Friday, February 4, 2011

पिंक सिटी पहुंची वर्ल्डकप ट्रॉफी


जयपुर। गुलाबीनगर के क्रिकेट प्रशंसकों को शुक्रवार सुबह एक अनोखा तोहफा मिला जब मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में वर्ल्डकप ट्रॉफी का दीदार हुआ। ट्रॉफी को देखने के लिए भारी संख्या में प्रशंसक वहां पहुंचे। ट्रॉफी के साथ 1983 विश्व कप विजेता टीम के ऑल राउंडर रहे रॉजर बिन्नी भी साथ चल रहे थे। जयपुर में वर्ल्डकप का एक भी मैच न होने से मायूस क्रिकेट प्रेमियों को ट्रॉफी के दीदार कुछ हद तक खुशी मिली।

मोती डूंगरी मंदिर पहुंचते ही वर्ल्डकप ट्रॉफी का ढोल नगाड़ों से स्वागत किया गया। इसके बाद ट्रॉफी की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान टीम की जीत के लिए आराध्य का आशीर्वाद लिया गया। मोती डूंगरी के बाद ट्रॉफी को राजस्थान क्रिकेट अकादमी के परिसर पहुंची। अकादमी में ट्रॉफी को देखने के लिए स्कूली बच्चों की भीड़ जुट गई। इस अवसर पर 1983 वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी ने प्रेस कॉफ्रेंस भी की।
वर्ल्डकप ट्रॉफी पर एक नजर
वर्ल्डकप की ट्रॉफी को वर्तमान स्वरूप 1999 से मिला इससे पहले विभिन्न प्रायोजक कंपनियों द्वारा विजेता टभ्म को ट्रॉफी दी जाती थी जिसका डिजायन समय समय पर बदलता रहता था। आईसीसी वर्ल्डकप ट्रॉफी को जिरार्ड एंड कंपनी ने तैयार किया है। चांदी और गिल्ड से बनी इस ट्रॉफी की ऊंचाई 60 सेंटीमीटर है। इसके ऊंपरी सिरे पर गोल्डन ग्लोब है जो क्रिकेट बॉल को इंगित करता है, इसके चारों ओर चांदी की तीन छड़ें हैं जो तीन स्टंप्स का प्रतिरूप हैं। ट्रॉफी के निचले सिरे पर पर अब तक की चैंपियन टीमों के नाम लिखे गए हैं। वास्तविक ट्रॉफी का वजन 11 किलोग्राम है। वास्तविक ट्रॉफी को आईसीसी के दुबई स्थित मुख्यालय में रखा जाता है। विजेता टीम को इस ट्रॉफी का प्रतिरूप भेंट किया जाता है।

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