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2 घंटे पहले
नई दिल्ली। वर्तमान में मोबाइल जीवन का हिस्सा बन चुका है और इसके बगैर जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। हाथ में मोबाइल न हो तो ऎसा लगता है जैसे कुछ खो सा गया है। आदतें ऎसी ही हो गई है कि रात में भी बिना मोबाइल के नींद नही आती। मगर यह मोबाइल मेनिया खतरनाक हो सकता हैं क्योंकि मोबाइल को वाइब्रेशन मोड पर ज्यादा देर तक इस्तेमाल करने से कैंसर होने का डर होता है। मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन की वजह से नींद न आना, चक्कर आना, ...
जीवन की तरंगों के लिए घातक है मोबाइल की तरंगें दैनिक भास्कर
'मोबाइल फोन विकिरण से स्वास्थ्य को नुकसान' Oneindia Hindi
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