Friday, February 4, 2011

मोबाइल से मोहब्बत, मौत का पैगाम


Khaskhabar.com -
‎2 घंटे पहले‎
नई दिल्ली। वर्तमान में मोबाइल जीवन का हिस्सा बन चुका है और इसके बगैर जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। हाथ में मोबाइल न हो तो ऎसा लगता है जैसे कुछ खो सा गया है। आदतें ऎसी ही हो गई है कि रात में भी बिना मोबाइल के नींद नही आती। मगर यह मोबाइल मेनिया खतरनाक हो सकता हैं क्योंकि मोबाइल को वाइब्रेशन मोड पर ज्यादा देर तक इस्तेमाल करने से कैंसर होने का डर होता है। मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन की वजह से नींद न आना, चक्कर आना, ...

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