Wednesday, February 9, 2011

उप्र में लाखों रुपये की आईएसडी कॉल करने वाले 4 गिरफ्तार

लखनऊ,उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सेटेलाइट फोनों पर 44 लाख रुपये की आईएसडी कॉल करने वाले चार युवकों को लखनऊ और आजमगढ़ से गिरफ्तार किया।

एटीएस ने लखनऊ के गोमतीनगर इलाके से दो युवकों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी निशानदेही पर मास्टरमाइंड अबू सहमा और उसके एक साथी को आजमगढ़ के संजरपुर गांव से पकड़ा। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक की ओर से गुरुवार रात जारी विज्ञप्ति में दी गई।

विज्ञप्ति के मुताबिक गिरफ्तार युवकों ने दो जनवरी को आईएसडी सुविधा वाला भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का सिमकार्ड प्राप्त करके सेटेलाइट फोनों पर लंबी अविध तक फोन पर 44 लाख रुपये की बात की। कॉल कहां पर की गई, यह जानकारी अभी नहीं दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक मास्टरमाइंड हसमा ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि सऊदी अरब में रहने वाले उसके साथी हामिद बक्श ने उसे कुछ अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल नंबर और सेटेलाइट नंबर दिए थे, जिन पर लंबी अविध तक बात करने में प्रति मिनट के हिसाब से हवाला और मनी ट्रांसफर कंपनी के माध्यम से उन्हें पैसे मिलते थे। अब तक हवाला के जरिए पचास हजार और मनी ट्रांसफर कंपनी के माध्यम से 2.20 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए युवकों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। नियमों में शिथिलता बरतकर इन युवकों को आईएसडी सुविधा वाला सिमकार्ड मुहैया कराने में कुछ बीएसएनएल कर्मचारियों के शामिल होने की बात भी सामने आई है। इस सम्बंध में जांच की जा रही है।
लखनऊ,उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सेटेलाइट फोनों पर 44 लाख रुपये की आईएसडी कॉल करने वाले चार युवकों को लखनऊ और आजमगढ़ से गिरफ्तार किया।

एटीएस ने लखनऊ के गोमतीनगर इलाके से दो युवकों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी निशानदेही पर मास्टरमाइंड अबू सहमा और उसके एक साथी को आजमगढ़ के संजरपुर गांव से पकड़ा। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक की ओर से गुरुवार रात जारी विज्ञप्ति में दी गई।

विज्ञप्ति के मुताबिक गिरफ्तार युवकों ने दो जनवरी को आईएसडी सुविधा वाला भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का सिमकार्ड प्राप्त करके सेटेलाइट फोनों पर लंबी अविध तक फोन पर 44 लाख रुपये की बात की। कॉल कहां पर की गई, यह जानकारी अभी नहीं दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक मास्टरमाइंड हसमा ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि सऊदी अरब में रहने वाले उसके साथी हामिद बक्श ने उसे कुछ अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल नंबर और सेटेलाइट नंबर दिए थे, जिन पर लंबी अविध तक बात करने में प्रति मिनट के हिसाब से हवाला और मनी ट्रांसफर कंपनी के माध्यम से उन्हें पैसे मिलते थे। अब तक हवाला के जरिए पचास हजार और मनी ट्रांसफर कंपनी के माध्यम से 2.20 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए युवकों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। नियमों में शिथिलता बरतकर इन युवकों को आईएसडी सुविधा वाला सिमकार्ड मुहैया कराने में कुछ बीएसएनएल कर्मचारियों के शामिल होने की बात भी सामने आई है। इस सम्बंध में जांच की जा रही है।

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