आईटीबीपी ने माना है कि उसने भर्ती के लिए आने वाले अभ्यर्थियों का ठीक अंदाज़ा नहीं लगाया.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शाहजहांपुर में मंगलवार को हुए हिमगिरि ट्रेन हादसे के लिये भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच बल ने स्वीकार किया है कि उससे बरेली में ट्रेड्समेन के पदों पर भर्ती के लिये लगाए गए शिविर में आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या का आंकलन करने में चूक हुई.
आईटीबीपी के अपर महानिदेशक दिलीप त्रिवेदी ने बुधवार देर रात लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत में माना कि भर्ती में आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या का अंदाजा लगाने में चूक हुई है. फिलहाल इसके लिये किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जा सकता. मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जवानों पर एफआईआर
उन्होंने कहा कि आईटीबीपी में तीन साल के बाद ट्रेड्समैन के पदों पर भर्ती की जा रही है. पूर्व में इन पदों के लिये ज्यादा आवेदन नहीं आते थे लेकिन इस बार अत्यधिक संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए. आईटीबीपी को इतनी ज्यादा तादाद में अभ्यर्थियों के आने का अंदाजा नहीं था.
त्रिवेदी ने कहा कि यह घटना आईटीबीपी के लिये सबक है.
गौरतलब है कि गत मंगलवार को आईटीबीपी में ट्रेड्समैन के कुल 416 पदों पर भर्ती के लिये बरेली में लगाए गए शिविर में फार्म जमा करने के लिये 11 राज्यों से करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी पहुंचे थे. लौटते समय हिमगिरि एक्सप्रेस की बोगियों की छत पर सवार सैकड़ों अभ्यर्थियों में से 19 की शाहजहांपुर और रोजा स्टेशन के बीच एक पुल से टकराने से मृत्यु हो गई थी तथा इस हादसे में अनेक घायल हुए थे.
आवेदन रद्द
आईटीबीपी के उपमहानिरीक्षक आर. एस. नेगी ने बताया कि मंगलवार को बरेली स्थित शिविर में अभ्यर्थियों द्वारा जमा किये गए आवेदन रद्द कर दिये गए हैं. अब नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें डाक के ज़रिये अर्जियां मंगाई जाएंगी.
उन्होंने बताया कि आईटीबीपी के दिल्ली मुख्यालय से प्राप्त आदेश के मुताबिक भर्ती शिविर में जमा किये गए सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है. इसकी जानकारी अभ्यर्थियों को लिखित रूप से दी जाएगी. साथ ही उन्हें नई भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी सूचना भेजी जाएगी.
अधिकारियों के खिलाफ हो कार्रवाई
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार को लिखे पत्र में हिमगिरि एक्सप्रेस कांड के लिये आईटीबीपी को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की मांग की है.
एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि आईटीबीपी की अदूरदर्शिता के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती शिविर में पहुंचे और उनकी वापसी के दौरान हिमगिरि एक्सप्रेस पर सवार अभ्यर्थियों के साथ इतना बड़ा हादसा हुआ.
उन्होंने कहा कि भर्ती करने वाले अधिकारियों ने सही स्थिति का आंकलन करके समय रहते बरेली जिला प्रशासन से तालमेल किया होता तो यह दुर्घटना नहीं होती.
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने केन्द्रीय बलों की भर्ती रैलियों के मद्देनजर केन्द्र से 'स्टैण्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' लागू करने का भी अनुरोध किया है.
आरोप- प्रत्यारोप
हिमगिरि एक्सप्रेस हादसे को लेकर राज्य और केन्द्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
केन्द्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई थी जबकि प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल का कहना है कि आईटीबीपी के अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी ने जिला प्रशासन को सिर्फ एक साधारण पत्र लिखकर भर्ती शिविर के आयोजन की जानकारी दी थी.
बृजलाल ने कहा "आईटीबीपी ने 11 राज्यों से अभ्यर्थियों को भर्ती शिविर में बुलाया था और इस हादसे के लिये स्थानीय प्रशासन या पुलिस कतई जिम्मेदार नहीं है."
रेलवे सुरक्षा बल के मुख्य आयुक्त आर. के. कर्दम ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शाहजहांपुर में मंगलवार को हुए हिमगिरि ट्रेन हादसे के लिये भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच बल ने स्वीकार किया है कि उससे बरेली में ट्रेड्समेन के पदों पर भर्ती के लिये लगाए गए शिविर में आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या का आंकलन करने में चूक हुई.
आईटीबीपी के अपर महानिदेशक दिलीप त्रिवेदी ने बुधवार देर रात लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत में माना कि भर्ती में आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या का अंदाजा लगाने में चूक हुई है. फिलहाल इसके लिये किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जा सकता. मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जवानों पर एफआईआर
उन्होंने कहा कि आईटीबीपी में तीन साल के बाद ट्रेड्समैन के पदों पर भर्ती की जा रही है. पूर्व में इन पदों के लिये ज्यादा आवेदन नहीं आते थे लेकिन इस बार अत्यधिक संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए. आईटीबीपी को इतनी ज्यादा तादाद में अभ्यर्थियों के आने का अंदाजा नहीं था.
त्रिवेदी ने कहा कि यह घटना आईटीबीपी के लिये सबक है.
गौरतलब है कि गत मंगलवार को आईटीबीपी में ट्रेड्समैन के कुल 416 पदों पर भर्ती के लिये बरेली में लगाए गए शिविर में फार्म जमा करने के लिये 11 राज्यों से करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी पहुंचे थे. लौटते समय हिमगिरि एक्सप्रेस की बोगियों की छत पर सवार सैकड़ों अभ्यर्थियों में से 19 की शाहजहांपुर और रोजा स्टेशन के बीच एक पुल से टकराने से मृत्यु हो गई थी तथा इस हादसे में अनेक घायल हुए थे.
आवेदन रद्द
आईटीबीपी के उपमहानिरीक्षक आर. एस. नेगी ने बताया कि मंगलवार को बरेली स्थित शिविर में अभ्यर्थियों द्वारा जमा किये गए आवेदन रद्द कर दिये गए हैं. अब नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें डाक के ज़रिये अर्जियां मंगाई जाएंगी.
उन्होंने बताया कि आईटीबीपी के दिल्ली मुख्यालय से प्राप्त आदेश के मुताबिक भर्ती शिविर में जमा किये गए सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है. इसकी जानकारी अभ्यर्थियों को लिखित रूप से दी जाएगी. साथ ही उन्हें नई भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी सूचना भेजी जाएगी.
अधिकारियों के खिलाफ हो कार्रवाई
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार को लिखे पत्र में हिमगिरि एक्सप्रेस कांड के लिये आईटीबीपी को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई की मांग की है.
एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि आईटीबीपी की अदूरदर्शिता के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती शिविर में पहुंचे और उनकी वापसी के दौरान हिमगिरि एक्सप्रेस पर सवार अभ्यर्थियों के साथ इतना बड़ा हादसा हुआ.
उन्होंने कहा कि भर्ती करने वाले अधिकारियों ने सही स्थिति का आंकलन करके समय रहते बरेली जिला प्रशासन से तालमेल किया होता तो यह दुर्घटना नहीं होती.
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने केन्द्रीय बलों की भर्ती रैलियों के मद्देनजर केन्द्र से 'स्टैण्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' लागू करने का भी अनुरोध किया है.
आरोप- प्रत्यारोप
हिमगिरि एक्सप्रेस हादसे को लेकर राज्य और केन्द्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
केन्द्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई थी जबकि प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल का कहना है कि आईटीबीपी के अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी ने जिला प्रशासन को सिर्फ एक साधारण पत्र लिखकर भर्ती शिविर के आयोजन की जानकारी दी थी.
बृजलाल ने कहा "आईटीबीपी ने 11 राज्यों से अभ्यर्थियों को भर्ती शिविर में बुलाया था और इस हादसे के लिये स्थानीय प्रशासन या पुलिस कतई जिम्मेदार नहीं है."
रेलवे सुरक्षा बल के मुख्य आयुक्त आर. के. कर्दम ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है.

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