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देवता या भगवान के लिए बत्तियां बनाते समय रंगोली का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उसके बदले सुगंध का उपयोग करें। भगवान के नीरांजन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली बत्तियों को पहले दिन गरम घी में डुबोकर रखें। मनुष्य की आरती उतारने के लिए कपास की बत्तियां बनानी चाहिए। नीरंजना के लिए उपयोग में लाई जाने वाली बत्तियों को पहले से तेल में डुबोकर नहीं रखना चाहिए।तेलकी बत्तियां तैयार करते समय कुंकुम या गुलाल का प्रयोग करना चाहिए। मृत व्यक्ति का पंचभौतिक देह अचेत होने के कारण केवल आत्मज्योति प्रज्वलित होती रहती है।
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