नई दिल्ली. वेस्टइंडीज में हुए पिछले विश्वकप में भारत और पाकिस्तान जैसी टीमों के ग्रुप चरण में ही बाहर हो जाने से सबक लेते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने 19 फरवरी से शुरू हो रहे विश्वकप के लिए इस बार ग्रुपों का ऐसा समीकरण तैयार किया ताकि हर टीम के पास वापसी का पूरा मौका रहे।
वर्ष 2007 में कैरेबियाई जमीन पर हुए पिछले विश्वकप में 16 टीमें शामिल थीं जिन्हें चार-चार के चार ग्रुपों में बांटा गया था। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमों को सुपर आठ के अगले दौर में पहुंचना था। आईसीसी को पूरी उम्मीद थी कि चोटी की आठ टीमें तो सुपर आठ में खेलेंगी ही। लेकिन ग्रुप दौर में दो बड़े उलटफेर हो गए।
भारत को अपने ग्रुप बी में बांग्लादेश के हाथों पांच विकेट की हार का सामना करना पड़ा और फिर खिताब की दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम अगले दौर में नहीं पहुंच पाई। इसी तरह ग्रुप डी में पाकिस्तान को आयरलैंड ने तीन विकेट से शिकस्त देकर उसका भी अगले दौर में पहुंचने का सपना तोड दिया१भारत और पाकिस्तान जैसी दो बड़ी टीमों के सुपर आठ में नहीं पहुंचने से टूर्नामेंट का रंग ही फीका पड़ गया था। उसी बात के मद्देनजर इस बार आईसीसी ने विश्वकप में भाग ले रही 14 टीमों को सात-सात के दो ग्रुपों में विभाजित किया है।
सभी टीमें अपने-अपने ग्रुपों में हरेक के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी। यानि कोई टीम शुरू में उलटफेर का शिकार हो भी जाती है तो भी उसके पास बाकी मैचों में वापसी करने का पूरा मौका रहेगा।
भारत ग्रुप-बी में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, आयरलैंड और हॉलैंड के साथ है जबकि गुप-ए में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, कनाडा और केन्या हैं।
वर्ष 2007 में कैरेबियाई जमीन पर हुए पिछले विश्वकप में 16 टीमें शामिल थीं जिन्हें चार-चार के चार ग्रुपों में बांटा गया था। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमों को सुपर आठ के अगले दौर में पहुंचना था। आईसीसी को पूरी उम्मीद थी कि चोटी की आठ टीमें तो सुपर आठ में खेलेंगी ही। लेकिन ग्रुप दौर में दो बड़े उलटफेर हो गए।
भारत को अपने ग्रुप बी में बांग्लादेश के हाथों पांच विकेट की हार का सामना करना पड़ा और फिर खिताब की दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम अगले दौर में नहीं पहुंच पाई। इसी तरह ग्रुप डी में पाकिस्तान को आयरलैंड ने तीन विकेट से शिकस्त देकर उसका भी अगले दौर में पहुंचने का सपना तोड दिया१भारत और पाकिस्तान जैसी दो बड़ी टीमों के सुपर आठ में नहीं पहुंचने से टूर्नामेंट का रंग ही फीका पड़ गया था। उसी बात के मद्देनजर इस बार आईसीसी ने विश्वकप में भाग ले रही 14 टीमों को सात-सात के दो ग्रुपों में विभाजित किया है।
सभी टीमें अपने-अपने ग्रुपों में हरेक के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी। यानि कोई टीम शुरू में उलटफेर का शिकार हो भी जाती है तो भी उसके पास बाकी मैचों में वापसी करने का पूरा मौका रहेगा।
भारत ग्रुप-बी में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, आयरलैंड और हॉलैंड के साथ है जबकि गुप-ए में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, कनाडा और केन्या हैं।
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