Wednesday, February 9, 2011

बाजार 7 माह के निचले स्तर पर

बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका और व्यापार असंतुलन के चलते निवेशकों को अब लग रहा है कि आने वाली तिमाहियों में कॉरपोरट इंडिया की आय व लाभ पर भारी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसी के चलते मंगलवार को बाजार में भारी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। हालांकि, मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक मजबूती के साथ 18,141.51 अंक पर खुला, लेकिन चौतरफा बिकवाली के दबाव में लगातार नीचे की ओर दरकता रहा।

शाम को बीएसई सेंसेक्स 261.49 अंक यानी 1.45 फीसदी की गिरावट के साथ 17,775.70 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी इसी राह पर चलते 83.45 अंक यानी 1.55 फीसदी की गिरावट दर्ज करते हुए 5,312.55 अंक पर बंद हुआ। दोनों घरेलू मुख्य शेयर बाजारों का यह पिछले सात माह का सबसे निचला स्तर रहा। इससे पहले 8 जुलाई, 2010 को बीएसई सेंसेक्स 17,651.73 अंक और एनएसई निफ्टी 5,296.85 अंक पर बंद हुआ था।

बाजार के जानकारों के मुताबिक बढ़ती महंगाई और ऊंची ब्याज दरों से चिंतित निवेशकों ने बाजारों में जमकर बिकवाली की। बाजार में हर तरफ बिकवाली का दबाव दिखाई दे रहा था। बीएसई के सभी 13 सेक्टोरल इंडेक्स 0.10 फीसदी से लेकर 3.81 फीसदी तक की गिरावट दर्ज करते हुए बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, ऑटो और बैंकिंग सेक्टोरल इंडेक्स में दर्ज की गई। विश्लेषकों का कहना है कि मिस्र में चल रहे राजनीतिक संकट का असर घरेलू बाजार में तेल की कीमतों पर पडऩे की आशंका पैदा हो गई है।

इस वजह से भी निवेशकों की धारणा नकारात्मक बनी हुई है। उधर, एशियाई व यूरोपीय बाजारों से भी कोई ऐसे संकेत नहीं मिल पाए, जिनसे घरेलू बाजारों की धारणा पर कुछ सकारात्मक असर पड़े। चीन के शेयर बाजार तो मंगलवार को बंद ही रहे। इसके अलावा, अन्य सभी बाजारों में, वॉल स्ट्रीट की सोमवार की तेजी के बावजूद मिला-जुला रुख ही दिखाई दिया। हांगकांग, सिंगापुर व ताइवान के मुख्य शेयर बाजार गिरावट दर्ज करते हुए बंद हुए। जबकि, जापान व दक्षिण कोरिया के बाजारों में बढ़त का रुख देखा गया। दोपहर बाद यूरोप के मुख्य बाजारों में भी मिला-जुला रुख ही देखा जा रहा था।

घरेलू स्तर पर, बिकवाली के दबाव में बीएसई में शामिल 30 में से 25 कंपनियों के शेयर गिरावट दर्ज करते हुए बंद हुए। जबकि, शेष पांच शेयर बढ़त बनाने में कामयाब रहे। आईसीआईसीआई बैंक की 2.98 फीसदी, ओएनजीसी की 5.58 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज की 1.48 फीसदी, लार्सन एंड टुब्रो की 2.34 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा की 5.97 फीसदी, टाटा मोटर की 2.86 फीसदी और टाटा स्टील की 3.16 फीसदी की गिरावट ने बाजारों को नीचे धकेलने में पूरा योगदान दिया। इसके साथ ही, जयप्रकाश एसोसिएट्स में 5.21 फीसदी, रिलायंस कम्युनिकेशंस में 4.20 फीसदी व हीरो होंडा में 4.06 फीसदी की गिरावट रही।

बीएसई के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टोरल इंडेक्स में 3.81 फीसदी, रियल्टी इंडेक्स में 3.08 फीसदी, ऑटो इंडेक्स में 2.70 फीसदी, बैंकेक्स में 2.28 फीसदी और ऑयल एंड गैस सेक्टोरल इंडेक्स में 2.06 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सेकेंड लाइन शेयरों में भी भारी बिकवाली का रुख रहा। इसके चलते बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 2.42 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 3.23 फीसदी टूट गया। बाजार की धारणा बेहद नकारात्मक थी। बीएसई में सूचीबद्ध 2,299 कंपनियों के शेयरों में गिरावट का रुख रहा, जबकि केवल 551 शेयर ही बढ़त दर्ज कर सके। कुल टर्नओवर भी 2,824.15 करोड़ रुपये ही रहा।

No comments:

Post a Comment