पेशावर. तालिबान ने आज धमकी दी है कि जो भी अधिकारी अमेरिकी अधिकारी रेमंड डेविस को रिहा करने में मदद करने का प्रयास करेगा, उसकी हत्या कर दी जाएगी। तहरीक-ए-तालिबान ने पाकिस्तानी सरकार को भी चेतावनी दी है कि यदि डेविस को रिहा किया गया तो इसके बहुत घातक परिणाम निकलेंगे।
सोमवार को तहरीक-ए-तालिबान के प्रवक्ता आजम तारिक ने धमकी दी कि कोई भी अधिकारी यदि डेविस की मदद करने की कोशिश करेगा तो तालिबान उसकी हत्या कर देगा। तारिक ने कहा कि डेविस द्वारा की गई हत्याओं का मामला शरीयत (इस्लामी कानून) के अनुसार सुलझाया जाए। यानी उसे मौत के बदले मौत दी जाए। तारिक ने पाकिस्तान की जनता से भी डेविस प्रकरण में उठ खड़े होने का आह्वान किया।
तालिबान ने पाकिस्तानी सरकार को कहा है कि या तो डेविस को मौत की सजा दी जाए या फिर आतंकवादियों के हवाले कर दिया जाए। संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि डेविस का मामला तालिबान के लिए बड़ी चुनौती है। डेविस के मामले की सुनवाई कर रहे जज, डेविस के पक्ष में अदालत में खड़े हो रहे वकील, डेविस की रिहाई के लिए प्रयास कर रहे अधिकारी, सभी तालिबान के निशाने पर हैं। उसने बेकसूर मुस्लिमों की हत्या की है और शरीयत कानून के तहत उसकी भी हत्या होनी चाहिए। तारिक ने कहा कि पाकिस्तानी नियमों के अनुसार डेविस को रिहा किया जा सकता है, लेकिन ये कानून गैर -इस्लामी है, जिसे हम नहीं मानते।
पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास के अधिकारी रेमंड डेविस को दो पाकिस्तानियों की हत्या के आरोप में 27 जनवरी को गिरफ्तार किया गया है। पिछले शुक्रवार को पूरे पाकिस्तान में डेविस की संभावित रिहाई के विरोध में प्रदर्शन हुए। पाकिस्तानी सरकार डेविस को लेकर काफी मुश्किलों में फंस गई है। एक तरफ अमेरिका उसे रिहा करने का पूरा दबाव बना रहा है, वहीं आतंकवादी और कट्टरपंथी समूहों ने उसे रिहा करने की स्थिति में पूरे देश में बगावत करने का एलान किया है। अमेरिका ने रविवार को अमेरिका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच इस महीने होने वाली त्रिपक्षीय बातचीत टाल दी है।
पीपीपी में उथलपुथल, कुरैशी पर हमले जारी
पाकिस्तान की सत्ता पर काबिज पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) में अमेरिकी राजनयिक रेमंड डेविस को लेकर उथलपुथल मची हुई है। इसकी कीमत पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को अपनी कुर्सी गंवाकर चुकानी पड़ी है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में हाल ही में बनी नई कैबिनेट में शाह महमूद कुरैशी को विदेश मंत्री नहीं बनाया गया है। खबरों के मुताबिक उन्हें दूसरा मंत्रालय दिया जा रहा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। कुरैशी ने कहा था कि डेविस के पास ऐसे दस्तावेज नहीं हैं जो उन्हें राजनयिक साबित करें। पाकिस्तान की जनता की भावना डेविस के खिलाफ है, वहीं उसपर अमेरिका का जबर्दस्त दबाव भी है। ऐसे में पाकिस्तान सरकार असमंजस में है।
अमेरिकी नागरिक रेमंड डेविस पर लाहौर में दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या का आरोप है, जिसके चलते इस समय वह पाकिस्तान में न्यायिक हिरासत में है। लेकिन अमेरिका का कहना है कि वह राजनयिक है उसे विशेषाधिकार मिले हुए हैं। ऐसे में डेविस को गिरफ्तार करना गैरकानूनी है।
अमेरिका ने डेविस के पक्ष में जबर्दस्त राजनयिक दबाव बनाया है। जरदारी के नजदीकी पाकिस्तान सरकार के एक मंत्री ने 'द इंटरनेशनल न्यूज' अखबार को बताया कि अब डेविस का का मामला लाहौर हाई कोर्ट के सामने है। डेविस के राजनयिक होने पर सवाल उठाने वाले कुरैशी पर उनकी पार्टी के 'हमले' जारी है। पीपीपी की वरिष्ठ नेता का कहना है कि इस बयान के बाद कुरैशी का पार्टी में कोई 'भविष्य' नहीं है। पाकिस्तान के अख़बार डॉन को दिए बयान में पीपीपी की प्रवक्ता फौजिया वहाब ने कहा कि कुरैशी के खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी क्योंकि उन्होंने पार्टी के अनुशासन को तोड़ा है और शीर्ष नेतृत्व के लिए शर्मनाक हालात पैदा किए। वहाब के मुताबिक, कुरैशी ने पार्टी नेतृत्व को धोखा दिया है और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पार्टी के नेता फिरदौस आशिक अवान ने कुरैशी पर मुशर्रफ को बचाने का आरोप लगाया है।
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