक क्रिया है।
हार्मोन के स्त्राव के बढने से दिल की धडकने तेज हो जाती हैं। साथ ही सांसौं की गति भी बढ जाती है। लोग इअसे प्यार कहते हैं लेकिन वैज्ञानिक इसे मात्र एक रासायनिक क्रिया मानते हैं।चीनी वैज्ञानिकों ने वेलेंटाइन के मौके पर इस बात का खुलासा किया है। वैज्ञानिकौं का मानना है किप्यार एक अहसास है और कुछ नहीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्यार हमारे दिमाग में रसायनों और हार्मोन के मिलने से होने वाली एक रासायनिक क्रिया है।
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