लंदन। एक शोध में पता चला है कि सेक्स पर पुरूष महिलाऔं से ज्यादा बात करते हैं। यह शोध मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के एक दल ने किया। इस दल ने पुरूष और महिलाओं की वार्ता पर किए 56 अध्ययनों की समीक्षा की। शोध में पाया कि सेक्स पुरूषों का पसंदीदा विषय है। इस विषय पर पुरूष महिलाओं से ज्यादा बात करते हंै। लेकिन महिलाएं इस विषय पर चर्चा करते समय अधिक व्यापक औश्र विचारशील भाषा का इस्तेमाल करती हैं। जबकि पुरूषों का हर पांचवां शब्द छूटा हुआ होता है।
Sunday, February 20, 2011
सचिन ने सहवाग से कहा, कोई बात नहीं
ढाका। वीरेन्द्र सहवाग ने रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ विश्वकप के शुरूआती मैच में शानदार पारी खेली लेकिन सचिन तेंदुलकर का रन आउट होना निश्चित रूप से उनके लिए काफी खराब क्षण रहा होगा हालांकि इस भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज ने कहा कि उनके सीनियर जोडीदार के लिए मैच जीतना खास था।
सहवाग ने कहा वह मुझे आवाज दे रहे थे और मैं उन्हें नहीं सुन सका। मैं सिर्फ गेंद को देखत रहा। सहवाग ने कहा लेकिन जब मैं ड्रेसिंग रूम में गया तो उन्होंने कहा-इट्स ओके (कोई बात नहीं
सहवाग ने कहा वह मुझे आवाज दे रहे थे और मैं उन्हें नहीं सुन सका। मैं सिर्फ गेंद को देखत रहा। सहवाग ने कहा लेकिन जब मैं ड्रेसिंग रूम में गया तो उन्होंने कहा-इट्स ओके (कोई बात नहीं
छोटा व सरल होगा आइपीओ का फार्म
दिल्ली। जल्दी ही आइपीओ का आवेदन फार्म छोटा और सरल हो सकता है। बाजार नियामक सेबी ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को शेयर बाजार से जोड़ने के लिए इस पहल पर विचार कर रहा है। नियामक एएसबीए [एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट] और नॉन-एएसबीए निवेशक दोनों के लिए एक ही जैसे आइपीओ आवेदन पत्र लाने की तैयारी में है। एएसबीए ऐसी कागजरहित सुविधा है जिसमें आवेदन के समय धन को निवेशक के बैंक खाते में ही रखा जाता है और यूनिट के आवंटन के समय ही यह राशि निकाली जाती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेबी द्वारा इस दिशा में कदम उठाने पर चर्चा हो रही है। नियामक का मानना है कि आइपीओ में शेयरों के लिए आवेदन का मौजूदा फार्म अनावश्यक रूप से लंबा है। ज्यादातर मामलों में इस तरह का आवेदन फार्म 15-20 पन्नों का होता है। जबकि निवेशकों को आमतौर पर दो-तीन पन्ने ही भरने होते हैं। शेष पन्नों में कंपनी के बारे में सूचना, निर्देश, बैंक और पंजीयकों की जानकारी सहित अन्य सूचनाएं होती हैं। नियामक प्राथमिक बाजार परामर्श समिति के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
प्रस्ताव के तहत इस फार्म से आवेदक के उस ब्यौरे को हटाया जाना चाहिए जो पहले ही वह डीमैट और बैंक खातों में उपलब्ध करा चुका है। इस पहल से निवेशक द्वारा दी जाने वाली जानकारी आधी रह जाएगी।
सरकार भी पूंजी बाजार में सभी प्रकार के विदेशी निवेश के लिए नियमों को सरल और दुरुस्त बनाने की तैयारी में है। हालांकि वह चाहती है कि विदेशी निवेश कड़ी जाच प्रक्रिया से गुजरे। इस कदम से विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं को भारत में ऋण व शेयर बाजार में सीधे खरीद-फरोख्त की सुविधा मिल सकती है।
अभी विदेशी निवेशक को देश में अपना पंजीकरण कराना होता है। या तो उन्हें भारत में पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों, फंडों या प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के माध्यम से ही निवेश करने की अनुमति है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेबी द्वारा इस दिशा में कदम उठाने पर चर्चा हो रही है। नियामक का मानना है कि आइपीओ में शेयरों के लिए आवेदन का मौजूदा फार्म अनावश्यक रूप से लंबा है। ज्यादातर मामलों में इस तरह का आवेदन फार्म 15-20 पन्नों का होता है। जबकि निवेशकों को आमतौर पर दो-तीन पन्ने ही भरने होते हैं। शेष पन्नों में कंपनी के बारे में सूचना, निर्देश, बैंक और पंजीयकों की जानकारी सहित अन्य सूचनाएं होती हैं। नियामक प्राथमिक बाजार परामर्श समिति के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
प्रस्ताव के तहत इस फार्म से आवेदक के उस ब्यौरे को हटाया जाना चाहिए जो पहले ही वह डीमैट और बैंक खातों में उपलब्ध करा चुका है। इस पहल से निवेशक द्वारा दी जाने वाली जानकारी आधी रह जाएगी।
सरकार भी पूंजी बाजार में सभी प्रकार के विदेशी निवेश के लिए नियमों को सरल और दुरुस्त बनाने की तैयारी में है। हालांकि वह चाहती है कि विदेशी निवेश कड़ी जाच प्रक्रिया से गुजरे। इस कदम से विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं को भारत में ऋण व शेयर बाजार में सीधे खरीद-फरोख्त की सुविधा मिल सकती है।
अभी विदेशी निवेशक को देश में अपना पंजीकरण कराना होता है। या तो उन्हें भारत में पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों, फंडों या प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के माध्यम से ही निवेश करने की अनुमति है।
16 से 20 हजार के दायरे में रहेगा सेंसेक्स
मुंबई। शेयर बाजार में वर्ष 2011 की पहली छमाही में गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है लेकिन इसमें बाद में तेजी आएगी। वर्ष के दौरान सेंसेक्स के 16,000 से 20,000 के दायरे में रहने की संभावना है।
एंजल ब्रोकिंग के मुख्य निवेश अधिकारी राजन शाह ने निवेश मौके पर आयोजित एक सेमिनार में कहा, कि चालू वर्ष की पहली छमाही में बाजार में नकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है और वर्ष के अंत तक इसमें तेजी देखने को मिल सकती है। इसीलिए हम उम्मीद करते हैं कि बाजार चालू वर्ष में 16,000 से 20,000 अंक के दायरे में रहेगा।
इस सेमिनार का आयोजन एंजल ब्रोकिंग और बंबई शेयर बाजार ने संयुक्त रूप से किया था। सेमिनार निवेशकों को शिक्षित करने की एंजल ब्रोकिंग और बीएसई की मुहिम का हिस्सा है।
शाह ने कहा कि खुदरा निवेशकों को सतर्क और शेयर रखने के मामले में अनुशासित रहने की जरूरत है। उन्ही कंपनियों में निवेश पर ध्यान देना चाहिए जिनका प्रबंधन बेहतर और कारोबाच् अच्छा हो।
वर्ष 2011 में अबतक शेयर बाजार में गिरावट का रुख रहा है। मुद्रास्फीति दबाव के कारण इसमें 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। मुद्रास्फीति के कारण आर्थिक वृद्धि कम हो सकती है।
एंजल ब्रोकिंग के मुख्य निवेश अधिकारी राजन शाह ने निवेश मौके पर आयोजित एक सेमिनार में कहा, कि चालू वर्ष की पहली छमाही में बाजार में नकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है और वर्ष के अंत तक इसमें तेजी देखने को मिल सकती है। इसीलिए हम उम्मीद करते हैं कि बाजार चालू वर्ष में 16,000 से 20,000 अंक के दायरे में रहेगा।
इस सेमिनार का आयोजन एंजल ब्रोकिंग और बंबई शेयर बाजार ने संयुक्त रूप से किया था। सेमिनार निवेशकों को शिक्षित करने की एंजल ब्रोकिंग और बीएसई की मुहिम का हिस्सा है।
शाह ने कहा कि खुदरा निवेशकों को सतर्क और शेयर रखने के मामले में अनुशासित रहने की जरूरत है। उन्ही कंपनियों में निवेश पर ध्यान देना चाहिए जिनका प्रबंधन बेहतर और कारोबाच् अच्छा हो।
वर्ष 2011 में अबतक शेयर बाजार में गिरावट का रुख रहा है। मुद्रास्फीति दबाव के कारण इसमें 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। मुद्रास्फीति के कारण आर्थिक वृद्धि कम हो सकती है।
वंदना समूह ने 33 करोड़ सरेंडर किए
भोपाल। इस्पात और पॉवर सेक्टर की रायपुर में नामी गिरामी कंपनी वंदना समूह ने आयकर विभाग के सामने 33 करोड़ रूपए की अघोषित आय स्वीकार कर ली। इस अघोषित आय पर 30 प्रतिशत के हिसाब से करीब 10 करोड़ से अधिक टैक्स की रिकवरी होना तय हो गया। पता चला है कि सरेंडर की गई यह रकम कोलकाता की फर्जी कंपनियों से लाए गए शेयर कैपिटल से जुड़ी है। अभी अहम दस्तावेजों की जांच बाकी है। आयकर विभाग का कहना है कि छापे में जब्त किए गए लेन-देन के महत्वपूर्ण सुरागों व कागजातों की पड़ताल के बाद अघोषित आय का आंकड़ा 500 करोड़ से ऊपर पहुंचेगा।
फिलहाल मुंबई, कोलकाता, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा में शुक्रवार से चल रही छापे की कार्रवाई शनिवार देर रात पूरी हुई। रविवार को भोपाल मुख्यालय की टीमें रायपुर से रवाना हो गई। सूत्रों के मुताबिक इस्पात, पॉवर और ट्रेडिंग समेत रीयल स्टेट में कूदने की तैयारी कर रही वंदना समूह से जुड़े सुभाष अग्र्रवाल, विनोद अग्र्रवाल, प्रहलाद अग्र्रवाल, अशोक अग्रवाल और गोपाल अग्र्रवाल के नाम से छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग आदि प्रमुख स्थानों पर कई एकड़ जमीनें मिली हैं। इनका मूल्यांकन बाद में किया जाएगा। इन जमीनों में निवेश के मूल स्त्रोत की भी छानबीन होगी ताकि काली कमाई की जड़ तक पहुंचा जा सके।
छापे की कार्रवाई पूरी हो गई है। अभी वंदना समूह ने सरेंडर कर दिया है लेकिन आगे की जांच में अघोषित आय बढ़ेगी। आयकर इस मामले की गहन छानबीन करेगा।ब्रजेश गुप्ता, आयकर महानिदेशक, भोपाल
फिलहाल मुंबई, कोलकाता, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा में शुक्रवार से चल रही छापे की कार्रवाई शनिवार देर रात पूरी हुई। रविवार को भोपाल मुख्यालय की टीमें रायपुर से रवाना हो गई। सूत्रों के मुताबिक इस्पात, पॉवर और ट्रेडिंग समेत रीयल स्टेट में कूदने की तैयारी कर रही वंदना समूह से जुड़े सुभाष अग्र्रवाल, विनोद अग्र्रवाल, प्रहलाद अग्र्रवाल, अशोक अग्रवाल और गोपाल अग्र्रवाल के नाम से छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग आदि प्रमुख स्थानों पर कई एकड़ जमीनें मिली हैं। इनका मूल्यांकन बाद में किया जाएगा। इन जमीनों में निवेश के मूल स्त्रोत की भी छानबीन होगी ताकि काली कमाई की जड़ तक पहुंचा जा सके।
छापे की कार्रवाई पूरी हो गई है। अभी वंदना समूह ने सरेंडर कर दिया है लेकिन आगे की जांच में अघोषित आय बढ़ेगी। आयकर इस मामले की गहन छानबीन करेगा।ब्रजेश गुप्ता, आयकर महानिदेशक, भोपाल
छोटा व सरल होगा आइपीओ का फार्म!
नई दिल्ली। जल्दी ही आइपीओ का आवेदन फार्म छोटा और सरल हो सकता है। बाजार नियामक सेबी ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को शेयर बाजार से जोड़ने के लिए इस पहल पर विचार कर रहा है। नियामक एएसबीए [एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट] और नॉन-एएसबीए निवेशक दोनों के लिए एक ही जैसे आइपीओ आवेदन पत्र लाने की तैयारी में है। एएसबीए ऐसी कागजरहित सुविधा है जिसमें आवेदन के समय धन को निवेशक के बैंक खाते में ही रखा जाता है और यूनिट के आवंटन के समय ही यह राशि निकाली जाती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेबी द्वारा इस दिशा में कदम उठाने पर चर्चा हो रही है। नियामक का मानना है कि आइपीओ में शेयरों के लिए आवेदन का मौजूदा फार्म अनावश्यक रूप से लंबा है। ज्यादातर मामलों में इस तरह का आवेदन फार्म 15-20 पन्नों का होता है। जबकि निवेशकों को आमतौर पर दो-तीन पन्ने ही भरने होते हैं। शेष पन्नों में कंपनी के बारे में सूचना, निर्देश, बैंक और पंजीयकों की जानकारी सहित अन्य सूचनाएं होती हैं। नियामक प्राथमिक बाजार परामर्श समिति के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
प्रस्ताव के तहत इस फार्म से आवेदक के उस ब्यौरे को हटाया जाना चाहिए जो पहले ही वह डीमैट और बैंक खातों में उपलब्ध करा चुका है। इस पहल से निवेशक द्वारा दी जाने वाली जानकारी आधी रह जाएगी।
सरकार भी पूंजी बाजार में सभी प्रकार के विदेशी निवेश के लिए नियमों को सरल और दुरुस्त बनाने की तैयारी में है। हालांकि वह चाहती है कि विदेशी निवेश कड़ी जाच प्रक्रिया से गुजरे। इस कदम से विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं को भारत में ऋण व शेयर बाजार में सीधे खरीद-फरोख्त की सुविधा मिल सकती है।
अभी विदेशी निवेशक को देश में अपना पंजीकरण कराना होता है। या तो उन्हें भारत में पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों, फंडों या प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के माध्यम से ही निवेश करने की अनुमति है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेबी द्वारा इस दिशा में कदम उठाने पर चर्चा हो रही है। नियामक का मानना है कि आइपीओ में शेयरों के लिए आवेदन का मौजूदा फार्म अनावश्यक रूप से लंबा है। ज्यादातर मामलों में इस तरह का आवेदन फार्म 15-20 पन्नों का होता है। जबकि निवेशकों को आमतौर पर दो-तीन पन्ने ही भरने होते हैं। शेष पन्नों में कंपनी के बारे में सूचना, निर्देश, बैंक और पंजीयकों की जानकारी सहित अन्य सूचनाएं होती हैं। नियामक प्राथमिक बाजार परामर्श समिति के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
प्रस्ताव के तहत इस फार्म से आवेदक के उस ब्यौरे को हटाया जाना चाहिए जो पहले ही वह डीमैट और बैंक खातों में उपलब्ध करा चुका है। इस पहल से निवेशक द्वारा दी जाने वाली जानकारी आधी रह जाएगी।
सरकार भी पूंजी बाजार में सभी प्रकार के विदेशी निवेश के लिए नियमों को सरल और दुरुस्त बनाने की तैयारी में है। हालांकि वह चाहती है कि विदेशी निवेश कड़ी जाच प्रक्रिया से गुजरे। इस कदम से विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं को भारत में ऋण व शेयर बाजार में सीधे खरीद-फरोख्त की सुविधा मिल सकती है।
अभी विदेशी निवेशक को देश में अपना पंजीकरण कराना होता है। या तो उन्हें भारत में पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों, फंडों या प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के माध्यम से ही निवेश करने की अनुमति है।
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पाकिस्तानी गायक राहत फतह अली खान और उनके प्रबंधक मारूफ दोनों पर 15-15 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया
नई दिल्ली, रविवार, 20 फरवरी 2011( 18:18 IST )

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सूत्रों ने कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने दोनों को इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 13 फरवरी को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वे दुबई के रास्ते लाहौर जाने के लिए विमान में बैठने वाले थे। इनके पास से 1.24 लाख डॉलर (करीब 60 लाख रुपए) और विदेशी मुद्रा के चेक बरामद किए गए थे।
सूत्रों के मुताबिक दोनों को देश छोड़ने की तभी इजाजत दी जाएगी, जब वे सीमा शुल्क विभाग द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि अदा करेंगे। विदेशी मुद्रा जब्त ही रहेगा।
जाँच पूरी होने के बाद डीआरआई ने उन पर फेमा और सीमा शुल्क कानून के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और मामले को सीमा शुल्क विभाग के पास भेज दिया है।
सूत्रों ने कहा कि सीमा शुल्क विभाग ने दोनों पर 15-15 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, लेकिन उन लोगों ने अब तक इसका भुगतान नहीं किया है। ईवेंट प्रबंधक चित्रेश श्रीवास्तव और मुंबईClick here to see more news from this city दो विदेशी विनिमय कारोबारियों के खिलाफ जाँच जारी रहेगी। श्रीवास्तव फिलहाल हिरासत में हैं। डीआरआई ने 37 वर्षीय राहत और मारूफ से जब्त राशि के बारे में पूछताछ की है। साथ ही श्रीवास्तव के अलावा मामले से जड़े अन्य कई लोगों से भी पूछताछ की गई है।
इस बीच, एजेंसी के अधिकारियों ने मुंबई में ‘ऑनलाइन टेलीफिल्म और ईवेन्ट्स’ के परिसरों पर छापे मारे हैं। यह कंपनी श्रीवास्तव की है। जाँच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने कंपनी के पास से 51 लाख रुपए की नकदी के अलावा कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं, जो जाँच में मददगार हो सकते हैं।
राहत और मारूफ समेत उनकी 16 सदस्यीय टीम को जाँच अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। दल दुबई के रास्ते लाहौर जा रहा था। राहत से डीआरआई के अधिकारियों ने गुरुवार को 10 घंटे तक पूछताछ की। (भाषा)
संबंधित जानकारी
चीन में भी हुई प्रदर्शन की कोशिश
रिपोर्टों के अनुसार वांगफूजिंगशॉपिंग स्ट्रीट पर एक फास्ट फूड रेस्तरां के सामने सैकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए लेकिन सरकारी समाचार एजेंसी शिनहुआ ने कहा है कि पुलिस ने उन्हें एक घंटे बाद तितर बितर कर दिया. कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है.
शंघाई में कुछ लोग एक चौराहे पर इकट्ठा हुए. एक व्यक्ति ने भाषण देना शुरू किया लेकिन पुलिस के आने पर गायब हो गया. शंघाई में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया. हॉन्गकॉन्ग स्थित सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रैसी ने कहा है कि 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया गया है या हिरासत में ले लिया गया है.
चीन के सरकारी विरोधियों ने इंटरनेट पर रविवार दो बजे 13 शहरों में प्रदर्शन और जैसमीन क्रांति का आह्वान किया था. प्रदर्शनों की पहल करने वालों का पता नहीं है और यह भी पता नहीं चला है कि कितने लोगों ने अपील का पालन किया. समझा जा रहा है कि निर्वासन में रहने वाले चीनी ग्रुपों ने प्रदर्शन की अपील की थी. इसमें चीन में एक दलीय व्यवस्था को समाप्त करने के अलावा आजादी, न्याय, राजनीतिक सुधारों और बेहतर जीवन परिस्थितियों की मांग की गई थी.
शनिवार को चीन के राष्ट्रपति और पार्टी प्रमुख हू जिनताओ ने मंत्रालयों और प्रांतीय सरकारी अधिकारियों से मुलाकात में समाज की समरसता और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाली समस्याओं को सुलझाने की अपील की.
रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा
संपादन: वी कुमार
पहले अपनी संपत्ति का ब्यौरा दो योग गुरू : दिग्विजय सिंह
गुना।लगता है राजनीति की डगर बाबा रामदेव के लिए आसान नहीं होने वाली है। तभी तो उन्होंने राजनीति में आने की मंशा क्या जाहिर की उन पर राजनैतिक वार होना शुरू हो गया है। अभी अऱूणाचल प्रदेश में कांग्रेस सांसद द्वारा उन्हें आपत्तिसूचक शब्द कहने का मसला तो सुलझा नहीं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बेबाक बयानबाजी के विशेषज्ञ राजा दिग्विजय सिंह ने योग गुरू पर निशाना साध दिया।
पढ़े : कांग्रेस सांसद ने रामदेव पर की आपत्तिजनक टिप्पणी
कांग्रेस सांसद की टिप्पणी पर जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया तो उन्होंने सांसद की बात पर ध्यान ना देते हुए योग गुरू की संपत्ति पर सवाल खड़ा कर दिया। दिग्गी राजा ने कहा कि बाबा रामदेव को काले धन के मामले पर सवाल खड़े करने से पहले अपनी संपत्ति और आय का लिखित ब्यौरा जनता के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि हमें भी पता चले कि योग के नाम पर उनके पास करोड़ो रूपये कहां से आ गये?
अगर बाबा रामदेव राजनीति में आना चाहते है तो खुले तौर पर आये और इस तरह से बेबाक बयानबाजी बंद करें। वरना अपने योग साधनों तक ही सीमित रहें। गौरतलब है कि योग गुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को एक कांग्रेस सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।
दरअसल बाबा रामदेव भ्रष्टाचार और विदेशी बैंकों में जमा काले धन के मुद्दे पर राष्ट्रीय अभियान चला रहे हैं और इसी के तहत वह शनिवार को अरूणाचल प्रदेश में थे। कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा किया तो उस दौरान वहां उपस्थित कांग्रेस के सांसद निनांग एरिंग ने उन पर आपत्ति टिप्पणी की थी।
पढ़े : कांग्रेस सांसद ने रामदेव पर की आपत्तिजनक टिप्पणी
कांग्रेस सांसद की टिप्पणी पर जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया तो उन्होंने सांसद की बात पर ध्यान ना देते हुए योग गुरू की संपत्ति पर सवाल खड़ा कर दिया। दिग्गी राजा ने कहा कि बाबा रामदेव को काले धन के मामले पर सवाल खड़े करने से पहले अपनी संपत्ति और आय का लिखित ब्यौरा जनता के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि हमें भी पता चले कि योग के नाम पर उनके पास करोड़ो रूपये कहां से आ गये?
अगर बाबा रामदेव राजनीति में आना चाहते है तो खुले तौर पर आये और इस तरह से बेबाक बयानबाजी बंद करें। वरना अपने योग साधनों तक ही सीमित रहें। गौरतलब है कि योग गुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को एक कांग्रेस सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।
दरअसल बाबा रामदेव भ्रष्टाचार और विदेशी बैंकों में जमा काले धन के मुद्दे पर राष्ट्रीय अभियान चला रहे हैं और इसी के तहत वह शनिवार को अरूणाचल प्रदेश में थे। कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा किया तो उस दौरान वहां उपस्थित कांग्रेस के सांसद निनांग एरिंग ने उन पर आपत्ति टिप्पणी की थी।
English summary
Baba Ramdev, Please Disclose Your Property in front of Indian mass says Digvijay Singh in Guna.
गद्दाफ़ी के पुत्र की गृह युद्ध की चेतावनी
लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी की सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन बेनग़ाज़ी से राजधानी त्रिपोली तक फैल गए हैं. सड़कों पर गोलीबारी की आवाज़े सुनी जा सकती हैं और थानों समेत कई इमारतों को आग लगा दी गई है.
इस बीच कर्नल गद्दाफ़ी के एक पुत्र सैफ़ अल इस्लाम ने लीबिया के सरकारी टीवी पर देश को संबोधित करते हुए चेतावनी दी है कि यदि ये परिस्थितयाँ जारी रहीं तो देश में गृह युद्ध, विभाजन और हिंसक संघर्ष होगा जो लीबिया ग़रीबी और भुखमरी की ओर धकेल देगा.ग़ौरतलब है कि पहले ट्यूनिशिया और 11 फ़रवरी को मिस्र में लोकतंत्र समर्थकों के प्रदर्शनों से हुए सत्ता परिवर्तन के बाद अरब जगत में कई जगह प्रदर्शन शुरु हो गए हैं.
अरब जगत में बहरीन, यमन, मोरोक्को और अलजीरिया में प्रदर्शन हो रहे हैं. यही नहीं, ईरान में भी राजधानी तेहरान समेत कुछ शहरों में लोगों ने प्रदर्शन करने की कोशिश की है. पूर्व राष्ट्रपति अक़बर हाशमी रफ़सनजानी की बेटी और सांसद फ़ाज़ेह हाशमी को गिरफ़्तार किया गया और फिर रिहा कर दिया गया.
स्थिति चिंताजनक: अमरीका
लीबिया ट्यूनिशिया या मिस्र नहीं है. विदेशों में रह रहे विपक्षी तत्व मिस्र जैसी फ़ेसबुक क्रांति लाने के प्रयास कर रहे हैं. सुरक्षाकर्मियों ने उनकी साज़िश नाकाम कर दी है. सैनिकों ने गोलियाँ इसलिए चलाईं क्योंकि वे नागरिकों के प्रदर्शनों का सामना करने में प्रशिक्षित नहीं हैं. लीबिया की सेना बहुत अच्छी हालत में है और हज़ारों कबायली नेता गद्दाफ़ी और राजधानी की हिफ़ाज़त के लिए त्रिपोली पहुँच रहे हैं. लीबिया और उसकी क़ौम का भविष्य दांव पर है और मैं और मेरा परिवार अंत तक लड़ेंगे
सैफ़ गद्दाफ़ी
उधर अरब लीग में लीबिया के दूत अब्देल मोनिम अल होनी ने घोषणा की है कि 'प्रदर्शनकारियों के दमन और उनके ख़िलाफ़ हुई हिंसा' का विरोध करने के लिए वे 'क्रांति का हिस्सा' बनने जा रहे हैं.
अमरीका ने लीबिया में हिंसा की निंदा की है और सरकार के अनुरोध किया है कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की इजाज़त दे. बीबीसी संवाददाता टोन बर्रिज के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसे लीबिया की स्थिति पर गंभीर चिंता है.
अमरीकी अधिकारियों ने लीबिया के विदेश मंत्री से बात की है और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा पर आपत्ति जताई है.
'गद्दाफ़ी देश में हैं, अंत तक लड़ेगें'
सैफ़ अल इस्लाम गद्दाफ़ी ने अपने संबोधन में कहा, "बेनग़ाज़ी पर विपक्ष का कब्ज़ा हो गया है और चरमपंथियों ने घोषणा की है कि देश का तीसरा बड़ा शहर अल बायदा इस्लामी अमीरात बन गया है. बैदा में केवल 14 लोग मारे गए थे और बेनग़ाज़ी में 80 लोग मरे थे. यदि ये स्थिति बनी रहती है तो देश में गृह युद्ध, विभाजन, मौतें और हिंसक संघर्ष होगा. इससे तेल और गैस के भंडार नष्ट हो जाएँगे और देश ग़रीबी और भुखमरी का शिकार हो जाएगा."सैफ़ गद्दाफ़ी ने चेताया कि सेना अच्छी हालत में है और कबायली नेता गद्दाफ़ी के समर्थन में पहुँच रहे हैं
सैफ़ अल इस्लाम ने कहा, "लीबिया की सेना बहुत अच्छी हालत में है और हज़ारों कबायली नेता गद्दाफ़ी और राजधानी की हिफ़ाज़त के लिए त्रिपोली पहुँच रहे हैं. लीबिया और उसकी क़ौम का भविष्य दांव पर है और मैं और मेरा परिवार अंत तक लड़ेगे."
सैफ़ गद्दाफ़ी के संबोधन से कुछ ही देर पहले तक त्रिपोली में प्रदर्शनकारियों के नारे गूँज रहे थे. सूत्रों के मुताबिक कम से कम एक पुलिस थाने और सत्ताधारी पार्टी की एक इमारत को आग लगा दी गई थी.
लीबिया के बारे जानकारी
- कर्नल गद्दाफ़ी वर्ष 1969 से सत्ता में हैं.
- प्रदर्शनकारी गद्दाफ़ी के गद्दी छोड़ने और लोकतंत्र के पक्ष में हैं.
- अल बैदा, बेनग़ाज़ी, तोब्रुक और अब त्रिपोली तक फैल गए हैं.
- लीबिया की जनसंख्या 65 लाख है, साक्षरता 88 प्रतिशत है.
- जनसंख्या की औसत उम्र 24.2 साल है.
- प्रति व्यक्ति औसत वर्षिक आमदनी 12 हज़ार डॉलर (विश्व बैंक).
बेनग़ाज़ी, तोब्रुक, अल बायदा में प्रदर्शन
पूर्वी लीबिया में स्थित बेनग़ाज़ी शहर पर प्रदर्शनकारियों का कब्ज़ा हो गया है. वहाँ पिछले कई दिनों से हिंसक प्रदर्शन हो रहे थे और सेना ने मशीन-गनों से प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी.बेनग़ाज़ी के अस्पतालों में अब भी हताहतों को लाया जा रहा है. एक डॉक्टर ने कहा कि रविवार दोपहर तक वहाँ 50 शव लाए गए थे.
राजधानी त्रिपोली से 40 किलोमीटर पश्चिम में स्थित शहर अज़ ज़ाविया से एक नागरिक ने बीबीसी को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने गद्दाफ़ी प्रशासन से जुड़ी कई इमारतों को आग लगा दी जिनमें लीबियाई नेताओं के गेस्ट हाउस शामिल हैं.
प्रदर्शन तोब्रुक और अल बायदा में भी हो रहे हैं.
लीबिया से पुष्ट जानकारी पाना मुश्किल हो गया है क्योंकि वहाँ विदेशी पत्रकारों को त्रिपोली के बाहर जाने की इजाज़त नहीं है. साथ ही, सरकार ने इंटरनेट और अन्य मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिए हैं.
कसाब की किस्मत का फैसला आज
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट मुंबई हमलों के मामलों में दोषी ठहराए गए पाकिस्तानी आतंकी अजमल आमिर कसाब की किस्मत का फैसला आज करेगा। नौ महीने पहले उसे मुंबई हमलों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट के आस-पास सुरक्षा घेर बहुत मजबूत कर दिया गया है और कोर्ट के कक्ष क्रमांक 49 में प्रवेश करने के लिए मीडियाकर्मियों को विशेष पास जारी किए गए है।
कसाब के वकील फरहाना शान ने कहा कि वह बहुत कमजोर और थका हुआ लगता है। शायद वह स्वस्थ्य नहीं है। वह मुश्किल से किसी से बात करता है और उसकी वे आदते बदल गई हैं, जिसके लिए वह जाना जाता है। शाह ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा सोमवार को मुंबई हाईकोर्ट में कसाब की पेशी को लेकर शनिवार को ऑर्थर रोड स्थित सेंट्रल जेल में उससे छोटी सी मुलाकात की थी। फरहाना ने कहा कि कसाब बहुत गुमसुम, हतोत्साहित और उदास दिख रहा था।
फरहाना ने कहा कि वह कोई अखबार चाहता था लेकिन मेरे पास अखबार नहीं था। उसका घमंड गायब हो गया है। जब मैंने उससे कहा कि फैसले के समय वीडियो कैमरे के सामने उसे मौजूद रहना है, तो वह तुरंत तैयार हो गया। उसके पूर्व के स्वभाव में यह बडा बदलाव था। इसके पहले एक शुरूआती सुनवाई के दौरान उसने हिंसक रूख दिखाया था। उसने तब वीडियो कैमरे पर थूक दिया था।
उसने फांसी की सजा को अस्वीकार कर दिया था और खुद को अमेरिका भेजने की मांग की थी। अब इंजार, न्यायमूर्ति रंजना देसाई और न्यायमूर्ति आर.वी.मोरे की खण्पीठ के फैसले का है कि कसाब के खिलाफ सुनाए गए मृतयुदंड पर मुहर लगाई जाती है या नहीं।
कसाब के वकील फरहाना शान ने कहा कि वह बहुत कमजोर और थका हुआ लगता है। शायद वह स्वस्थ्य नहीं है। वह मुश्किल से किसी से बात करता है और उसकी वे आदते बदल गई हैं, जिसके लिए वह जाना जाता है। शाह ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा सोमवार को मुंबई हाईकोर्ट में कसाब की पेशी को लेकर शनिवार को ऑर्थर रोड स्थित सेंट्रल जेल में उससे छोटी सी मुलाकात की थी। फरहाना ने कहा कि कसाब बहुत गुमसुम, हतोत्साहित और उदास दिख रहा था।
फरहाना ने कहा कि वह कोई अखबार चाहता था लेकिन मेरे पास अखबार नहीं था। उसका घमंड गायब हो गया है। जब मैंने उससे कहा कि फैसले के समय वीडियो कैमरे के सामने उसे मौजूद रहना है, तो वह तुरंत तैयार हो गया। उसके पूर्व के स्वभाव में यह बडा बदलाव था। इसके पहले एक शुरूआती सुनवाई के दौरान उसने हिंसक रूख दिखाया था। उसने तब वीडियो कैमरे पर थूक दिया था।
उसने फांसी की सजा को अस्वीकार कर दिया था और खुद को अमेरिका भेजने की मांग की थी। अब इंजार, न्यायमूर्ति रंजना देसाई और न्यायमूर्ति आर.वी.मोरे की खण्पीठ के फैसले का है कि कसाब के खिलाफ सुनाए गए मृतयुदंड पर मुहर लगाई जाती है या नहीं।
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